Bhagalpur News: भागलपुर में जिला शिक्षा विभाग से जुड़े 98.12 लाख रुपये के गबन मामले के बाद क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक ने प्रशासनिक कार्रवाई तेज कर दी है।
भागलपुर और बांका के अलग-अलग कार्यालयों व शैक्षणिक संस्थानों में प्रतिनियुक्त छह लिपिकों की प्रतिनियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है।
सभी छह कर्मियों को उनके मूल पदस्थापन कार्यालय में वापस योगदान देने का निर्देश जारी किया गया है।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। जिला शिक्षा विभाग में फर्जी शिक्षिका के नाम पर 98.12 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू हो गई है। मामले में छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अब क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक (आरडीडीई) सुभाष कुमार गुप्ता ने छह प्रतिनियुक्त लिपिकों की प्रतिनियुक्ति समाप्त करने का आदेश जारी किया है।

आरडीडीई की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, भागलपुर और बांका जिले के विभिन्न शिक्षा कार्यालयों तथा शैक्षणिक संस्थानों में प्रतिनियुक्त होकर काम कर रहे इन कर्मचारियों को अब अपने-अपने मूल पदस्थापन कार्यालय में तत्काल वापस लौटना होगा। विभागीय स्तर पर इस कार्रवाई को गबन प्रकरण के बाद उठाए गए महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
छह लिपिकों को मूल कार्यालय लौटने का निर्देश
आदेश में मो. फाइक, उच्च वर्गीय लिपिक का नाम शामिल है। उनकी प्रतिनियुक्ति जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), बांका से जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, भागलपुर में की गई थी। अब उन्हें वापस डायट, बांका में योगदान देना होगा।
इसी तरह कुमार राहुल, उच्च वर्गीय लिपिक, जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, बांका से प्रतिनियुक्त होकर जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, भागलपुर में कार्यरत थे। उन्हें अब अपने मूल कार्यालय जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, बांका में वापस योगदान देने का निर्देश दिया गया है।
राकेश रंजन, उच्च वर्गीय लिपिक, प्राथमिक शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय, नगरपारा, भागलपुर से प्रतिनियुक्त होकर जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, भागलपुर में काम कर रहे थे। आदेश के बाद उन्हें अपने मूल कार्यालय प्राथमिक शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय, नगरपारा में लौटना होगा।

अन्य तीन कर्मियों की भी प्रतिनियुक्ति खत्म
विभागीय आदेश में रामानुज सिंह, निम्नवर्गीय लिपिक का भी उल्लेख है। वे जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, भागलपुर से प्रतिनियुक्त होकर उच्चतरस्तरीय राजकीय नवस्थापित जिला स्कूल, भागलपुर में कार्यरत थे। उन्हें अब वापस जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, भागलपुर में योगदान देना होगा।
वहीं गौतम कुमार, निम्नवर्गीय लिपिक, जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, भागलपुर से प्रतिनियुक्त होकर जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, बांका में कार्यरत थे। उनकी प्रतिनियुक्ति भी समाप्त कर दी गई है और उन्हें अपने मूल कार्यालय भागलपुर लौटने का निर्देश दिया गया है।
छठे कर्मचारी देवेंद्र ठाकुर, उच्च वर्गीय लिपिक, जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, बांका से प्रतिनियुक्त होकर जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, भागलपुर में कार्यरत थे। उन्हें वापस जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, बांका में योगदान देना होगा।
योगदान की रिपोर्ट भी देनी होगी
आरडीडीई सुभाष कुमार गुप्ता ने बताया कि सभी छह कर्मियों को अपने मूल पदस्थापन कार्यालय में योगदान देने का निर्देश दिया गया है। योगदान के बाद इसकी रिपोर्ट प्रमंडलीय मुख्यालय को उपलब्ध कराने को भी कहा गया है।

गौरतलब है कि जिला शिक्षा विभाग में 98.12 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आने के बाद यह कार्रवाई हुई है। इस प्रकरण में छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। अब प्रतिनियुक्तियों की समाप्ति के बाद विभागीय स्तर पर इस मामले को लेकर आगे की कार्रवाई पर भी नजर बनी हुई है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि इन छह लिपिकों की प्रतिनियुक्ति समाप्ति को प्राथमिकी में नामजद होने या किसी व्यक्तिगत दोष के निष्कर्ष के रूप में देखा जाए। मामले में अंतिम स्थिति जांच और विभागीय कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।
