Raghopur Flood: राघोपुर के शिवनगर विश्राम पुल के पास बुधवार को बाढ़ के पानी में नहाने के दौरान दो महिलाएं और एक बच्ची तेज बहाव में बह गईं। तीनों करीब 200 मीटर तक पानी में बहती चली गईं। आसपास मौजूद लोगों और स्थानीय नाविकों की तत्परता से तीनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से खतरनाक स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है।
बाढ़ के पानी में नहाने के दौरान हुआ हादसा
जुड़ावनपुर थाना क्षेत्र के शिवनगर विश्राम पुल के पास बुधवार को बाढ़ के पानी में नहाने के दौरान अचानक दो महिलाएं और एक बच्ची गहरे पानी में चली गईं। पानी का बहाव तेज होने के कारण तीनों देखते ही देखते बहने लगीं।
तीनों की पहचान जुड़ावनपुर करारी वार्ड नंबर 15 शिवनगर निवासी गीता देवी, चनो देवी और बच्ची पिंकी कुमारी के रूप में हुई है।
करीब 200 मीटर तक बह गईं तीनों
मिली जानकारी के अनुसार, गीता देवी, चनो देवी और पिंकी कुमारी गांव की अन्य महिलाओं के साथ विश्राम पुल के पास बाढ़ के पानी में नहा रही थीं। इसी दौरान अचानक पैर फिसलने से तीनों गहरे पानी में चली गईं।
तेज बहाव के कारण तीनों करीब 200 मीटर की दूरी तक बह गईं। उनके साथ नहा रही महिलाओं ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी।
ग्रामीणों और नाविकों ने शुरू किया बचाव अभियान
शोर सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे लोग मौके पर पहुंचे। कुछ ही देर में घटनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए।
स्थानीय नाविकों ने तत्काल नाव लेकर पानी में उतरकर बचाव अभियान शुरू किया। स्थानीय मोबाइल दुकानदार बिट्टू कुमार ने बताया कि गीता देवी, चनो देवी और पिंकी कुमारी को डूबते देखकर रेनू राय, सोनू कुमार, संजीव कुमार सहित कई युवा मौके पर पहुंचे।
इसके बाद नाविकों की मदद से तीनों को किसी तरह सुरक्षित पानी से बाहर निकाल लिया गया।
कुछ मिनट की देरी पड़ सकती थी भारी
ग्रामीणों के अनुसार, अगर बचाव कार्य में कुछ मिनट की भी देरी होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। समय रहते स्थानीय लोगों और नाविकों ने तीनों को पानी से बाहर निकाल लिया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद तीनों के स्वजन भी मौके पर पहुंच गए। प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को स्वजन के साथ घर भेज दिया गया।
खतरनाक जगहों पर चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से बाढ़ के पानी में नहाने को लेकर जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि विश्राम पुल जैसे गहरे और खतरनाक स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाने चाहिए, ताकि लोग खतरे वाले स्थानों पर जाने से बचें और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।