लखीसराय के चानन प्रखंड कार्यालय में मंगलवार को निगरानी विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई की। प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी (BPRO) ब्रजेश कुमार को कथित तौर पर 28 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि 15वीं वित्त आयोग की योजना के तहत लगाई गई सोलर लाइट के भुगतान के एवज में कमीशन की मांग की गई थी।
Lakhisarai BPRO Bribe: लखीसराय के चानन प्रखंड कार्यालय में निगरानी विभाग की कार्रवाई से मंगलवार को हड़कंप मच गया। टीम ने चानन के प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी ब्रजेश कुमार को उनके कार्यालय से 28 हजार रुपये की कथित रिश्वत राशि के साथ पकड़ा।
ब्रजेश कुमार वर्तमान में चानन प्रखंड में बीपीआरओ के अतिरिक्त प्रभार में काम कर रहे थे। उनका मूल पदस्थापन हलसी प्रखंड में बताया गया है। कार्रवाई के बाद निगरानी विभाग की टीम उन्हें अपने साथ ले गई।
सोलर लाइट के भुगतान के बदले कमीशन मांगने का आरोप
मामला 15वीं वित्त आयोग की योजना के तहत सोलर लाइट लगाने से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि योजना के तहत किए गए कार्य के भुगतान के एवज में बीपीआरओ की ओर से कमीशन की मांग की जा रही थी।
शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने पहले मामले का सत्यापन किया। शिकायत की पुष्टि होने के बाद टीम ने मंगलवार को चानन प्रखंड कार्यालय पहुंचकर कार्रवाई की।
कार्रवाई के दौरान ब्रजेश कुमार को 28 हजार रुपये की कथित रिश्वत राशि के साथ पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, मामले में निगरानी विभाग की विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही कार्रवाई से जुड़े सभी तथ्य पूरी तरह स्पष्ट होंगे।
मुखिया परिवार की शिकायत भी चर्चा में
इस पूरे मामले में महेशलेटा पंचायत का विवाद भी चर्चा में है। रिपोर्टों के अनुसार बीपीआरओ ब्रजेश कुमार और पंचायत के मुखिया के बीच पहले से विवाद होने की बात सामने आई है।
यह भी बताया जा रहा है कि महेशलेटा पंचायत के मुखिया पति राम नारायण साव उर्फ पप्पू साव की ओर से शिकायत दी गई थी। इस विवाद से जुड़ी शिकायत पहले उप विकास आयुक्त (डीडीसी) तक पहुंचने की बात भी कही जा रही है।
हालांकि, निगरानी की कार्रवाई का वास्तविक आधार और शिकायत में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
प्रखंड कार्यालय में मचा हड़कंप
निगरानी टीम की कार्रवाई की खबर फैलते ही चानन प्रखंड कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच पूरे मामले को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
चानन के बीडीओ श्रवण कुमार पांडेय ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि उन्हें मामले की विशेष जानकारी नहीं है। चानन थानाध्यक्ष ने भी कहा कि निगरानी विभाग की कार्रवाई की विस्तृत जानकारी संबंधित टीम की ओर से ही स्पष्ट की जाएगी।
अब पूछताछ के बाद खुलेगा पूरा मामला
ब्रजेश कुमार को निगरानी विभाग अपने साथ ले गया है। अब पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई के बाद यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि कथित रिश्वत मांगने का पूरा मामला क्या था, शिकायत किस आधार पर की गई और कार्रवाई में निगरानी विभाग को क्या साक्ष्य मिले।
फिलहाल यह मामला आरोप और जांच के चरण में है। अंतिम दोष या निर्दोषता का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।