इंटरव्यू से लेकर डॉक्यूमेंटेशन तक सब पूरा, लेकिन पहले दिन कर्मचारी गायब; 54% अमेरिकी हायरिंग मैनेजरों ने Gen Z उम्मीदवारों की ओर से ऑफर के बाद Ghosting की बात कही
एक समय था जब ‘Ghosting’ शब्द का इस्तेमाल डेटिंग या रिश्तों में अचानक बातचीत बंद कर देने के लिए किया जाता था। अब यही शब्द नौकरी की दुनिया में भी तेजी से सुनाई दे रहा है।
फर्क सिर्फ इतना है कि यहां मामला रिश्ते का नहीं, बल्कि इंटरव्यू, जॉब ऑफर और जॉइनिंग का है। हाल के वर्षों में एक नया शब्द सामने आया है—‘Career Catfishing’। इसका मतलब है कि उम्मीदवार नौकरी का ऑफर स्वीकार कर ले, लेकिन जॉइनिंग से पहले ही कंपनी से संपर्क तोड़ दे या पहले दिन ऑफिस पहुंचे ही नहीं।
Firstpost के Vantage की रिपोर्ट में इसी बदलते वर्कप्लेस ट्रेंड को दोनों पक्षों से देखने की कोशिश की गई है। यानी सवाल सिर्फ यह नहीं है कि उम्मीदवार कंपनियों को Ghost क्यों कर रहे हैं, बल्कि यह भी है कि क्या कंपनियां लंबे समय से उम्मीदवारों के साथ ऐसा नहीं करती आ रही हैं?
26% मामलों में Day One पर उम्मीदवार गायब
Resume.org ने जून 2025 में अमेरिका के 1,115 hiring managers के बीच सर्वे किया। इसमें 54% hiring managers ने कहा कि नौकरी का offer देने के बाद उन्हें Gen Z उम्मीदवार की ओर से Ghosting का सामना करना पड़ा।
Ghosting के तरीके भी अलग-अलग थे। 27% hiring managers ने ऐसे मामले बताए, जहां उम्मीदवारों ने offer स्वीकार करने के बाद paperwork पूरा नहीं किया। वहीं 26% ने बताया कि उम्मीदवार नौकरी के पहले दिन काम पर पहुंचे ही नहीं। इसके अलावा 29% मामलों में उम्मीदवार नौकरी शुरू करने के थोड़े समय बाद बिना notice दिए चले गए।
यानी 26% को ‘paperwork पूरा करने के बाद नहीं आए’ कहना सही नहीं होगा। 26% का सही अर्थ है—Day One पर show up न करना। यह अंतर खबर में महत्वपूर्ण है।
कंपनियों के लिए इसका मतलब सिर्फ एक खाली कुर्सी नहीं है। भर्ती में HR का समय, interview panel, background verification, documentation और onboarding जैसी प्रक्रियाओं पर संसाधन खर्च होते हैं। अंतिम समय पर उम्मीदवार के गायब होने पर पूरी recruitment प्रक्रिया फिर से शुरू करनी पड़ सकती है।
34% Gen Z ने स्वीकार किया Career Catfishing
ब्रिटेन में CV Genius के 2025 Future of Work Survey में 1,000 UK workers को शामिल किया गया था। सर्वे के मुताबिक 34% Gen Z respondents ने कहा कि उन्होंने job offer स्वीकार किया लेकिन अपने नए employer को बताए बिना पहले दिन काम पर नहीं पहुंचे। Millennials में यह आंकड़ा 24%, Gen X में 11% और Baby Boomers में 7% था।
लेकिन इस आंकड़े को पूरे Gen Z की तस्वीर मानना सही नहीं होगा। यह सर्वे में शामिल लोगों के जवाब हैं और ब्रिटेन के respondents पर आधारित है। इसलिए इसे भारत या दुनिया की पूरी Gen Z आबादी पर सीधे लागू नहीं किया जा सकता।
कहानी का दूसरा पहलू: Employer Ghosting
उम्मीदवारों के गायब होने की चर्चा के साथ एक दूसरा सवाल भी उठता है—क्या कंपनियां उम्मीदवारों के साथ ऐसा नहीं करतीं?
