82 वर्षीय ब्रिटिश खोजी यात्री केयर होम्स में रहने की खबरों के बीच परिवार ने जताई चिंता; सौतेले बेटे ने पावर ऑफ अटॉर्नी हटाने की मांग की, पुलिस बोली- वे सुरक्षित और उचित देखभाल में हैं
ब्रिटेन के मशहूर एक्सप्लोरर सर रैनल्फ फियान्स पिछले करीब दो साल से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं। अब उनके परिवार और करीबी दोस्तों ने उनकी स्थिति को लेकर चिंता जताई है। परिवार का कहना है कि उन्हें यह तक पता नहीं है कि 82 वर्षीय फियान्स इस समय कहां रह रहे हैं और उनसे मुलाकात क्यों नहीं हो पा रही है।
BBC Newsnight की रिपोर्ट के मुताबिक, फियान्स के अलग-अलग केयर होम में कथित तौर पर अलग-अलग नामों से रहने की बात सामने आई है। परिवार के कुछ सदस्यों और दोस्तों ने उनकी देखभाल और उनसे मिलने की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। इस पूरे मामले में उनकी दूसरी पत्नी लुईस मिलिंगटन-कोट्स का नाम भी सामने आया है, क्योंकि उनके पास फियान्स की Lasting Power of Attorney है।
हालांकि, यह भी उतना ही जरूरी है कि मामले का दूसरा पक्ष समझा जाए। चेशायर पुलिस का कहना है कि फियान्स उचित जगह पर हैं, उन्हें उचित देखभाल और पेशेवर निगरानी मिल रही है और फिलहाल कोई तत्काल safeguarding concern नहीं है। यानी अभी मामला परिवार की चिंता और पुलिस के आकलन के बीच खड़ा है।
पहले जानिए कौन हैं सर रैनल्फ फियान्स?
सर रैनल्फ फियान्स ब्रिटेन के सबसे प्रसिद्ध एक्सप्लोरर्स, साहसी यात्रियों और लेखकों में से एक हैं। उनका पूरा नाम सर रैनल्फ ट्विसलटन-वाइकहम-फियान्स है। उन्होंने अपनी जिंदगी का बड़ा हिस्सा दुनिया के सबसे कठिन और खतरनाक इलाकों में अभियान करते हुए बिताया।
उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है—North Pole और South Pole दोनों तक सतह के रास्ते पहुंचने वाले पहले व्यक्ति बनना। उन्होंने 1980 के दशक की शुरुआत में यह उपलब्धि हासिल की।
उनके नेतृत्व में Transglobe Expedition भी हुई। इस अभियान में टीम ने दोनों ध्रुवों से होकर पृथ्वी का चक्कर लगाया। 1967 से उन्होंने करीब 20 बड़े अभियानों का नेतृत्व किया। वह सिर्फ एक्सप्लोरर ही नहीं रहे, बल्कि यात्रा और रोमांच पर कई किताबें भी लिखीं।
फियान्स का बचपन ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका में बीता। बाद में वह ब्रिटिश सेना में शामिल हुए और SAS (Special Air Service) से भी जुड़े। उनके साहस और अभियानों के कारण उन्हें दुनिया के सबसे चर्चित आधुनिक खोजी यात्रियों में गिना जाता है।
Guinness Book of Records के संस्थापक संपादक नॉरिस मैकव्हर्टर ने 1984 में उन्हें “दुनिया का सबसे महान जीवित एक्सप्लोरर” कहा था।
फियान्स की निजी जिंदगी कैसे बदली?
