पटना: जदयू से मोकामा विधायक अनंत सिंह की विदाई के बाद अब उनकी पत्नी और पूर्व विधायक नीलम देवी पर भी कार्रवाई हुई है। उन्हें राज्य स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की सदस्यता से हटा दिया गया है। समिति से निष्कासन के साथ ही उन्हें मिलने वाला राज्य मंत्री का दर्जा और उससे जुड़ी सरकारी सुविधाएं भी समाप्त हो जाएंगी। यह फैसला हालिया विधान परिषद चुनाव के दौरान अनंत सिंह के पार्टी नेतृत्व से अलग रुख अपनाने के बाद सामने आया है।
राजनीतिक घटनाक्रम को देखते हुए नीलम देवी को समिति से हटाने के फैसले को अनंत सिंह प्रकरण की अगली कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, इस कार्रवाई का औपचारिक असर समिति की सदस्यता पर है, जबकि इसके राजनीतिक मायने इससे कहीं व्यापक माने जा रहे हैं। इससे अनंत सिंह परिवार की पार्टी और सरकार से जुड़ी राजनीतिक स्थिति पर एक और प्रभाव पड़ा है।
विधान परिषद चुनाव में शुरू हुआ था विवाद
दरअसल, हाल में हुए विधान परिषद चुनाव के दौरान मोकामा विधायक अनंत सिंह ने जदयू के अधिकृत उम्मीदवार नीरज कुमार के बजाय निर्दलीय प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन किया था। इस रुख को पार्टी नेतृत्व के लिए असहज स्थिति के तौर पर देखा गया। चुनावी प्रक्रिया के दौरान अनंत सिंह की ओर से जदयू के वरिष्ठ नेताओं, खासकर नीरज कुमार के खिलाफ बयानबाजी भी सामने आई थी।
पार्टी लाइन से अलग जाने और नेतृत्व के खिलाफ लगातार मुखर रहने के बाद जदयू ने अनंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई की। इसके बाद अब नीलम देवी की समिति सदस्यता समाप्त किए जाने से यह राजनीतिक विवाद एक नए चरण में पहुंच गया है। कार्रवाई के फैसले ने यह संकेत जरूर दिया है कि पार्टी नेतृत्व संगठनात्मक अनुशासन से जुड़े मामलों को गंभीरता से ले रहा है।

मई में समिति की सदस्य बनी थीं नीलम देवी
नीलम देवी को इसी वर्ष मई में राज्य स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति का सदस्य मनोनीत किया गया था। यह समिति मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में गठित की गई थी। समिति में कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी के पास है। नीलम देवी समेत इसमें कुल 14 सदस्य शामिल थे।
समिति के सदस्यों को राज्य मंत्री का दर्जा दिए जाने की व्यवस्था के कारण नीलम देवी की सदस्यता समाप्त होने का सीधा असर उनके सरकारी प्रोटोकॉल और सुविधाओं पर भी पड़ेगा। अब समिति से बाहर होने के बाद उन्हें मिलने वाला राज्य मंत्री का दर्जा समाप्त हो जाएगा और उससे जुड़ी सुविधाएं भी वापस ली जाएंगी।
राजनीतिक और सरकारी भूमिका पर असर
नीलम देवी पूर्व विधायक हैं और अनंत सिंह की पत्नी होने के कारण बिहार की राजनीति में उनका नाम लगातार चर्चा में रहा है। समिति में सदस्य बनाए जाने के बाद उन्हें एक महत्वपूर्ण सरकारी दायित्व मिला था। अब उस पद से हटाए जाने के बाद अनंत सिंह परिवार की राजनीतिक और सरकारी स्तर पर मौजूदगी को एक और झटका लगा है।
विधान परिषद चुनाव से शुरू हुआ विवाद अब पार्टी संगठन के साथ-साथ सरकारी पदों तक भी असर डालता दिखाई दे रहा है। पहले अनंत सिंह पर जदयू ने कार्रवाई की और अब उनकी पत्नी की समिति सदस्यता समाप्त कर दी गई है। इस पूरे घटनाक्रम को बिहार की सियासत में पार्टी अनुशासन बनाम व्यक्तिगत राजनीतिक रुख से जुड़े विवाद के तौर पर देखा जा रहा है।

फिलहाल नीलम देवी को समिति से हटाने के बाद उनके राज्य मंत्री दर्जे और संबंधित सुविधाओं की वापसी की प्रक्रिया भी इसी निर्णय का हिस्सा होगी। राजनीतिक हलकों में इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज है, क्योंकि इससे अनंत सिंह परिवार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर सीधे असर पड़ा है। आने वाले दिनों में इस घटनाक्रम का पार्टी और संबंधित राजनीतिक समीकरणों पर क्या प्रभाव पड़ता है, इस पर भी नजर रहेगी।
