बिहारशरीफ। नालंदा जिले में आमजनों की समस्याओं के त्वरित समाधान और पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से पंचायत स्तर पर सहयोग शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
इसी क्रम में सिलाव प्रखंड की माहुरी पंचायत और सब्बैत पंचायत में सहयोग शिविर आयोजित किए गए। दोनों शिविरों में कुल 53 आवेदन प्राप्त हुए, जिनका संबंधित विभागों द्वारा मौके पर ही निष्पादन किया गया।
माहुरी पंचायत में जिलाधिकारी उदिता सिंह की अध्यक्षता में शिविर का आयोजन हुआ। यहां कुल 34 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें ग्रामीण विकास विभाग/मनरेगा से 10, मनरेगा से 5, बंदोबस्ती पर्चा से संबंधित 14, पंचायती राज विभाग से एक तथा आपूर्ति विभाग से चार आवेदन शामिल थे। संबंधित विभागों ने आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उनका निष्पादन किया।
जिलाधिकारी ने शिविर में आमजनों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से समस्याओं का समाधान करने तथा पात्र लाभुकों को सरकारी योजनाओं का लाभ सरल, सुगम और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। शिविर में विभिन्न योजनाओं के लाभुकों को प्रमाण-पत्र और स्वीकृति संबंधी दस्तावेज भी उपलब्ध कराए गए।
वहीं, सब्बैत पंचायत में अपर समाहर्ता राजीव रंजन कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में सहयोग शिविर आयोजित किया गया। यहां कुल 19 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें ग्रामीण विकास विभाग/मनरेगा के सात, अंचल कार्यालय के 10 और पंचायती राज विभाग के दो आवेदन शामिल थे। सभी 19 आवेदनों का ऑन-द-स्पॉट निष्पादन किया गया।
अपर समाहर्ता ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि अब लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है। पंचायत स्तर पर ही समस्याओं के समाधान की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि सेवा से जुड़े मामलों में 30 दिनों के अंदर समस्या का समाधान हर हाल में करने का प्रावधान है।
सहयोग शिविर में विभिन्न विभागों के अलग-अलग सहायता काउंटर लगाए गए थे। यहां ग्रामीणों से आवेदन लेने के साथ योजनाओं और सरकारी सेवाओं की जानकारी भी दी गई। इससे ग्रामीणों को अलग-अलग कार्यालयों में जाने की परेशानी से राहत मिली।
नालंदा प्रशासन का उद्देश्य सरकारी सेवाओं और कल्याणकारी योजनाओं को जनता की दहलीज तक पहुंचाना, स्थानीय स्तर पर समस्याओं का त्वरित समाधान करना और पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ सुगमता से उपलब्ध कराना है।