फियान्स ने 1970 में अपनी बचपन की साथी वर्जीनिया ‘जिनी’ पेपर से शादी की थी। जिनी सिर्फ उनकी पत्नी ही नहीं थीं, बल्कि उनके अभियानों में महत्वपूर्ण सहयोग भी करती थीं। दोनों लंबे समय तक साथ रहे।
2004 में जिनी की कैंसर से मौत हो गई। इसके करीब एक साल बाद फियान्स ने लुईस मिलिंगटन से दूसरी शादी की। लुईस उस समय घुड़सवारी और घोड़ों से जुड़े काम से जुड़ी थीं।
लुईस की पिछली रिलेशनशिप से एक बेटा था—एलेक्जेंडर मिलिंगटन-कोट्स, जिसे फियान्स ने अपने सौतेले बेटे के रूप में अपनाया। बाद में फियान्स और लुईस की एक बेटी एलिजाबेथ भी हुई। इसलिए मौजूदा विवाद में जब एलेक्स मिलिंगटन-कोट्स को फियान्स का सौतेला बेटा कहा जाता है, तो वह लुईस के पहले रिश्ते से हुए बेटे हैं, फियान्स के जैविक बेटे नहीं।
अब अचानक फियान्स को लेकर सवाल क्यों उठ रहे हैं?
फियान्स ने अपनी जिंदगी के आखिरी वर्षों में स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना किया। उन्हें Parkinson’s disease का पता चला था और बाद के समय में उनकी सार्वजनिक मौजूदगी बहुत कम होती गई।
Independent की रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 के बाद वह सार्वजनिक जीवन से लगभग दूर हो गए और करीब दो साल से उन्हें सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है। इसी दौरान उनके परिवार और दोस्तों को उनकी देखभाल और संपर्क को लेकर चिंता होने लगी।
परिवार का कहना है कि वह ऐसे व्यक्ति नहीं थे जो स्वेच्छा से पूरी तरह लोगों से कटकर रहना पसंद करें। इसी वजह से उनके करीबी लोग यह जानना चाहते हैं कि वह कहां हैं, किस स्थिति में हैं और उनसे मिलने की अनुमति क्यों नहीं मिल रही।
एलेक्स कौन हैं और वे क्या चाहते हैं?
एलेक्जेंडर मिलिंगटन-कोट्स, जिन्हें एलेक्स कहा जाता है, फियान्स की दूसरी पत्नी लुईस के पहले रिश्ते से हुए बेटे हैं। इसलिए फियान्स उनके सौतेले पिता हैं।
एलेक्स ने अब अपनी मां लुईस के पास मौजूद Power of Attorney की व्यवस्था को चुनौती देने के लिए कानूनी मदद जुटाने की कोशिश शुरू की है।
सरल भाषा में समझें तो Power of Attorney ऐसी कानूनी व्यवस्था है जिसमें कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति को अपनी ओर से कुछ महत्वपूर्ण फैसले लेने का अधिकार देता है। फियान्स के मामले में उनकी पत्नी लुईस के पास उनकी देखभाल से जुड़ी Lasting Power of Attorney होने की बात रिपोर्टों में सामने आई है।
एलेक्स का कहना है कि इस अधिकार की समीक्षा होनी चाहिए और ऐसे लोगों को जिम्मेदारी दी जानी चाहिए जो फियान्स के हितों और उनकी इच्छाओं को प्राथमिकता दें।
इसी उद्देश्य से उन्होंने कानूनी खर्च के लिए crowdfunding अभियान शुरू किया है। उनका लक्ष्य फियान्स को “locate and safeguard”, यानी उनका पता लगाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कानूनी मदद जुटाना है।
परिवार को सबसे ज्यादा किस बात की चिंता है?
परिवार और फियान्स के कुछ करीबी लोगों का आरोप है कि उन्हें उनसे मिलने में परेशानी हुई है। रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि फियान्स को अलग-अलग केयर होम में अलग-अलग नामों से रखा गया।
कुछ रिपोर्टों के अनुसार, कुछ जगहों पर उनसे मिलने आने वालों के सामने NDA यानी Non-Disclosure Agreement जैसी गोपनीयता शर्तें भी रखी गईं। परिवार का कहना है कि इन व्यवस्थाओं की वजह से फियान्स और उनके पुराने दोस्तों तथा रिश्तेदारों के बीच संपर्क बहुत कम हो गया।
हालांकि, इन सभी दावों को आरोप और रिपोर्ट किए गए दावों के रूप में ही समझना जरूरी है। इन्हें अदालत से साबित तथ्य या किसी अपराध का फैसला नहीं माना जा सकता।
पत्नी लुईस पर क्या आरोप हैं?
