240 लीटर चोरी का डीजल बरामद, कई महीनों से चल रहे खेल का हुआ खुलासा
Nalanda News: हरनौत रेलवे वर्कशॉप परिसर में रेल इंजन से डीजल चोरी करने के मामले का खुलासा हुआ है। रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने 240 लीटर चोरी के डीजल के साथ एक रेलकर्मी और निजी कंपनी के सुपरवाइजर समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
जब्त डीजल की अनुमानित बाजार कीमत करीब 24 हजार रुपये बताई गई है। मामले में रेलवे संपत्ति की चोरी से संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
गोदाम में ड्रम में पलट रहे थे डीजल
निरीक्षक प्रभारी संजीव कुमार के अनुसार, शनिवार शाम करीब 4:30 बजे सूचना मिली कि रेलवे वर्कशॉप के अंदर इंजन से निकाला गया डीजल निजी कंपनी के गोदाम में छिपाया जा रहा है। सूचना के आधार पर सहायक उपनिरीक्षक परवेज खान, आरक्षी राकेश कुमार और मनोहर लाल यादव के साथ शीट मेटल शॉप के दक्षिण में स्थित अग्रवाल इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड के गोदाम में छापेमारी की गई।

छापेमारी के दौरान दो मजदूर छोटे गैलनों से बड़े ड्रम में डीजल पलटते हुए पकड़े गए। पूछताछ में उनकी पहचान चंडी थाना क्षेत्र के बहादुरपुर गांव निवासी संजीव कुमार और हरनौत थाना क्षेत्र के चेरण गांव निवासी राहुल कुमार के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों ने डीजल रेलवे की पावर कार से चोरी किए जाने की बात स्वीकार की। इस डीजल का इस्तेमाल वर्कशॉप परिसर में चलने वाले हाइड़ा और अन्य वाहनों में किया जाता था।
रेलकर्मी और सुपरवाइजर की भूमिका का खुलासा
पूछताछ के दौरान मजदूरों ने आरोप लगाया कि वर्कशॉप की पेंट शॉप में तैनात रेलकर्मी अमन कुमार इंजन से डीजल निकालकर परिसर में छिपा देता था। इसके बाद निजी कंपनी का सुपरवाइजर राजेश कुमार मजदूरों को भेजकर डीजल अपने गोदाम में मंगवाता था।
मजदूरों के अनुसार, इस काम के बदले रेलकर्मी को नियमित रूप से पैसे दिए जाते थे। उन्होंने यह भी बताया कि कथित तौर पर यह गतिविधि पिछले कई महीनों से चल रही थी।
मजदूरों की निशानदेही पर आरपीएफ ने परवलपुर थाना क्षेत्र के मिनी गांव निवासी रेलकर्मी अमन कुमार और सोहसराय थाना क्षेत्र के मंसूर नगर निवासी सुपरवाइजर राजेश कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया।

240 लीटर डीजल जब्त, जांच जारी
कार्रवाई के दौरान गोदाम से ड्रम और सात गैलनों में रखा कुल 240 लीटर डीजल बरामद किया गया। आरपीएफ पोस्ट हरनौत में चारों आरोपियों के खिलाफ रेलवे संपत्ति की चोरी से संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद सभी को न्यायालय में पेश किया गया।
मामले की आगे की जांच उपनिरीक्षक मुसाफिर राम को सौंपी गई है। आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
