गोपालगंज के बैकुंठपुर प्रखंड में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच शीतलपुर के पास जमींदारी बांध टूटने से बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। तटबंध टूटने के बाद पानी तेजी से निचले इलाकों की ओर फैलने लगा, जिससे कई गांवों में अफरातफरी का माहौल बन गया। जल संसाधन विभाग के अनुसार, शीतलपुर के पास बीएसएफ जमींदारी बांध करीब छह मीटर की लंबाई में टूट गया।
बांध टूटने के बाद तेजी से फैला पानी
शीतलपुर-पकहा क्षेत्र में बांध टूटने के बाद बाढ़ का पानी आसपास के गांवों में तेजी से फैलने लगा। प्रशासन की ओर से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क किया गया है। जल संसाधन विभाग की टीमें जिला प्रशासन के साथ मिलकर स्थिति पर नजर रख रही हैं और राहत-बचाव के प्रयास किए जा रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पकहा गांव की रहने वाली चंपा देवी (50) की बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हो गई। उनके शव को बैकुंठपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से पोस्टमार्टम के लिए मॉडल अस्पताल गोपालगंज भेजे जाने की बात सामने आई है।
बांध पर शरण लेने को मजबूर ग्रामीण
बांध टूटने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण सुरक्षित स्थान की तलाश में बांध पर पहुंच गए। कई परिवार अपने छोटे बच्चों और जरूरी सामान के साथ वहां शरण लिए हुए हैं। बाढ़ के बीच खाने-पीने और जरूरी सुविधाओं को लेकर लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की कोशिश की जा रही है।
NDRF ने संभाला राहत-बचाव का मोर्चा
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए NDRF की टीम मौके पर पहुंची है। टीम प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटी है। स्थानीय प्रशासन और बचाव दल के बीच समन्वय बनाकर राहत कार्य चलाया जा रहा है।
इससे पहले भी प्रशासन ने गंडक के बढ़ते जलस्तर और संवेदनशील तटबंधों को लेकर निगरानी बढ़ाई थी। 28 सितंबर को गोपालगंज प्रशासन ने कई संवेदनशील इलाकों और तटबंधों का निरीक्षण कर 24 घंटे निगरानी के निर्देश दिए थे।
DM-SP समेत अधिकारी मौके पर
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक समेत जिले के वरीय अधिकारी प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे और हालात का जायजा लिया। बैकुंठपुर के बीडीओ और सीओ भी मौके पर मौजूद हैं।
प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ राहत एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
बाढ़ में बहकर आए दो हिरण भी मिले
बाढ़ के पानी के बीच दो हिरण भी बहकर ग्रामीण इलाकों में पहुंच गए। जानकारी के अनुसार, एक हिरण उसरी गांव और दूसरा डुमरिया रिवर फ्रंट के पास मिला। बाढ़ के पानी के बढ़ते फैलाव के बीच वन्यजीवों के भी प्रभावित होने की तस्वीर सामने आई है।
कई गांवों पर बढ़ा बाढ़ का खतरा
जल संसाधन विभाग के अनुसार, शीतलपुर के पास जमींदारी बांध टूटने से परसौनी, शीतलपुर और पखन के निचले इलाकों में पानी फैलने की आशंका जताई गई है। विभाग और जिला प्रशासन की टीमें स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं।
फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान जारी है। प्रशासन की ओर से लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने और बाढ़ प्रभावित इलाकों में अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की जा रही है।