पश्चिम चंपारण में बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों को लेकर सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दशहरा से पहले बाढ़ पीड़ितों के बैंक खातों में सहायता राशि भेजी जाएगी, जबकि फसल गंवाने वाले किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ मिलेगा।
दशहरा से पहले खातों में पहुंचेगी सहायता राशि
Bihar Flood Relief: पश्चिम चंपारण के बेतिया में शुक्रवार को प्रेस वार्ता के दौरान सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए चल रहे राहत कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
सांसद के मुताबिक, दशहरा पर्व से पहले ही प्रभावित लोगों के बैंक खातों में सहायता राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी। वहीं, जिन किसानों की फसल बाढ़ के कारण बर्बाद हुई है, उन्हें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लाभ दिलाने की बात कही गई है।
किसानों के लिए फसल बीमा का रास्ता खुला
बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। ऐसे में फसल क्षति की भरपाई के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
सांसद ने बताया कि कृषि विभाग फिलहाल फसल क्षति की विस्तृत सूची तैयार कर रहा है। इसके आधार पर प्रभावित किसानों को योजना का लाभ दिए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, सांसद ने यह भी कहा कि करीब 10 साल के अंतराल के बाद इस योजना की फिर से शुरुआत की गई है। हालांकि, यह जानकारी सांसद के बयान के रूप में सामने आई है।
नेपाल में डैम क्षतिग्रस्त होने को बताया बाढ़ की वजह
बाढ़ के कारणों पर बात करते हुए डॉ. संजय जायसवाल ने दावा किया कि करीब एक महीने पहले नेपाल की त्रिशूली नदी में आई बाढ़ से 13 डैम क्षतिग्रस्त हुए थे।
उन्होंने बताया कि हाल में तीन दिनों तक हुई लगातार बारिश के बाद बिहार और नेपाल की नदियों में अचानक पानी बढ़ा। उनके अनुसार, डैम क्षतिग्रस्त होने के कारण वाल्मीकिनगर बैराज का जलस्तर तेजी से बढ़ा, जिसका असर बिहार के सीमावर्ती इलाकों में देखने को मिला।
तटबंध में रिसाव के बाद प्रशासन सक्रिय
बाढ़ के दौरान तटबंध में रिसाव की सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने का काम शुरू किया।
रिपोर्ट के मुताबिक, जल संसाधन विभाग के सचिव मौके पर पहुंचे, जिसके बाद उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। फिलहाल तटबंध की मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है और इसे शनिवार तक पूरा करने का लक्ष्य बताया गया है।
पश्चिम चंपारण में राहत और बचाव पर फोकस
पश्चिम चंपारण में बाढ़ की स्थिति के बीच प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने और तटबंधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने भी जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर राहत शिविरों और बचाव व्यवस्था का जायजा लिया था।
राज्य सरकार की ओर से बाढ़ प्रभावित परिवारों को प्रति परिवार 7,000 रुपये की सहायता देने की घोषणा भी की गई थी और अधिकारियों को दशहरा से पहले राशि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था।
वहीं, फसल नुकसान झेल रहे किसानों के लिए कृषि इनपुट अनुदान की प्रक्रिया भी अलग से चलाई गई है। बिहार कृषि विभाग के अनुसार 2026-27 के कृषि इनपुट अनुदान के लिए आवेदन प्रक्रिया 23 से 29 सितंबर तक निर्धारित थी।