डेहरी-ऑन-सोन। अर्णव तूफान के प्रभाव के कारण सोन नदी के कैचमेंट एरिया में लगातार बारिश हो रही है। उत्तरी कोयल, गोपद, बीरजू और कनहर नदी के क्षेत्रों में हो रही बारिश के बीच बाणसागर से शनिवार को सोन नदी में 2.65 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। कैचमेंट एरिया में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए सोन नदी के जलस्तर में आने वाले समय में बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।
पिछले 24 घंटे से सोन नदी का जलस्तर स्थिर
सोन नदी के जलस्तर में पिछले 24 घंटे से फिलहाल स्थिरता बनी हुई है, हालांकि इसका ट्रेंड अभी भी बढ़ोतरी की ओर है। शनिवार को इंद्रपुरी बराज के 15 फाटक खुले रहे। बराज पर ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र से 55,873 क्यूसेक पानी पहुंच रहा था, जिसमें से 46,452 क्यूसेक पानी सोन नदी में प्रवाहित किया जा रहा था।
नहरों के जरिए धान की फसल के लिए हो रही जलापूर्ति
धान की फसलों की सिंचाई के लिए पश्चिमी संयोजक नहर में 6,013 क्यूसेक और पूर्वी संयोजक नहर में 3,408 क्यूसेक पानी की आपूर्ति की जा रही है। इसके अलावा झारखंड के भीम बांध से भी शनिवार को 8,374 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी दी गई है।
निचले इलाकों और सोनडीला के लोगों को सतर्क रहने का निर्देश
इंद्रपुरी स्थित सोन बराज के अवर प्रमंडल पदाधिकारी संजय कुमार झा के अनुसार, संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सभी कनीय अभियंताओं को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है।
अधिकारियों को स्थानीय प्रशासन, जागरूक एवं संवेदनशील नागरिकों तथा सूचना प्रसार माध्यमों के सहयोग से निचले इलाकों और सोनडीला पर रहने वाले लोगों को संभावित आपदा के प्रति सावधान करने को कहा गया है। इसका उद्देश्य किसी भी संभावित स्थिति में जनधन और पशुधन के नुकसान को कम करना है।
कैचमेंट एरिया में भारी बारिश पर निगरानी
बाणसागर से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने और सोन नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश की संभावना के बीच जल संसाधन विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों के अनुसार, जलस्तर और पानी की आवक के आधार पर आगे आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।