दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के अंदर दो पायलटों के बीच हिंसक झड़प ने पूरे विमान को संकट में डाल दिया। भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर गंभीर रूप से घायल हुए, विमान कुछ ही सेकंड में हजारों फीट नीचे आ गया और ट्रांसपोंडर से पहले 7700, फिर 7500 का इमरजेंसी कोड गया। आखिर ये कोड क्या होते हैं और क्या इन्हीं संकेतों ने जमीन पर मौजूद एयर ट्रैफिक कंट्रोल को खतरे का अंदाजा दिया?
एक सामान्य अंतरराष्ट्रीय उड़ान… आसमान में करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई… और अचानक कॉकपिट के अंदर ऐसी स्थिति पैदा हो गई, जिसने विमान में सवार हर शख्स की जान खतरे में डाल दी।
फ्लाईदुबई की FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। विमान में 174 लोग सवार थे। लेकिन सफर के दौरान कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच हिंसक झड़प शुरू हो गई। इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला किया और उन्हें चाकू मारे।
फ्लाईदुबई ने हालांकि घटना को फिलहाल ‘altercation’ यानी कॉकपिट में हुई झड़प के रूप में बताया है और कहा है कि घटना के कारण और मकसद की औपचारिक जांच हो रही है।
लेकिन इस दौरान विमान की उड़ान में ऐसा बदलाव आया, जिसने जमीन पर बैठे एयर ट्रैफिक कंट्रोल और सुरक्षा एजेंसियों को भी अलर्ट कर दिया।
आखिर Squawk Code क्या होता है?
अब सबसे पहले उस शब्द को समझिए, जो इस पूरी घटना में बार-बार सामने आ रहा है—Squawk Code।
विमान में एक उपकरण होता है जिसे transponder कहा जाता है। यह जमीन पर मौजूद एयर ट्रैफिक कंट्रोल को विमान की पहचान और उसकी स्थिति समझने में मदद करता है। इसके जरिए चार अंकों का एक कोड प्रसारित किया जाता है, जिसे Squawk Code कहा जाता है।
आम उड़ानों के लिए अलग-अलग कोड दिए जाते हैं, लेकिन कुछ चार अंकों के कोड आपात स्थिति का संकेत देते हैं।
7700 का मतलब होता है—General Emergency यानी विमान में गंभीर आपात स्थिति।
वहीं 7500 का मतलब होता है—Unlawful Interference, यानी विमान के संचालन में गैरकानूनी दखल। इसे आम तौर पर संभावित हाइजैक या विमान पर जबरन कब्जे की स्थिति से जोड़ा जाता है।
FZ1073 के मामले में फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा में विमान के ट्रांसपोंडर से पहले 7700 और उसके बाद 7500 कोड प्रसारित होने की जानकारी सामने आई। बाद में फिर 7700 कोड दिखाई दिया।
क्या कैप्टन स्मित ने खुद 7700 और 7500 दबाया था?
यहीं कहानी का सबसे दिलचस्प और अभी तक अनसुलझा हिस्सा है।
अमेरिकी सीनेटर और FAA कमर्शियल पायलट टिम शीही ने अनुमान जताया कि कैप्टन स्मित मच्छर हमले के दौरान विमान को संभालने के साथ-साथ एयर ट्रैफिक कंट्रोल को खतरे का संकेत देने की कोशिश कर रहे होंगे।
लेकिन यह अभी साबित नहीं हुआ है।
जांच में अभी यह स्पष्ट नहीं है कि 7700 और 7500 कोड किसने ट्रांसपोंडर में दर्ज किए थे। इसलिए यह कहना कि कैप्टन स्मित ने ही अपनी जान बचाने की कोशिश करते हुए ये कोड डाले, फिलहाल सिर्फ एक संभावना है, स्थापित तथ्य नहीं।
फिर भी कोड की टाइमिंग महत्वपूर्ण है। क्योंकि इसी दौरान विमान गंभीर संकट में था और उसकी ऊंचाई तेजी से गिर रही थी।
34 हजार फीट से कुछ ही सेकंड में 16 हजार फीट के करीब!
फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, विमान करीब 34,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था। फिर अचानक उसकी ऊंचाई तेजी से गिरने लगी।
एक चरण में विमान करीब 14,000 फीट से ज्यादा नीचे आ गया और लगभग 16,600-16,750 फीट के आसपास पहुंच गया। इस तेज गिरावट ने विमान के भीतर मौजूद लोगों और जमीन पर निगरानी कर रहे अधिकारियों के लिए स्थिति को बेहद गंभीर बना दिया।
इसी बीच 7500 कोड ने संभावित गैरकानूनी हस्तक्षेप की आशंका को और गंभीर बना दिया।
इजरायल की ओर से लड़ाकू विमानों को भी अलर्ट किए जाने की खबर सामने आई। हालांकि बाद की घटनाओं और जांच से यह स्पष्ट करना अभी बाकी है कि उस वक्त कॉकपिट में वास्तव में कौन किस स्थिति में था और विमान पर नियंत्रण की कोशिश किस तरह हुई।
घायल कैप्टन ने खोला कॉकपिट का दरवाजा
घटना का सबसे अहम मोड़ इसके बाद आया।
रिपोर्टों के मुताबिक कैप्टन स्मित मच्छर गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। इसके बाद यात्री और क्रू के सदस्य अंदर पहुंचे और हमलावर पायलट को काबू करने में मदद की।
एक यात्री ने कथित तौर पर हमलावर को पकड़ने में मदद की, जबकि दूसरे लोगों ने उसे काबू में करने के लिए उपलब्ध सामान का इस्तेमाल किया। इस बीच अतिरिक्त फ्लाईदुबई पायलटों ने भी विमान को संभालने में मदद की।
यानी कुछ ही मिनटों में स्थिति कॉकपिट की अंदरूनी लड़ाई से विमान को बचाने की सामूहिक कोशिश में बदल गई।
तेल अवीव नहीं पहुंचा विमान, सऊदी अरब में कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग
FZ1073 को उसके मूल गंतव्य तेल अवीव की बजाय सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ दिया गया।
विमान ने तबुक के प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की। सभी यात्री सुरक्षित बताए गए। कैप्टन स्मित मच्छर को अस्पताल ले जाया गया और उनकी हालत स्थिर बताई गई है। को-पायलट को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
लेकिन असली सवाल अभी बाकी है—कॉकपिट में हुआ क्या था?
घटना के बारे में कई बातें सामने आ चुकी हैं, लेकिन जांच अभी पूरी नहीं हुई है।
इजरायली अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि को-पायलट ने कैप्टन पर हमला किया और विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। वहीं फ्लाईदुबई ने अभी घटना के कारण और मकसद को लेकर अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। एयरलाइन ने कहा है कि मामले की औपचारिक जांच जारी है।
यही वजह है कि ‘हाइजैक’, ‘हमला’, ‘विमान को क्रैश करने की कोशिश’ और ‘आतंकी हमला’ जैसे अलग-अलग दावों को एक ही स्तर का स्थापित तथ्य मानना अभी सही नहीं होगा। इजरायली अधिकारियों ने इसे गंभीर हमला बताया है, लेकिन घटना की पूरी परिस्थितियां और मकसद जांच के दायरे में हैं।
Squawk 7700 और 7500 ने क्या भूमिका निभाई?
सीधी भाषा में समझें तो अगर विमान 7700 प्रसारित करता है, तो एयर ट्रैफिक कंट्रोल को संकेत मिलता है कि विमान किसी गंभीर आपात स्थिति में है।
अगर 7500 प्रसारित होता है, तो यह संकेत देता है कि विमान के संचालन में गैरकानूनी दखल की स्थिति हो सकती है।
FZ1073 में इन दोनों कोड का क्रम इसलिए अहम है क्योंकि उसी समय विमान में हिंसक घटना और तेज ऊंचाई गिरने की स्थिति सामने आई थी।
लेकिन यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि इन्हीं कोड की वजह से विमान बचा। हां, इन संकेतों ने जमीन पर मौजूद एजेंसियों को स्थिति की गंभीरता समझने में मदद की हो सकती है। किसने कोड डाला और किस परिस्थिति में डाला—इसका जवाब जांच से ही मिलेगा।
अब जांच में किन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं?
अब जांच सिर्फ कॉकपिट में हुई झड़प तक सीमित नहीं है। अधिकारी यह भी देख रहे हैं कि घटना की शुरुआत कैसे हुई, को-पायलट ने ऐसा कदम क्यों उठाया, कॉकपिट में हथियार कैसे आया, आपातकालीन कोड किसने डाले और विमान का नियंत्रण किस क्रम में वापस हासिल किया गया।
इसके साथ ही पायलटों की सुरक्षा जांच और विमान में अतिरिक्त पायलटों की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। UAE के नेतृत्व में जांच आगे बढ़ रही है, जबकि सऊदी अरब में भी संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई जारी है।
फिलहाल FZ1073 की कहानी का सबसे स्पष्ट हिस्सा यही है—आसमान में एक विमान गंभीर संकट में फंसा, कॉकपिट में हिंसक झड़प हुई, विमान हजारों फीट नीचे आया, आपातकालीन Squawk Codes प्रसारित हुए और आखिरकार यात्रियों, क्रू तथा अतिरिक्त पायलटों की मदद से विमान तबुक में सुरक्षित उतरा।
लेकिन 7700 किसने डाला, 7500 किसने डाला, हमला क्यों हुआ और कॉकपिट में उस दौरान वास्तव में क्या-क्या हुआ—इन सवालों का अंतिम जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।