बेगूसराय। शहर में आर्ट ऑफ लिविंग के नए केंद्र के रूप में विकसित किए गए श्री श्री नेचुरोपैथी एवं आयुर्वेद परिसर में मेडिटेशन हॉल के नवीनीकरण और सौंदर्यीकरण के बाद विशेष आयोजन किया गया। बेगूसराय आर्ट ऑफ लिविंग केंद्र से जुड़े इस कार्यक्रम में करीब 300 प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ भाग लिया। आयोजन में ध्यान, सत्संग और आध्यात्मिक गतिविधियों के साथ सेवा से जुड़े प्रयासों को भी प्रमुखता दी गई।
कार्यक्रम में स्वामी परमतेज जी और बोधगया से पहुंचे स्वामी सहजानंद जी की मौजूदगी रही। स्वामी सहजानंद जी के सत्संग में आध्यात्मिक जीवन, सकारात्मक सोच और ज्ञान से जुड़े विषयों पर विचार साझा किए गए। उपस्थित लोगों ने सत्संग को प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक बताया। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में मौजूद प्रतिभागियों के लिए यह सत्र आयोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
नए स्वरूप में तैयार हुआ मेडिटेशन हॉल
श्री श्री नेचुरोपैथी एवं आयुर्वेद परिसर में स्थित मेडिटेशन हॉल का नवीनीकरण और सौंदर्यीकरण किया गया है। आयोजन के दौरान हॉल की नई व्यवस्था और वातावरण को लेकर प्रतिभागियों में उत्साह देखा गया। आयोजकों का कहना है कि केंद्र के माध्यम से बेगूसराय में ज्ञान, ध्यान, योग और सेवा से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम में आर्ट ऑफ लिविंग से जुड़े नए और पुराने वॉलंटियर्स के साथ शहर के कई गणमान्य लोगों ने भी हिस्सा लिया। इनमें महापौर, उप महापौर, डॉक्टर, अधिवक्ता और बरौनी रिफाइनरी के महाप्रबंधक सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिष्ठित लोग शामिल रहे। अतिथियों ने मेडिटेशन हॉल की व्यवस्था, वातावरण और केंद्र की पहल की सराहना की।

स्वामी परमतेज और स्वामी सहजानंद की मौजूदगी रही प्रमुख
आयोजन में आध्यात्मिक सत्र को विशेष स्थान दिया गया। स्वामी परमतेज जी और स्वामी सहजानंद जी की मौजूदगी में हुए सत्संग में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में आध्यात्मिक जागरूकता और सकारात्मक जीवनशैली से जुड़े विचारों पर चर्चा हुई। उपस्थित लोगों ने सत्संग को उपयोगी बताते हुए इसकी सराहना की।
सेवासाधकों ने संभाली आयोजन की जिम्मेदारी
कार्यक्रम को सफल बनाने में कई सेवासाधकों और वॉलंटियर्स ने जिम्मेदारी निभाई। हरि ओम मनोहर, चंदन कुमार, अनंत कुमार, संजीत कुमार, राहुल कुमार, राकेश कुमार, आदित्य कुमार, बीरबल कुमार, दीपक कुमार और भगवान दास ने आयोजन की तैयारियों और व्यवस्थाओं में प्रमुख भूमिका निभाई। इनके साथ अन्य सेवासाधकों ने भी विभिन्न स्तरों पर सहयोग किया।
आयोजन से जुड़े लोगों के अनुसार, कार्यक्रम की तैयारियों, अतिथियों के स्वागत और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर सेवासाधकों ने सामूहिक रूप से काम किया। नए और पुराने वॉलंटियर्स की भागीदारी से कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप देने में मदद मिली।
बेगूसराय में ध्यान और योग गतिविधियों को विस्तार देने की पहल
नए केंद्र के जरिए बेगूसराय में ध्यान, योग और आध्यात्मिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की पहल की जा रही है। आयोजकों के अनुसार, केंद्र को ऐसा स्थान विकसित करने का प्रयास है, जहां लोग नियमित रूप से ध्यान, ज्ञान और सेवा से जुड़ी गतिविधियों में भाग ले सकें।

कार्यक्रम में शामिल अतिथियों और प्रतिभागियों ने मेडिटेशन हॉल के नए स्वरूप और आयोजन की व्यवस्थाओं की सराहना की। आयोजकों ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में यह केंद्र बेगूसराय में ध्यान और आध्यात्मिक गतिविधियों के विस्तार में अपनी भूमिका निभाएगा।
