पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की ओर से राजकीय पॉलिटेक्निक और राजकीय महिला पॉलिटेक्निक संस्थानों में नियुक्ति से संबंधित 9 विज्ञापनों के लिए एक भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ।
दोबारा ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जाने के बावजूद आवेदन की संख्या शून्य रहने पर आयोग ने संबंधित अधियाचनाओं को विज्ञान, प्राविधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, बिहार को वापस कर दिया है।
आयोग ने इस संबंध में एक आवश्यक सूचना जारी की है। नोटिस के अनुसार, विज्ञान, प्राविधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत राजकीय पॉलिटेक्निक और राजकीय महिला पॉलिटेक्निक संस्थानों में विभिन्न विभागों और विषयों के कुल 218 रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति के लिए विज्ञापन प्रकाशित किए गए थे।
26 अगस्त 2025 को जारी हुए थे विज्ञापन
BPSC की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, इन पदों पर नियुक्ति के लिए 26 अगस्त 2025 को विज्ञापन संख्या 91/2025 से 107/2025 तक प्रकाशित किए गए थे। इन विज्ञापनों के माध्यम से कुल 218 रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
हालांकि, इनमें से 9 विज्ञापनों के लिए आयोग को कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ। इसके बाद अभ्यर्थियों से दोबारा ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए, लेकिन पुनः आवेदन की प्रक्रिया के दौरान भी इन विज्ञापनों के लिए आवेदन की संख्या शून्य ही रही।
किन 9 विज्ञापनों में नहीं मिले आवेदन?
आयोग की आवश्यक सूचना में जिन 9 विज्ञापनों का उल्लेख किया गया है, उनकी संख्या इस प्रकार है:
- विज्ञापन संख्या 96/2025
- विज्ञापन संख्या 97/2025
- विज्ञापन संख्या 98/2025
- विज्ञापन संख्या 99/2025
- विज्ञापन संख्या 101/2025
- विज्ञापन संख्या 102/2025
- विज्ञापन संख्या 103/2025
- विज्ञापन संख्या 104/2025
- विज्ञापन संख्या 107/2025
इन सभी विज्ञापनों के लिए दोबारा ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जाने के बाद भी कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ।
संबंधित विभाग को लौटाई गईं अधियाचनाएं
BPSC की सूचना के अनुसार, इन विज्ञापनों के लिए आवेदन नहीं मिलने और आयोग के स्तर पर आगे कोई कार्रवाई अपेक्षित नहीं होने के कारण संबंधित अधियाचनाओं को विज्ञान, प्राविधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, बिहार को वापस कर दिया गया है।
यह सूचना बिहार लोक सेवा आयोग के परीक्षा नियंत्रक की ओर से जारी की गई है। नोटिस में इन पदों पर आगे की नियुक्ति प्रक्रिया या नए विज्ञापन को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है।
ऐसे में आगे की स्थिति के लिए संबंधित विभाग और आयोग की आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखना जरूरी होगा।