जमुहार स्थित गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के सहयोग से एग्रो ऑटोमेटेड वेदर मॉनिटरिंग स्टेशन की स्थापना, कृषि शिक्षा, शोध और किसानों के लिए उपयोगी होंगे मौसम संबंधी आंकड़े
डेहरी आन सोन, रोहतास। जमुहार स्थित गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय (GNSU) में कृषि शिक्षा, अनुसंधान और किसानों को मौसम आधारित जानकारी उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। विश्वविद्यालय के नारायण कृषि विज्ञान संस्थान के सफल प्रयास और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, पटना के सहयोग से परिसर में कृषि स्वचालित मौसम निगरानी केंद्र (एग्रो ऑटोमेटेड वेदर मॉनिटरिंग स्टेशन) की स्थापना की गई है।
कृषि स्वचालित मौसम निगरानी केंद्र का औपचारिक उद्घाटन सोमवार को विश्वविद्यालय के प्रति-कुलाधिपति गोविंद नारायण सिंह और भारत मौसम विज्ञान विभाग, पटना के निदेशक एवं वैज्ञानिक-डी आशीष कुमार ने संयुक्त रूप से किया। इस केंद्र की स्थापना को कृषि शिक्षा और अनुसंधान को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मौसम के आंकड़ों से कृषि शिक्षा और अनुसंधान को मिलेगा बढ़ावा
उद्घाटन के दौरान आशीष कुमार ने कहा कि इस मौसम निगरानी केंद्र के माध्यम से कृषि शिक्षा, अनुसंधान और किसानों को मौसम संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। केंद्र से सापेक्ष आर्द्रता, वर्षा, हवा की गति, तापमान सहित विभिन्न मौसम संबंधी आंकड़े नियमित रूप से प्राप्त किए जा सकेंगे।

इन आंकड़ों का उपयोग कृषि एवं मौसम विज्ञान से जुड़े शोध कार्यों, मौसम के विश्लेषण और किसानों के हित में उपयोगी कृषि संबंधी जानकारियां तैयार करने में किया जा सकेगा। इससे विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध वास्तविक मौसम संबंधी आंकड़ों का अध्ययन करने का अवसर मिलेगा।
किसानों के लिए भी उपयोगी होगा मौसम निगरानी केंद्र
कृषि स्वचालित मौसम निगरानी केंद्र का लाभ विश्वविद्यालय परिसर तक सीमित नहीं रहेगा। इसके आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले किसानों के लिए भी मौसम संबंधी सटीक जानकारी उपयोगी साबित हो सकती है। मौसम की परिस्थितियों और पूर्वानुमान के आधार पर किसान अपनी कृषि गतिविधियों की बेहतर योजना बना सकेंगे।
मौसम संबंधी जानकारी के आधार पर किसान बुआई, सिंचाई, उर्वरकों के प्रयोग, कीट एवं रोग प्रबंधन और फसलों की कटाई जैसे महत्वपूर्ण निर्णय अधिक प्रभावी ढंग से ले सकते हैं। विशेष रूप से प्रतिकूल मौसम की परिस्थितियों की जानकारी पहले मिलने से संभावित नुकसान को कम करने और कृषि कार्यों की योजना तैयार करने में मदद मिल सकती है।
विद्यार्थियों को मिलेगा वास्तविक आंकड़ों के अध्ययन का अवसर
विश्वविद्यालय के प्रति-कुलाधिपति गोविंद नारायण सिंह ने केंद्र की स्थापना को कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान को व्यावहारिक और आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि मौसम निगरानी केंद्र के माध्यम से कृषि के विद्यार्थियों को वास्तविक मौसम संबंधी आंकड़ों के अध्ययन और विश्लेषण का अवसर मिलेगा।

इससे विद्यार्थियों की तकनीकी समझ, विश्लेषण क्षमता और अनुसंधान कौशल विकसित करने में मदद मिलेगी। साथ ही, कृषि और मौसम के बीच संबंधों को व्यावहारिक रूप से समझने में भी विद्यार्थियों को सुविधा होगी।
उद्घाटन समारोह में ये लोग रहे मौजूद
कृषि स्वचालित मौसम निगरानी केंद्र के उद्घाटन समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जगदीश सिंह, कुलसचिव प्रो. आलोक कुमार, एनएमसीएच के महाप्रबंधक अस्पताल संचालन उपेंद्र कुमार सिंह, नारायण कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. एच.के. सिंह, संदीप कुमार, मौसम विज्ञानी, मौसम विज्ञान केंद्र, पटना तथा विश्वविद्यालय के सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी भूपेंद्र नारायण सिंह सहित संस्थान के अन्य शिक्षण एवं गैर-शिक्षण संकाय सदस्य उपस्थित रहे।
कृषि स्वचालित मौसम निगरानी केंद्र की स्थापना से जीएनएसयू में कृषि शिक्षा और अनुसंधान को स्थानीय मौसम संबंधी आंकड़ों का आधार मिलेगा। साथ ही, किसानों तक मौसम आधारित कृषि सलाह पहुंचाने और बदलती मौसम परिस्थितियों के अनुरूप कृषि गतिविधियों की योजना बनाने में भी यह केंद्र उपयोगी भूमिका निभा सकता है।
