गढ़पर स्थित विवेकानंद क्लासेस का मामला, प्रबंधन ने आरोपों को बताया निराधार
Nalanda news। बिहारशरीफ शहर के गढ़पर स्थित एक कोचिंग संस्थान में नौवीं कक्षा के एक छात्र के साथ मारपीट और गाली-गलौज किए जाने का मामला सामने आया है। छात्र के पिता अभय कुमार सिंह ने कोचिंग संचालक और शिक्षकों के खिलाफ थाने में शिकायत दी है।
घटना 22 सितंबर की बताई जा रही है, जबकि 23 सितंबर को थाने में आवेदन दिया गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
पीड़ित छात्र अभिराज के पिता ने आरोप लगाया है कि कोचिंग में उनके बेटे के साथ शिक्षकों ने मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। उनका कहना है कि पहले वहां के एक शिक्षक ने छात्र के साथ मारपीट की। इसके बाद संस्थान के निदेशक कक्षा में पहुंचे और घर आकर मिलने की बात कही।
आरोप के मुताबिक, तीसरे पीरियड में शिक्षक ने छात्र को कक्षा से बाहर खींचकर लाठी-डंडे से पीटा। छात्र का आरोप है कि पहली बेंच पर बैठे एक अन्य छात्र से डंडा मंगवाकर उसे 10 से 20 बार मारा गया और अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। इसके बाद करीब 45 मिनट तक उसे कक्षा के बाहर तेज धूप में खड़ा रखा गया।
कोचिंग प्रबंधन ने आरोपों से किया इनकार
वहीं, कोचिंग संस्थान के निदेशक ने छात्र के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि छात्र अनुशासनहीनता और अशोभनीय गतिविधियों में शामिल था।
निदेशक के अनुसार, छात्र ने कक्षा की छात्राओं और एक शिक्षिका को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। जब शिक्षक उसे समझाने पहुंचे तो छात्र ने कथित तौर पर गाली-गलौज शुरू कर दी।
निदेशक ने कहा कि इसी दौरान शिक्षकों ने डांट-फटकार करते हुए दो-चार डंडे मारे। उनका दावा है कि संस्थान की कुछ छात्राओं ने भी छात्र के खिलाफ लिखित शिकायत दी है, जिसे पुलिस को सौंप दिया गया है।
वहीं, संस्थान की ओर से छात्र के परिजनों पर भी कोचिंग परिसर में पहुंचकर गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस कर रही मामले की जांच
बिहार थानाध्यक्ष ने बताया कि छात्र के पिता की ओर से कोचिंग संचालक और शिक्षकों पर मारपीट का आरोप लगाते हुए शिकायत दी गई है। दोनों पक्षों से सामने आए आरोपों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद तथ्यों के आधार पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों का कहना है कि शिकायत के बावजूद उन्हें अब तक एफआईआर की कॉपी उपलब्ध नहीं कराई गई है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।