चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद जताई निवेश की संभावना; परियोजनाओं की व्यवहार्यता जांचने के बाद होगा अंतिम फैसला, हजारों रोजगार का दावा
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में बड़े औद्योगिक निवेश की संभावनाओं के बीच वेदांता समूह बिजली उत्पादन और एल्युमीनियम निर्माण से जुड़ी परियोजनाओं पर 70,000 करोड़ से 80,000 करोड़ रुपये तक निवेश करने पर विचार कर रहा है। समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने बुधवार को कोलकाता में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित परियोजनाओं की व्यवहार्यता का आकलन किया जाएगा और राज्य सरकार से आवश्यक सहयोग तथा समय पर मंजूरी मिलने पर इन्हें अगले तीन साल में शुरू करने की संभावना है।
अग्रवाल ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद कहा कि समूह पश्चिम बंगाल में निवेश के अवसर तलाशेगा। उनके अनुसार, प्रस्तावित परियोजनाओं से हजारों रोजगार पैदा हो सकते हैं। हालांकि, अभी यह अंतिम निवेश निर्णय नहीं है; इसके लिए संसाधनों, बुनियादी ढांचे और सरकारी मंजूरियों का आकलन किया जाना बाकी है।
आसनसोल क्यों है संभावित ठिकाना?
वेदांता समूह पश्चिम बर्दवान जिले के आसनसोल को संभावित औद्योगिक केंद्र के रूप में देख रहा है। इसकी वजह क्षेत्र में कोयले की उपलब्धता और समूह की मौजूदा संपत्तियां बताई गई हैं। अग्रवाल के मुताबिक, वेदांता के पास इस इलाके में करीब 300 एकड़ जमीन है, जिसे प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए इस्तेमाल करने की संभावना पर विचार किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त जमीन की आवश्यकता भी हो सकती है।
अंतिम निर्णय से पहले समूह कोयले और पानी की उपलब्धता, मौजूदा बुनियादी ढांचे, परिवहन सुविधा और परियोजनाओं की व्यवहार्यता का आकलन करेगा। इन पहलुओं के साथ सरकारी मंजूरियों की समयसीमा भी महत्वपूर्ण होगी।

ओडिशा से आएगा एल्युमिना
प्रस्तावित एल्युमीनियम संयंत्र के लिए कच्चे माल की आपूर्ति योजना का अहम हिस्सा है। अग्रवाल ने बताया कि एल्युमीनियम उत्पादन में इस्तेमाल होने वाला एल्युमिना ओडिशा स्थित समूह की इकाइयों से पश्चिम बंगाल लाया जा सकता है। मौजूदा रेल संपर्क से इसकी ढुलाई में मदद मिलने की उम्मीद है।
समूह का कहना है कि बिजली उत्पादन और एल्युमीनियम निर्माण से जुड़ी परियोजनाएं राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा दे सकती हैं। इसके साथ ही बड़े संयंत्र के आसपास सहायक उद्योगों और छोटी औद्योगिक इकाइयों के विकास की संभावना भी है।
छोटे उद्यमियों को भी मिल सकता है मौका
अग्रवाल ने कहा कि एल्युमीनियम संयंत्र के आसपास छोटे और मझोले उद्यमों के लिए भी अवसर बन सकते हैं। उनके अनुसार, सहायक उद्योगों में पांच करोड़ से 50 करोड़ रुपये तक निवेश करने वाले उद्यमी अपनी इकाइयां स्थापित कर सकते हैं। इससे बड़े निवेश के साथ स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं और छोटे कारोबारों को भी लाभ मिलने की संभावना है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने निवेशकों को राज्य में उद्योग स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया है। सरकार का जोर औद्योगिक मंजूरियों में तेजी लाने और निवेशकों को सहयोग देने पर है। हालांकि, किसी परियोजना की घोषणा और उसके जमीन पर उतरने के बीच व्यवहार्यता अध्ययन, वित्तीय निर्णय और अनुमति जैसी प्रक्रियाएं पूरी करनी होती हैं।

10 हजार रोजगार का दावा, लेकिन परियोजना का अंतिम खाका बाकी
मुख्यमंत्री ने एक औद्योगिक परियोजना के संदर्भ में आसनसोल में करीब 10 हजार प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना का भी उल्लेख किया है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में इस दावे से संबंधित परियोजना का पूरा खाका, समयसीमा और निवेश का अंतिम स्वरूप स्पष्ट नहीं है। इसे वेदांता की 70,000–80,000 करोड़ रुपये की संभावित योजना से जोड़कर निश्चित तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना अभी उचित नहीं होगा।
यदि वेदांता का प्रस्ताव आगे बढ़ता है, तो यह पश्चिम बंगाल में बिजली और एल्युमीनियम उद्योग के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम हो सकता है। लेकिन वास्तविक निवेश, रोजगार की संख्या और परियोजना शुरू होने का समय अंतिम निर्णय तथा आवश्यक मंजूरियों के बाद ही स्पष्ट होगा।