कई job seekers बताते हैं कि CV भेजने के बाद जवाब नहीं मिलता, इंटरव्यू के कई दौर पूरे होने के बाद feedback नहीं आता और कभी-कभी महीनों तक recruitment process की कोई जानकारी नहीं मिलती।
SHRM के 2025 Talent Trends research में 41% organizations ने कहा कि candidates interview process के दौरान उन्हें ghost कर रहे हैं, जबकि 69% employers ने full-time positions भरने में कठिनाई बताई। SHRM के अनुसार 51% organizations ने low number of applicants को भी recruitment challenge बताया।
इससे तस्वीर साफ होती है कि workplace ghosting सिर्फ Gen Z या सिर्फ employers की समस्या नहीं है। दोनों तरफ communication का संकट मौजूद है।
AI ने बढ़ाया Applications और कम किया Human Connect
अब इस कहानी में AI भी बड़ा factor बन चुका है। 2026 में PeopleScout की global research ने 10 markets के 1,000 से ज्यादा job seekers को शामिल किया। इसमें 52% job seekers ने बताया कि उन्होंने पिछले छह महीनों में job search के दौरान AI का इस्तेमाल किया। सबसे ज्यादा इस्तेमाल CV और cover letter बनाने, job opportunities खोजने और interview preparation के लिए हुआ।
दूसरी तरफ recruitment में भी AI तेजी से इस्तेमाल हो रहा है। SHRM के 2025 research के मुताबिक 43% organizations HR functions में AI इस्तेमाल कर रहे थे और 51% organizations recruitment tasks में AI का उपयोग कर रहे थे, जिसमें resume screening और candidate communication शामिल हैं।
लेकिन तकनीक के बढ़ने के साथ communication gap भी सामने आया है। PeopleScout के 2026 research में 64% candidates ने कहा कि जिन employers को उन्होंने apply किया, उनमें से आधे से ज्यादा ने उन्हें कोई response नहीं दिया। वहीं 10 में से 9 candidates ने अपने job search के दौरान किसी न किसी तरह का ghosting experience किया।
क्यों गायब हो रहे हैं उम्मीदवार?
Career Catfishing के पीछे सिर्फ एक कारण नहीं है। बेहतर job offer मिलना, salary expectations पूरी न होना, role और वास्तविक काम में अंतर, लंबी hiring process, work-from-home या flexibility की चाह और employer की तरफ से communication की कमी जैसे कारण इस व्यवहार को प्रभावित कर सकते हैं।
Gen Z के लिए workplace में flexibility, learning, growth और work-life balance भी महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। CV Genius के सर्वे में भी cost-of-living crisis और changing workplace expectations का असर युवा कर्मचारियों पर दिखाई दिया।
लेकिन कारण चाहे जो हो, offer स्वीकार करने के बाद बिना सूचना गायब होना employer के लिए वास्तविक समस्या पैदा करता है। दूसरी तरफ, उम्मीदवार को महीनों तक जवाब न देना भी trust को नुकसान पहुंचाता है।
असली संकट Gen Z नहीं, टूटता भरोसा है
Career Catfishing को सिर्फ ‘Gen Z की गैर-जिम्मेदारी’ कह देना आसान है, लेकिन उपलब्ध आंकड़े इससे कहीं ज्यादा जटिल तस्वीर दिखाते हैं।
कंपनी चाहती है कि उम्मीदवार offer स्वीकार करने के बाद commitment निभाए। उम्मीदवार चाहता है कि कंपनी job role, salary, working conditions और recruitment timeline को लेकर साफ-साफ जानकारी दे।
इसलिए hiring की चुनौती अब सिर्फ सही candidate खोजने की नहीं है। चुनौती है ऐसी प्रक्रिया बनाने की जिसमें दोनों तरफ transparency, timely communication और professional respect बना रहे।
AI हजारों CV पढ़ सकता है, applications छांट सकता है और recruitment को तेज कर सकता है। लेकिन एक चीज अब भी किसी algorithm से पूरी तरह नहीं बन सकती—भरोसा।
क्योंकि नौकरी सिर्फ offer letter और joining date का नाम नहीं है। यह employer और employee के बीच बनने वाला एक professional relationship है। और जब offer मिलने से लेकर पहले दिन ऑफिस पहुंचने तक यह रिश्ता टूट जाए, तो सवाल सिर्फ एक उम्मीदवार के गायब होने का नहीं रहता—पूरी hiring व्यवस्था में भरोसे का हो जाता है।