इस विवाद में फियान्स की दूसरी पत्नी लुईस मिलिंगटन-कोट्स की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। परिवार के कुछ सदस्यों और करीबी लोगों का आरोप है कि फियान्स को परिवार और दोस्तों से दूर रखने और उनकी देखभाल से जुड़े फैसलों में लुईस की भूमिका रही है।
रिपोर्टों में फियान्स को अलग-अलग केयर होम में कथित तौर पर अलग-अलग नामों से रखने और मिलने-जुलने पर पाबंदियों जैसी बातें भी सामने आई हैं।
वहीं, लुईस के पास फियान्स की Lasting Power of Attorney होने की बात भी रिपोर्ट हुई है। इसी कारण एलेक्स और परिवार के कुछ अन्य सदस्य इस कानूनी व्यवस्था की समीक्षा चाहते हैं।
लुईस ने इन आरोपों पर BBC के अनुरोध का तत्काल जवाब नहीं दिया है। इसलिए उनकी ओर से इन आरोपों का विस्तृत सार्वजनिक जवाब उपलब्ध नहीं है।
पूर्व साली अरबेला ने भी बताई अपनी कहानी
फियान्स की पहली पत्नी जिनी पेपर की छोटी बहन अरबेला पेपर उनकी पूर्व साली हैं। उन्होंने BBC Newsnight को बताया कि वह लंबे समय से फियान्स से नहीं मिल पाई थीं और उन्हें यह तक नहीं पता था कि वह कहां हैं।
अरबेला के मुताबिक, जुलाई 2025 में उन्हें पता चला कि फियान्स एक केयर होम में हैं। इसके बाद वह खुद वहां पहुंचीं और उनसे मुलाकात की।
उन्होंने फियान्स को बताया कि परिवार और दोस्त उनके बारे में चिंतित हैं, उन्हें ढूंढ रहे हैं और उनसे मिलना चाहते हैं। अरबेला के अनुसार, फियान्स ने राहत जताई और संदेश दिया कि सबको उनका प्यार बताया जाए। उन्होंने कथित तौर पर यह भी कहा कि वह अपने लोगों से मिलने के लिए तरस रहे हैं।
अरबेला ने कहा कि परिवार और दोस्त उनसे मिलने, उनका मन बहलाने और यहां तक कि उनके लिए चॉकलेट लेकर जाने तक को तैयार हैं, लेकिन उन्हें यह पता ही नहीं है कि वह कहां हैं।
एक केयर होम को लेकर भी उठे गंभीर सवाल
इस मामले में एक Welsh care home से जुड़ी रिपोर्ट ने विवाद को और गंभीर बना दिया। Independent के मुताबिक, Care Inspectorate Wales से जुड़े एक दस्तावेज में फियान्स की स्थिति को “unlawfully deprived of his liberty” यानी कानूनी प्रक्रिया के बिना उनकी स्वतंत्रता सीमित किए जाने के रूप में दर्ज किए जाने की बात सामने आई।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह केयर व्यवस्था को लेकर नियामकीय चिंता है, न कि लुईस के खिलाफ किसी अपराध का फैसला। परिवार और दोस्तों ने इसी तरह की चिंताओं के आधार पर मामले की जांच की मांग की है।
पुलिस ने क्या कहा?
