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Home - देश - बिहार - छपरा के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी, घर छोड़ सुरक्षित ठिकानों की ओर बढ़ रहे लोग

छपरा के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी, घर छोड़ सुरक्षित ठिकानों की ओर बढ़ रहे लोग

State Desk Bihar
Last updated: अक्टूबर 1, 2026 5:19 अपराह्न
By : State Desk Bihar
Published on : 2 दिन पहले
Chhapra Flood News: निचले इलाकों में घुसा पानी
Chhapra Flood News: निचले इलाकों में घुसा पानी
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Chhapra Flood News: सारण में तटबंध टूटने और गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर ने छपरा शहर के निचले इलाकों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बुधवार रात पानी का स्तर तेजी से बढ़ा और गुरुवार सुबह तक कई घरों में बाढ़ का पानी पहुंच गया। हालात बिगड़ने पर प्रभावित परिवार जरूरी सामान समेटकर नाव के जरिए सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर जाने लगे हैं।

रात में बढ़ा पानी, सुबह घरों में दिखा बाढ़ का असर

छपरा और आसपास के निचले इलाकों में बुधवार रात पानी का दबाव अचानक बढ़ गया। गुरुवार सुबह लोगों ने देखा कि नेवाजी टोला धर्मशाला, नई बस्ती, सीढ़ी घाट, रूपगंज और रावल टोला जैसे इलाकों में पानी फैल चुका है।

कई घरों में पानी घुटनों तक पहुंचने की स्थिति बन गई। इससे लोगों के सामने घरेलू सामान, अनाज और जरूरी वस्तुओं को सुरक्षित रखने की चुनौती खड़ी हो गई है। स्थानीय स्तर पर लोग घरों से सामान निकालकर ऊंचे स्थानों पर ले जा रहे हैं।

नाव के सहारे सामान निकाल रहे प्रभावित परिवार

पानी घरों में पहुंचने के बाद प्रभावित परिवारों ने सुरक्षित स्थानों की ओर रुख करना शुरू कर दिया है। नेवाजी टोला धर्मशाला और नई बस्ती के कुछ परिवार नाव के जरिए घरेलू सामान निकाल रहे हैं।

लोग शहर से सटे सोनापट्टी और अड्डा नंबर दो के आसपास अपेक्षाकृत सुरक्षित जगहों की तलाश कर रहे हैं। बाढ़ की स्थिति में सबसे बड़ी चिंता घर के सामान के साथ-साथ परिवार के बुजुर्गों और अन्य सदस्यों को सुरक्षित निकालने की है।

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सरकारी बाजार और सब्जी मंडी पर भी खतरा

गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ शहर के दूसरे निचले इलाकों में भी पानी पहुंचने की आशंका बनी हुई है। सरकारी बाजार, सब्जी मंडी और साहेबगंज तिकोनिया क्षेत्र को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

यदि पानी का स्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो इन बाजार क्षेत्रों तक पानी पहुंचने से दुकानदारों और कारोबारियों को नुकसान हो सकता है। फिलहाल निचले इलाकों में रहने वाले लोग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

सारण में तटबंध टूटने से बढ़ी चुनौती

छपरा में पानी फैलने की स्थिति का संबंध सारण में तटबंधों पर बढ़े दबाव से भी है। बुधवार को मकेर के हैजलपुर और बाघाकोल के पास सारण मुख्य तटबंध टूटने की खबर सामने आई थी। इससे आसपास के कई गांवों में तेजी से पानी फैल गया और प्रशासन को राहत-बचाव अभियान तेज करना पड़ा।

इसी बीच गुरुवार तड़के पानापुर क्षेत्र में भी सारण मुख्य तटबंध टूटने की सूचना सामने आई, जिसके बाद निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया।

प्रशासन से राहत सामग्री और नाव की मांग

दिलिया रहीमपुर पंचायत के मुखिया विशुन साह ने प्रभावित परिवारों के लिए प्रशासन से तत्काल मदद की मांग की है। उनका कहना है कि पानी घरों में पहुंचने से अनाज और घरेलू सामान के खराब होने का खतरा है। खेतों में पानी भरने से फसलों को भी नुकसान पहुंचा है।

स्थानीय स्तर पर प्रशासन से नाव, अनाज, तिरपाल और भोजन की व्यवस्था कराने की मांग की गई है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है।

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सारण में प्रशासन और राहत-बचाव टीमें सक्रिय हैं। मकेर क्षेत्र में प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए SDRF और NDRF की टीमें भी लगाई गई हैं।

TAGGED:Chhapra FloodChhapra NewsSaran Flood
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