पटना: बिहार के औद्योगिक परिदृश्य को अधिक सुदृढ़ और गतिशील बनाने की दिशा में बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (BIA) ने सत्र 2026-27 के लिए अपनी प्राथमिकताएं तय करना शुरू कर दिया है।
संगठन की नवगठित कार्यकारिणी परिषद की पहली बैठक अध्यक्ष श्री रामलाल खेतान की अध्यक्षता में हुई, जिसमें आगामी सत्र की कार्ययोजना, संगठन के विस्तार और राज्य के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों के साथ संवाद बढ़ाने को लेकर व्यापक मंथन किया गया।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि उद्योग जगत और सरकार के बीच संवाद को और प्रभावी बनाया जाए तथा राज्य के औद्योगिक विकास से जुड़े मुद्दों पर रचनात्मक एवं परिणामोन्मुखी साझेदारी को आगे बढ़ाया जाए। इससे पहले भी BIA उद्योग, निवेश और नीतिगत विषयों पर राज्य सरकार के साथ संवाद करता रहा है।
कार्यकारिणी में रिक्त पदों को भरने पर बनी सहमति
बैठक की शुरुआत संगठन की आंतरिक कार्यप्रणाली को सुदृढ़ करने से जुड़े विषयों पर चर्चा के साथ हुई। कार्यकारिणी परिषद में रिक्त रह गए पदों को मनोनयन के माध्यम से भरने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही संगठन के संविधान में निहित प्रावधानों के अनुरूप कुछ सदस्यों को कार्यकारिणी परिषद में को-आप्ट करने पर भी सहमति बनी।

इसके अलावा संगठन की डिसिप्लिनरी कमिटी के गठन और बैंकिंग ऑपरेशन से जुड़े आवश्यक प्रस्तावों एवं संकल्पों को भी बैठक में अनुमोदित किया गया। इन फैसलों का उद्देश्य संगठनात्मक व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित, प्रभावी और उत्तरदायी बनाना है।
पटना से बाहर औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंचेगा संगठन
BIA की नई कार्यदिशा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा आउटरीच कार्यक्रम होंगे। सत्र 2026-27 के दौरान संगठन पटना से बाहर राज्य के विभिन्न औद्योगिक और संभावित औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित करेगा।
इन कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल औपचारिक संवाद तक सीमित नहीं रहेगा। संगठन संबंधित क्षेत्रों में मौजूद औद्योगिक संभावनाओं का अध्ययन करेगा और वहां काम कर रहे उद्योगों एवं उद्यमियों की वास्तविक समस्याओं को सीधे समझने का प्रयास करेगा।
स्थानीय स्तर पर उद्यमियों से संवाद के जरिए यह जानने की कोशिश की जाएगी कि उद्योग संचालन के दौरान उन्हें किन व्यावहारिक अड़चनों का सामना करना पड़ रहा है और किन क्षेत्रों में निवेश तथा औद्योगिक विस्तार की संभावनाएं मौजूद हैं।

औद्योगिक समुदाय को एक मंच पर लाने की कवायद
नई कार्यकारिणी परिषद ने BIA के सदस्यता आधार को व्यापक बनाने का भी फैसला किया है। इसके लिए विशेष अभियान चलाकर राज्य की उन औद्योगिक इकाइयों और उद्यमियों को संगठन से जोड़ने की कोशिश की जाएगी, जो अभी तक इसके सदस्य नहीं हैं।
संगठन का मानना है कि सदस्यता विस्तार का मकसद महज संख्या बढ़ाना नहीं होना चाहिए। इसके पीछे व्यापक उद्देश्य राज्य के औद्योगिक समुदाय को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है।
इस मंच के माध्यम से अलग-अलग क्षेत्रों के उद्यमियों के अनुभव, सुझाव, समस्याएं और अपेक्षाएं संगठन तक पहुंच सकेंगी। इसके साथ ही सरकार की ओर से उद्योगों के हित में संचालित योजनाओं, नीतियों और कार्यक्रमों की जानकारी भी अधिक व्यापक स्तर पर उद्यमियों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
सरकार के साथ रचनात्मक साझेदारी पर जोर
बैठक के दौरान संगठन की ओर से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि राज्य के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए सरकार के साथ पूर्ण तत्परता और सकारात्मक सहयोग जारी रखा जाएगा।

