Buxar News: चलती ट्रेन में यात्रियों से पैसे की वसूली और विरोध करने वालों के साथ मारपीट के आरोप में रेल पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान 21 वर्षीय नितिन कुमार को चलती ट्रेन से धक्का देकर उसकी जान लेने का मामला सामने आया है।
घटना के 24 घंटे के भीतर पुलिस ने भोजपुर निवासी रोहित तिवारी उर्फ गुड्डू तिवारी को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर आरा-जगजीवन हॉल्ट के बीच रेलवे ट्रैक के पास से शव बरामद किया गया।
मृतक नितिन कुमार वैशाली जिले के महिसौर थाना क्षेत्र के चांद सराय निवासी मुकेश राय का पुत्र था। वह हैदराबाद में मजदूरी करता था और 19 सितंबर को ट्रेन संख्या 07091 से घर लौट रहा था।
ट्रेन में खुद को पुलिसकर्मी बताकर करता था वसूली
रेल पुलिस की जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी कथित तौर पर खुद को पुलिस, आरपीएफ या एसटीएफ का जवान बताकर यात्रियों से पैसे वसूलता था। वह खासकर मजदूरों और कम उम्र के यात्रियों को निशाना बनाता था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी यात्रियों से धूम्रपान या टिकट जांच के नाम पर जुर्माना लगाने की बात कहकर रुपये मांगता था। पैसे देने से इनकार करने पर मारपीट करने का भी आरोप है। नितिन कुमार के साथ हुई घटना को भी पुलिस इसी वसूली से जोड़कर जांच कर रही है।
शिकायत के बाद गठित की गई SIT
मामले की गंभीरता को देखते हुए रेल पुलिस अधीक्षक अनंत कुमार राय के निर्देश पर रेल पुलिस उपाधीक्षक दानापुर कंचन राज के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई।
टीम ने तकनीकी जांच के साथ स्थानीय स्तर पर मिली सूचनाओं के आधार पर संदिग्ध की तलाश शुरू की। पुलिस ने बक्सर और बनारस के बीच मोहनसराय इलाके से रोहित तिवारी को गिरफ्तार किया।
आरोपी की निशानदेही पर मिला नितिन का शव
पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर आरा-जगजीवन हॉल्ट के बीच रेलवे ट्रैक के पास से शव बरामद किया गया। बाद में मृतक के पिता मुकेश राय ने शव की पहचान अपने बेटे नितिन कुमार के रूप में की।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि घटना में आरोपी के अलावा कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
पहले से भी दर्ज हैं आपराधिक मामले
रेल पुलिस के मुताबिक, रोहित तिवारी के खिलाफ पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। दानापुर रेल थाना में 9 सितंबर 2026 को भी उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार वह पहले जेल जा चुका है और हाल में जमानत पर बाहर आया था।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को उसके पास से एक पर्स भी मिला। इसमें इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, PNB और SBI के ATM कार्ड, पैन कार्ड, दिव्यांगता कार्ड और वोटर आईडी समेत कई दस्तावेज मिले। पर्स में आरोपी का आधार कार्ड भी बरामद होने की बात पुलिस ने कही है।
रेल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल
घटना के बाद आरा-डीडीयू रेलखंड में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी कितने समय से ट्रेनों में इस तरह यात्रियों को निशाना बना रहा था और उसके खिलाफ दर्ज पुराने मामलों का इस घटना से कोई संबंध है या नहीं।
रेल पुलिस ने मामले में स्पीडी ट्रायल के लिए कार्रवाई की बात कही है। साथ ही अभियान में शामिल पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को पुरस्कृत करने की अनुशंसा किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।