Patna News: पटना में संयुक्त किसान मोर्चा, बिहार की ओर से 5 अक्टूबर को ‘भूमि एवं गांव बचाओ’ कन्वेंशन आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम पटना के आईएमए हॉल में सुबह 10 बजे से प्रस्तावित है। आयोजकों के मुताबिक, कन्वेंशन में बिहार के विभिन्न जिलों से करीब 500 किसान प्रतिनिधि शामिल होंगे।
किसान संगठनों ने तैयारियों की समीक्षा की
कन्वेंशन की तैयारियों को लेकर पटना के कदमकुआं स्थित गांधी निधि में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। आयोजकों ने बिहार के अलग-अलग जिलों में चल रही तैयारियों पर संतोष जताते हुए कहा कि कार्यक्रम से जुड़ी अधिकांश तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
कन्वेंशन को प्रो. विद्यार्थी विकास, सांसद सुधाकर सिंह और भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के महासचिव युद्धवीर सिंह समेत अन्य स्थानीय नेता संबोधित करेंगे।
जमीन और किसान नीतियों को लेकर उठाए जाएंगे सवाल
समीक्षा बैठक में किसान नेताओं ने किसानों की जमीन से जुड़े मुद्दों और सरकार की नीतियों पर अपनी आपत्तियां रखीं। बैठक को दिनेश कुमार, अशोक प्रसाद सिंह, अमेरिका महतो, नरेश यादव और अशोक कुमार सिंह समेत कई नेताओं ने संबोधित किया।
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि किसानों की जमीन से जुड़े मामलों में सरकार की नीतियां उनके हितों के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की जमीन से जुड़े किसी भी फैसले का विरोध किया जाएगा।
खाद की कीमतों और कथित कालाबाजारी का मुद्दा भी उठाया
बैठक में बिहार में खाद की कथित कालाबाजारी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। किसान नेताओं का दावा है कि 266 रुपये वाले यूरिया के बैग को करीब 400 रुपये और 1,350 रुपये वाले डीएपी के बैग को करीब 1,900 रुपये में खुले बाजार में बेचे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि खाद और बीज की कथित अनियमित बिक्री से किसानों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और सरकार से इस मामले में प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
हालांकि, खाद की कीमतों और कथित कालाबाजारी से जुड़े इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस प्रेस विज्ञप्ति में नहीं की गई है।
दूसरे सत्र में किसान आंदोलन पर चर्चा
आयोजकों के मुताबिक, कन्वेंशन के दूसरे सत्र में किसान आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा। इसमें किसानों से जुड़े विभिन्न विषयों, भूमि संबंधी मुद्दों और आगे की रणनीति पर चर्चा प्रस्तावित है।
संयुक्त किसान मोर्चा, बिहार की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कन्वेंशन में राज्य के विभिन्न हिस्सों से आने वाले किसान प्रतिनिधियों की भागीदारी रहेगी।