पिंडदान से कॉरिडोर तक बदलेगा गयाजी का स्वरूप, CM सम्राट चौधरी बोले- श्रद्धालुओं का स्वागत ‘अतिथि देवो भव’ की भावना से हो
गयाजी में पितृपक्ष मेला 2026 का आगाज हो चुका है। 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में देश-विदेश से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर सरकार ने व्यापक इंतजाम किए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को विष्णुपद मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने देव घाट का निरीक्षण कर श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। गांधी मैदान स्थित टेंट सिटी का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घाट, आवासन, पेयजल, स्वच्छता और सुरक्षा समेत सभी व्यवस्थाएं बेहतर रखने के निर्देश दिए।

‘अतिथि देवो भव’ की भावना से हो श्रद्धालुओं का स्वागत
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि पितृपक्ष के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु गयाजी पहुंचते हैं। ऐसे में बिहार की परंपरा ‘अतिथि देवो भव’ की भावना के अनुरूप उनका सम्मान और स्वागत होना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गयाजी आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। घाटों की व्यवस्था, ठहरने की सुविधा, पेयजल, साफ-सफाई, सुरक्षा और अन्य जरूरी सेवाओं को लगातार बेहतर बनाए रखा जाए।
गयाजी में इस बार पारंपरिक व्यवस्थाओं के साथ डिजिटल सुविधाओं को भी जोड़ा गया है। श्रद्धालुओं को पिंडदान की वेदियों, धार्मिक अनुष्ठानों, आवासन, यातायात, पार्किंग, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं से जुड़ी जानकारी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

2500 बेड की टेंट सिटी, बुजुर्गों के लिए मुफ्त ई-रिक्शा
श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए गांधी मैदान में करीब 2500 बेड की टेंट सिटी तैयार की गई है। वहीं, बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं की आवाजाही को आसान बनाने के लिए 150 निशुल्क ई-रिक्शा की व्यवस्था की गई है। मेला क्षेत्र में सीसीटीवी, ड्रोन और वीडियो कैमरों से निगरानी की व्यवस्था भी की गई है।
पुनपुन में भी श्रद्धालुओं के लिए पंडाल, पेयजल, शौचालय, प्रकाश, स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुरक्षा जैसी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। इस तरह पितृपक्ष की धार्मिक गतिविधियों को गयाजी के साथ पुनपुन से भी जोड़ा गया है।
विष्णुपद कॉरिडोर पर 3500 करोड़ रुपये खर्च
मुख्यमंत्री ने कहा कि गयाजी में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। विष्णुपद कॉरिडोर के विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कुल 3,500 करोड़ रुपये खर्च करेंगी। इसमें करीब 2,500 करोड़ रुपये कॉरिडोर के विकास के लिए प्रस्तावित हैं।
सरकार के अनुसार यह बिहार में किसी मंदिर के विकास से जुड़ी बड़ी परियोजनाओं में शामिल है। कॉरिडोर के विकास से गयाजी आने वाले श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक स्थलों और आसपास के क्षेत्र में सुविधाओं का विस्तार किए जाने की योजना है।
गयाजी को खाड़ी देशों और दुनिया के प्रमुख शहरों से जोड़ने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने गयाजी एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि बिहार के पटना, गया, दरभंगा और पूर्णिया एयरपोर्ट के माध्यम से हवाई संपर्क को मजबूत किया जा रहा है।
सरकार गयाजी को इंडोनेशिया, बैंकॉक, खाड़ी देशों और दुनिया के अन्य प्रमुख शहरों से हवाई मार्ग से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। इसका उद्देश्य धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ गयाजी की पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देना है।
बोधगया में औद्योगिक निवेश पर भी जोर
पितृपक्ष मेले के मंच से मुख्यमंत्री ने धार्मिक पर्यटन के साथ बिहार के औद्योगिक विकास का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बोधगया में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) की शुरुआत की जा रही है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक इसी वर्ष अक्टूबर से करीब 20 हजार करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश के जमीन पर उतरने की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। इससे रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर पैदा होने की बात कही गई।
इसके अलावा करीब 1,000 करोड़ रुपये की लागत से सोन नदी का पानी फल्गु नदी में लाने की योजना पर भी काम किए जाने की जानकारी दी गई। इससे गया और आसपास के इलाकों में जल उपलब्धता और सिंचाई व्यवस्था को बेहतर करने का लक्ष्य है।
1 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने शिक्षा और महिला सशक्तीकरण से जुड़ी योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं और मॉडल स्कूल, ऑनलाइन कक्षाओं तथा ‘विद्यार्थी साथी ऐप’ जैसी पहल के जरिए शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए जीविका के माध्यम से काम किए जाने की बात कहते हुए उन्होंने बताया कि राज्य में 1 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है और अब तक 43 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
डाक लिफाफा, पुस्तक और गयाजी धाम अंगवस्त्र का विमोचन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पितृपक्ष के अवसर पर डाक विभाग की ओर से जारी विशेष डाक लिफाफे का विमोचन किया। इसके अलावा पंडा समाज द्वारा लिखित ‘पाचन तीर्थ गयाजी’ पुस्तक का विमोचन किया गया।
मानपुर पटवा टोली के बुनकरों द्वारा निर्मित गयाजी धाम अंगवस्त्र का भी लोकार्पण किया गया।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री एवं गया सांसद जीतनराम मांझी, स्वास्थ्य मंत्री निशांत सहित राज्य सरकार के कई मंत्री, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने अंत में बिहारवासियों से अपील की कि पितृपक्ष के दौरान गयाजी आने वाले श्रद्धालुओं और अतिथियों का पूरे सम्मान, आत्मीयता और सहयोग के साथ स्वागत करें, ताकि देश-दुनिया से आने वाले लोग बिहार की संस्कृति, परंपरा और आतिथ्य का सुखद अनुभव लेकर लौटें।