बरौली के बघेजी गांव स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय का मामला, वीडियो में कुछ युवक शिक्षक से हाथापाई करते दिखे; शिक्षक ने मारपीट से किया इनकार
गोपालगंज/बरौली। बरौली प्रखंड के बघेजी गांव स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय सह संकुल संसाधन केंद्र में शिक्षक संजय कुमार के साथ कथित मारपीट का एक वीडियो बुधवार सुबह इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद इलाके में चर्चा शुरू हो गई। वीडियो में कुछ युवक स्कूल परिसर में शिक्षक के साथ हाथापाई करते नजर आ रहे हैं। हालांकि, वीडियो कब का है और इसमें दिखाई दे रहे युवक कौन हैं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
वीडियो में शिक्षक से हाथापाई का दावा
इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो में कुछ युवक स्कूल परिसर में एक शिक्षक के साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर घटना को लेकर अलग-अलग चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
हालांकि, केवल वीडियो के आधार पर घटना की तारीख, इसमें शामिल लोगों की पहचान या पूरे घटनाक्रम की पुष्टि नहीं हो सकी है। इसी वजह से मामले को लेकर आधिकारिक स्थिति अभी साफ नहीं है।
मारपीट की वजह सामने नहीं आई
प्रसारित वीडियो को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर शिक्षक के साथ कथित मारपीट क्यों हुई? फिलहाल इसके पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।
स्थानीय स्तर पर कुछ लोग इसे स्कूल से जुड़े किसी विवाद से जोड़कर देख रहे हैं, लेकिन घटना का वास्तविक कारण सामने आने की पुष्टि नहीं हुई है। मामले में शिक्षा विभाग या पुलिस की ओर से भी फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
शिक्षक संजय कुमार ने मारपीट से किया इनकार
मामले में एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि शिक्षक संजय कुमार ने अपने साथ मारपीट होने से इनकार किया है। उन्होंने किसी प्रकार की मारपीट की घटना से साफ इनकार किया है।
ऐसे में इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो और शिक्षक के बयान के बीच स्थिति फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। वीडियो की वास्तविकता और उसमें दिखाई दे रहे घटनाक्रम की पुष्टि के लिए आधिकारिक जांच जरूरी होगी।
जांच के बाद ही साफ होगी पूरी सच्चाई
वीडियो प्रसारित होने के बाद स्कूल परिसर में हुई कथित घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं जरूर शुरू हो गई हैं, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो कब बनाया गया था और उसमें दिखाई दे रहे लोग कौन हैं।
शिक्षा विभाग या पुलिस की ओर से यदि जांच शुरू की जाती है तो वीडियो की सत्यता, घटना की तारीख, इसमें शामिल लोगों और कथित मारपीट के कारण का पता चल सकता है।
गोपालगंज में इससे पहले भी स्कूल परिसर से जुड़े वायरल वीडियो के मामलों में विभागीय जांच और पुलिस कार्रवाई सामने आ चुकी है। हालांकि, वे घटनाएं बघेजी के मौजूदा मामले से अलग हैं।