जहां परिवार और दोस्त सवाल उठा रहे हैं, वहीं Cheshire Police ने 28 सितंबर को फियान्स की स्थिति पर अपना बयान दिया।
पुलिस के मुताबिक, फियान्स “appropriate setting with suitable care and professional oversight” यानी उचित जगह पर हैं और उन्हें उचित देखभाल तथा पेशेवर निगरानी मिल रही है।
पुलिस ने यह भी कहा कि फिलहाल कोई तत्काल safeguarding concern नहीं है। साथ ही, मामले से जुड़ी नई जानकारी मिलने पर उसका आकलन किया जाएगा।
इसका मतलब यह है कि पुलिस फिलहाल परिवार द्वारा उठाए गए सवालों के बावजूद ऐसी स्थिति नहीं मान रही है जिसमें तत्काल सुरक्षा कार्रवाई जरूरी हो।
Power of Attorney की जांच क्यों महत्वपूर्ण है?
मामले का एक बड़ा सवाल यही है कि फियान्स की ओर से महत्वपूर्ण फैसले लेने का कानूनी अधिकार किसके पास है और वह अधिकार किस तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।
Office of the Public Guardian (OPG) ब्रिटेन में Lasting Power of Attorney से जुड़े मामलों की निगरानी करता है। इस मामले में भी OPG के सामने चिंताएं रखे जाने की रिपोर्ट है। हालांकि, व्यक्तिगत मामलों की गोपनीयता का हवाला देते हुए संस्था ने किसी खास व्यक्ति के मामले पर विस्तृत टिप्पणी नहीं की है।
यही वजह है कि एलेक्स कानूनी सलाह और कार्रवाई के जरिए Power of Attorney की मौजूदा व्यवस्था को चुनौती देना चाहते हैं।
फियान्स के दोस्त और दूसरे लोग भी चिंतित
मामला सिर्फ परिवार तक सीमित नहीं रहा। फियान्स के पुराने दोस्तों और एक्सप्लोरेशन की दुनिया से जुड़े लोगों ने भी चिंता जताई है।
BBC के वरिष्ठ पत्रकार जॉन सिम्पसन ने सोशल मीडिया पर कहा कि वह फियान्स को लेकर सामने आ रही खबरों से बेहद परेशान हैं। एडवेंचरर Bear Grylls और दूसरे लोगों ने भी मामले की जांच की मांग का समर्थन किया है।
रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि ब्रिटेन के King Charles ने फियान्स की तबीयत और हालात को लेकर उनसे संपर्क करने की कोशिश की थी। यह दावा The Telegraph की रिपोर्ट के हवाले से सामने आया है और इसे स्वतंत्र रूप से फियान्स की ओर से पुष्टि किया हुआ बयान नहीं माना जाना चाहिए।
अभी असल स्थिति क्या है?
फिलहाल इस पूरी कहानी में दो तस्वीरें सामने आ रही हैं।
एक तरफ परिवार और दोस्त हैं, जो कह रहे हैं कि वे फियान्स से संपर्क नहीं कर पा रहे, उनका ठिकाना आसानी से पता नहीं चल रहा और उनकी देखभाल तथा Power of Attorney व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल हैं।
दूसरी तरफ पुलिस है, जो कह रही है कि फियान्स उचित जगह पर हैं, उन्हें पर्याप्त देखभाल और पेशेवर निगरानी मिल रही है और फिलहाल कोई तत्काल safeguarding concern नहीं है।
यानी अभी यह कहना सही नहीं होगा कि फियान्स के साथ कोई अपराध साबित हो चुका है या उन्हें जबरन रखा गया है। लेकिन परिवार और करीबी लोगों की चिंताओं, केयर व्यवस्था से जुड़े सवालों और Power of Attorney को लेकर उठे विवाद के कारण मामला गंभीर जांच के दायरे में जरूर आ गया है।
जिस व्यक्ति ने अपनी जिंदगी का बड़ा हिस्सा दुनिया के सबसे कठिन इलाकों को पार करने में बिताया, उसके जीवन के आखिरी दौर को लेकर अब सबसे बड़ा सवाल यही है—सर रैनल्फ फियान्स इस समय कहां हैं, उनकी देखभाल किस तरह हो रही है और वे खुद क्या चाहते हैं?