सासाराम/Rohtas News: रोहतास के पूर्व पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार पर जिला जज-4 अनिल कुमार की अदालत ने एक रुपये का प्रतीकात्मक जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई एक क्रिमिनल मिसलेनियस केस में कोर्ट के निर्देशों का कथित रूप से अनुपालन नहीं किए जाने के मामले में की गई।
अदालत ने एक सत्रवाद में 10 अपहरणकर्ताओं को सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस अधीक्षक को दिए गए तीन निर्देशों के अनुपालन में देरी को गंभीरता से लिया।
कोर्ट के तीन निर्देशों का नहीं हुआ अनुपालन
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस प्रशासन को अपराधियों का रिकॉर्ड भेजने, एक पीड़ित के खिलाफ लगाए गए 20 लाख रुपये लेकर बयान से मुकरने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करने और गांजा कारोबार की जांच करने के निर्देश दिए थे।
अदालत के अनुसार, इन निर्देशों के अनुपालन में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, एक महीने बाद सिर्फ केस डायरी की कॉपी भेजी गई, जबकि प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश के बावजूद करीब एक साल तक FIR दर्ज नहीं की गई।
शो-कॉज नोटिस का भी नहीं दिया जवाब
अदालत ने इस मामले में 4 जुलाई 2026 को शो-कॉज नोटिस जारी किया था। कोर्ट के अनुसार, इसका भी जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद डीजीपी और मुख्य सचिव को पत्र भेजे जाने के बावजूद अदालत को एक्शन टेकन रिपोर्ट नहीं मिली।
इसके बाद कोर्ट ने मामले में अवमानना की कार्रवाई शुरू की। अदालत के अनुसार, पूर्व एसपी को सुनवाई के लिए पांच तारीखें दी गईं, लेकिन वे अदालत में उपस्थित नहीं हुए।
कोर्ट ने पुलिस अधिकारी के रवैये पर जताई नाराजगी
अदालत ने अपने आदेश में अन्य मामलों में भी लापरवाही का उल्लेख किया और अधिकारी के रवैये पर कड़ी टिप्पणी की। कोर्ट ने आईपीएस प्रशिक्षण में सुधार की जरूरत बताई और कहा कि अधीनस्थ अदालत को हीन समझने की प्रवृत्ति को शुरुआती स्तर पर ही खत्म करना जरूरी है।
यह टिप्पणी उस समय सामने आई है जब अदालत ने अपने निर्देशों के अनुपालन में हुई देरी और कार्रवाई की स्थिति को लेकर नाराजगी जताई।
वेतन से काटकर जमा होगा एक रुपया
कोर्ट ने रोहतास और सारण के जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि पूर्व एसपी रौशन कुमार के वेतन से एक रुपये की कटौती कर उसे 15 दिनों के भीतर कोर्ट नजारत में जमा कराया जाए।
इसके साथ ही अदालत ने आदेश की प्रति डीजीपी, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और कार्मिक मंत्रालय, भारत सरकार को भेजने का निर्देश भी दिया है।
रोहतास से जुड़ा एक और महत्वपूर्ण तथ्य
रौशन कुमार अगस्त 2026 तक रोहतास के एसपी के पद पर थे। अगस्त में हुए बिहार के IPS अधिकारियों के तबादले में उन्हें सारण का वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बनाया गया था, जबकि रोहतास की जिम्मेदारी दूसरे अधिकारी को दी गई।