सरथा पंचायत में सूची से नाम गायब होने पर उठे सवाल, बीडीओ ने पात्र परिवारों के दोबारा सर्वे का दिया भरोसा
Nalanda News: प्रधानमंत्री आवास योजना की फाइनल सूची में नाम नहीं होने से नाराज सरथा पंचायत के सैकड़ों महिला-पुरुष ग्रामीण बुधवार को हरनौत प्रखंड कार्यालय पहुंच गए। ग्रामीणों ने कार्यालय का घेराव करते हुए पात्र परिवारों का नाम आवास योजना की सूची में शामिल करने की मांग की।
सरथा पंचायत के विभिन्न गांवों से पहुंचे ग्रामीणों का कहना था कि कई परिवार आज भी झुग्गी-झोपड़ी अथवा जर्जर मकानों में रहने को मजबूर हैं। इसके बावजूद प्रधानमंत्री आवास योजना की जारी सूची में उनका नाम नहीं है। ग्रामीणों ने सर्वे प्रक्रिया में अनियमितता का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की।
ग्रामीण उर्मिला देवी और मालती देवी ने बताया कि उनका परिवार लंबे समय से पक्के मकान की उम्मीद लगाए बैठा है, लेकिन सूची जारी होने के बाद उसमें उनका नाम नहीं मिला। कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सर्वे के दौरान फोटो खींचने के नाम पर कर्मियों द्वारा पैसे लिए गए थे।
1650 का सर्वे, फाइनल सूची में 482 लाभुक
ग्रामीणों की भीड़ और आक्रोश की जानकारी मिलने पर सरथा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि रविशंकर कुमार सिंह प्रखंड कार्यालय पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों के साथ प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. पंकज कुमार से मुलाकात कर समस्याओं से अवगत कराया। ग्रामीणों की ओर से बीडीओ को आवेदन भी सौंपा गया।
मुखिया प्रतिनिधि ने बताया कि सरथा पंचायत के विभिन्न गांवों में करीब 1650 लाभुकों का सर्वे किया गया था, जबकि फाइनल सूची में महज 482 लाभुकों को चिह्नित किया गया है। उनका कहना था कि बड़ी संख्या में पात्र परिवार अंतिम सूची से बाहर रह गए हैं। उन्होंने पंचायत में दोबारा सर्वे कराने की मांग की।
बीडीओ ने दिया जांच और पुनः सर्वे का आश्वासन
प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. पंकज कुमार ने ग्रामीणों को बारी-बारी से बुलाकर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने आश्वासन दिया कि पात्र लाभुकों की स्थिति की जांच कर नियमानुसार दोबारा सर्वे कराया जाएगा।
बीडीओ ने कहा कि जांच और सर्वे के बाद जो परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पात्र पाए जाएंगे, उन्हें योजना का लाभ दिलाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बीडीओ के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने फिलहाल आगे की कार्रवाई का इंतजार करने की बात कही।