नवादा: पति की हत्या की साजिश रचने और उसे अंजाम दिलाने के मामले में अदालत ने पत्नी को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश नवम आनंद भूषण की अदालत ने सोमवार को रोह थाना क्षेत्र के बारापांडेय गांव निवासी सरिता देवी को यह सजा सुनाई। अदालत ने दोषी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक राम प्रताप लाल ने पक्ष रखा।
यह मामला रोह थाना कांड संख्या 81/24 से संबंधित है। अभियोजन के अनुसार घटना मार्च 2024 की है। 9 मार्च की शाम सरिता देवी का पति सुनील रजक घर में काम होने की बात कहकर बाहर निकला था। इसके बाद वह देर रात तक वापस नहीं लौटा। परिजनों को उसके घर नहीं लौटने की जानकारी भी नहीं मिली। इसके तीन दिन बाद 12 मार्च को सुनील रजक का शव अनैला-सुंदरा सड़क किनारे एक बोरे में बंद हालत में बरामद किया गया।
शव मिलने के बाद दर्ज हुआ था मामला
सड़क किनारे बोरे में शव मिलने की सूचना के बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी सरिता देवी के बयान के आधार पर रोह थाना में प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को मृतक की पत्नी के संबंध एक अन्य व्यक्ति रजनीष कुमार से होने की जानकारी मिली। अभियोजन के मुताबिक, अनुसंधान में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर सरिता देवी पर आरोप लगा कि उसने रजनीष कुमार के साथ मिलकर पति सुनील रजक की हत्या की साजिश रची।
पुलिस के अनुसंधान के अनुसार हत्या के बाद शव को बोरे में बांधकर सड़क किनारे ठिकाने लगाया गया था। मामले की जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्य और गवाहों के बयान अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ अपना पक्ष रखा।

साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत का फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन की ओर से प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर विचार किया। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने सरिता देवी को पति की हत्या के मामले में दोषी माना और उम्रकैद तथा 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मामले में अन्य लोगों की कथित संलिप्तता से जुड़े हिस्से की सुनवाई फिलहाल दूसरे न्यायालय में लंबित है। इसलिए इस मामले में सुनाई गई सजा सरिता देवी से संबंधित है, जबकि अन्य आरोपियों के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया अलग अदालत में जारी है।
मार्च 2024 की घटना का अदालत में हुआ पटाक्षेप
सुनील रजक के घर से निकलने के बाद लापता होने और कुछ दिनों बाद सड़क किनारे बोरे में शव मिलने की घटना ने पुलिस जांच का आधार तैयार किया था। शुरुआत में मृतक की पत्नी के बयान पर मामला दर्ज हुआ, लेकिन अनुसंधान के दौरान सामने आए तथ्यों और पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों ने मामले को हत्या की साजिश से जोड़ दिया। अदालत में हुई सुनवाई के बाद अब सरिता देवी को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
