भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज के लिए यशस्वी जायसवाल को टीम में जगह नहीं दिए जाने पर नाराजगी जताई है। अश्विन ने इस फैसले को “बहुत अनुचित” बताते हुए कहा कि प्रतिभाशाली युवा बल्लेबाज को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मौके मिलते रहना जरूरी है। खासकर तब, जब कप्तान शुभमन गिल आखिरी दो वनडे मुकाबलों के लिए उपलब्ध नहीं होंगे।
अश्विन ने चयनकर्ताओं के फैसले पर क्यों उठाए सवाल?
अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर चर्चा के दौरान कहा कि गिल के अंतिम दो वनडे से बाहर रहने की स्थिति में जायसवाल को मौका दिया जा सकता था। उनके मुताबिक, जायसवाल लगातार रन बनाने की क्षमता दिखा चुके हैं और उन्हें टीम के साथ बनाए रखना चयनकर्ताओं तथा टीम प्रबंधन की जिम्मेदारी है। अश्विन को आशंका है कि लगातार मौके नहीं मिलने से खिलाड़ी के आत्मविश्वास और विकास पर असर पड़ सकता है।
अश्विन ने यह भी माना कि जायसवाल को आगामी टेस्ट सीरीज की तैयारी करनी है, लेकिन उनके अनुसार इससे वनडे में अवसर देने की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं होनी चाहिए थी। उन्होंने सुझाव दिया कि चयनकर्ता खिलाड़ी से बातचीत कर उसकी तैयारी और उपलब्धता के आधार पर फैसला कर सकते थे।
जायसवाल का पिछला वनडे प्रदर्शन
24 वर्षीय बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने जून में अफगानिस्तान के खिलाफ अपनी पिछली वनडे पारी में 86 गेंदों पर नाबाद 110 रन बनाए थे। भारत ने वह वनडे सीरीज 3-0 से जीती थी। इस प्रदर्शन के बावजूद उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ घोषित सीनियर वनडे टीम में जगह नहीं मिली है।

जायसवाल को न्यूजीलैंड दौरे से पहले भारत ए की रेड-बॉल टीम में शामिल किया गया है। भारत ए का तीन मैचों का रेड-बॉल कार्यक्रम 26 अक्टूबर से लिंकन में शुरू होना है। यह दौरा आगामी टेस्ट मुकाबलों की तैयारी का हिस्सा है।
न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत की वनडे योजना
भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की वनडे सीरीज 4 नवंबर से शुरू होने वाली है। चयनकर्ताओं ने सीरीज के लिए दो अलग-अलग टीमों की घोषणा की है। शुरुआती तीन मैचों में शुभमन गिल कप्तानी करेंगे, जबकि आखिरी दो मुकाबलों में श्रेयस अय्यर टीम की कमान संभालेंगे। इस व्यवस्था में खिलाड़ियों को टेस्ट सीरीज से पहले आराम और तैयारी का अवसर देने की रणनीति भी शामिल है।
जायसवाल को टीम में शामिल नहीं किए जाने के बीच कुमार कुशाग्र को वनडे टीम में पहली बार मौका मिला है। चयन में नए खिलाड़ियों को अवसर देने और आने वाले बड़े टूर्नामेंटों के लिए विकल्प तैयार करने का पहलू भी अहम है। हालांकि, अश्विन की आपत्ति यह है कि टीम संयोजन और भविष्य की तैयारी के बीच जायसवाल जैसे प्रतिभाशाली बल्लेबाज को अंतरराष्ट्रीय मैच अभ्यास से दूर नहीं रखा जाना चाहिए।
2027 वनडे विश्व कप की तैयारी से जुड़ा सवाल
अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप को देखते हुए भारत के लिए मजबूत शुरुआती बल्लेबाजी विकल्प तैयार करना महत्वपूर्ण होगा। जायसवाल ने सीमित वनडे अवसरों में प्रभाव छोड़ा है, लेकिन नियमित मौके न मिलने से उनके प्रदर्शन का आकलन करना कठिन हो सकता है। अश्विन की टिप्पणी इसी व्यापक बहस को सामने लाती है कि चयनकर्ता युवा खिलाड़ियों को कैसे विकसित करें और अलग-अलग प्रारूपों की जरूरतों के बीच संतुलन कैसे बनाएं।

हालांकि, चयन से बाहर रहने का अर्थ यह नहीं है कि जायसवाल के लिए भविष्य के दरवाजे बंद हो गए हैं। भारत ए के साथ रेड-बॉल क्रिकेट उन्हें टेस्ट तैयारी और प्रतिस्पर्धी मैच अभ्यास का अवसर देगा। अब नजर इस बात पर रहेगी कि आगामी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में उन्हें वनडे प्रारूप में अगला मौका कब मिलता है।