अध्यक्ष रामलाल खेतान के नेतृत्व में BIA पहले भी औद्योगिक नीतियों, निवेश, निर्यात, बियाडा और उद्योग जगत से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सरकार के साथ संवाद करता रहा है। मई 2026 में उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह के साथ BIA के संवाद कार्यक्रम में भी औद्योगिकीकरण, निवेश संवर्धन और रोजगार सृजन जैसे विषयों पर चर्चा हुई थी।
ऐसे में नई कार्यकारिणी के लिए आगामी सत्र को सरकार और उद्योग जगत के बीच संवाद को और संस्थागत रूप देने वाले चरण के तौर पर देखा जा रहा है।
वार्षिक समारोह के लिए मुख्यमंत्री से मांगा गया समय
बैठक में संगठन के वार्षिक समारोह को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस वर्ष अभी तक वार्षिक समारोह का आयोजन नहीं हो सका है। BIA की इच्छा है कि समारोह का उद्घाटन मुख्यमंत्री, बिहार के कर-कमलों से हो।
संगठन का मानना है कि यह समारोह केवल औपचारिक आयोजन न होकर राज्य के उद्यमी समुदाय और मुख्यमंत्री के बीच प्रत्यक्ष संवाद का महत्वपूर्ण मंच बन सकता है। इस दौरान उद्यमी राज्य के औद्योगिक विकास, सरकार की औद्योगिक नीतियों और आने वाले कार्यक्रमों से जुड़े विषयों पर सीधे अपने विचार और सुझाव रख सकेंगे।

इसके लिए संगठन की ओर से मुख्यमंत्री से समय और तिथि निर्धारित करने का अनुरोध किया गया है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अभी तक मुख्यमंत्री कार्यालय से समारोह के लिए कोई तिथि प्राप्त नहीं हुई है। संगठन को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री अपनी सुविधानुसार जल्द ही उद्घाटन के लिए समय और तिथि निर्धारित करेंगे।
परिणामोन्मुखी सत्र बनाने का संकल्प
बैठक के समापन पर कार्यकारिणी परिषद ने सत्र 2026-27 को प्रभावी और परिणामोन्मुखी बनाने का संकल्प लिया। इसके केंद्र में राज्य का औद्योगिक विकास, उद्यमियों के साथ व्यापक संवाद, संगठन का विस्तार और सरकार के साथ रचनात्मक साझेदारी रहेगी।
BIA की आगामी रणनीति में जहां एक ओर संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने पर जोर है, वहीं दूसरी ओर पटना से बाहर औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंच बढ़ाने और नए उद्यमियों को संगठन से जोड़ने की योजना भी शामिल है।
इस पूरी कवायद का व्यापक उद्देश्य बिहार के औद्योगिक समुदाय को अधिक संगठित आवाज देना और उद्योगों से जुड़े जमीनी मुद्दों को नीतिगत स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है।

बिहार में निवेश और औद्योगिकीकरण को लेकर BIA लगातार सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। अप्रैल 2026 में संगठन ने निर्यात को बढ़ावा देने के लिए भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया था।
अब नई कार्यकारिणी के सामने चुनौती इन योजनाओं को जमीन पर उतारने की है। यदि प्रस्तावित आउटरीच कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित होते हैं और औद्योगिक इकाइयों की समस्याओं को नीति-निर्माताओं तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाता है, तो संगठन और उद्योग जगत के बीच संवाद को नई दिशा मिल सकती है।
