Bhagalpur BJP Leader Murder: में भाजपा मंडल अध्यक्ष उमा भूषण तांती उर्फ पप्पू तांती हत्याकांड में मंगलवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। मामले में नामजद पूर्व पार्षद और पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष शशि मोदी ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, हत्याकांड में शशि मोदी, उसके भांजे कृष्णा मोदी उर्फ किशन और एक अज्ञात आरोपी का नाम सामने आया है। शशि पर हत्या की साजिश रचने का आरोप है, हालांकि इन आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच से होगी।
भागलपुर के बबरगंज थाना क्षेत्र में 11 सितंबर 2026 को भाजपा नेता उमा भूषण तांती की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद से ही पुलिस नामजद आरोपियों की तलाश में जुटी थी। इसी बीच मुख्य नामजद आरोपितों में शामिल शशि मोदी ने मंगलवार को अदालत में सरेंडर कर दिया।
बताया गया कि पुलिस का दबाव लगातार बढ़ रहा था। इससे पहले शशि मोदी की पत्नी और वार्ड संख्या 51 की पार्षद दीपिका कुमारी को भी पुलिस गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है। पुलिस ने जांच के दौरान उनकी भूमिका सामने आने की बात कही थी।
पत्नी की गिरफ्तारी के बाद शशि मोदी ने किया आत्मसमर्पण
उमा भूषण तांती हत्याकांड में नाम आने के बाद से शशि मोदी पुलिस की पकड़ से बाहर था। मंगलवार को उसने सद्दाफ मुस्तफा के न्यायालय में आत्मसमर्पण किया।
पुलिस की कार्रवाई के बीच हुए इस सरेंडर को जांच के लिहाज से अहम माना जा रहा है। अब पुलिस शशि मोदी से पूछताछ कर हत्या की कथित साजिश, हमलावरों से उसके संपर्क और घटना से पहले तथा बाद की गतिविधियों के संबंध में जानकारी जुटा सकती है।
11 सितंबर को दिनदहाड़े मारी गई थी गोली
उमा भूषण तांती उर्फ पप्पू तांती श्रीनारायण साह मंडल के भाजपा मंडल अध्यक्ष थे। 11 सितंबर की सुबह करीब 10 बजे कुतूबगंज कुम्हार टोली के पास बाइक सवार अपराधियों ने उन्हें निशाना बनाया था।
हमले में गंभीर रूप से घायल उमा भूषण को परिजन तत्काल जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मामले में मृतक के छोटे भाई अरविंद तांती के बयान पर पूर्व मंडल अध्यक्ष शशि मोदी, उसके भांजे कृष्णा मोदी उर्फ किशन और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
हत्या के पीछे पुरानी रंजिश का आरोप
परिजनों ने पुलिस को दिए बयान में हत्या के पीछे पुरानी रंजिश का आरोप लगाया है। जांच के दौरान कुतुबगंज स्थित काली माता मंदिर, महादेव तालाब और मंदिर समिति से जुड़े विवाद का एंगल भी सामने आया है।
परिवार का आरोप है कि उमा भूषण तांती और शशि मोदी के बीच मंदिर निर्माण तथा समिति के कामकाज को लेकर पहले से मतभेद थे। परिजनों के अनुसार, इसी विवाद को लेकर शशि और उसके भांजे की ओर से उमा भूषण को कथित तौर पर धमकी भी दी गई थी। पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है।
चश्मदीद भाई ने हमलावरों को लेकर क्या बताया?
मृतक के भाई अरविंद तांती ने पुलिस को दिए बयान में दावा किया कि घटना के समय उन्होंने कृष्णा मोदी उर्फ किशन को एक अन्य युवक के साथ देखा था। उनके मुताबिक, दूसरे युवक ने चेहरे को गमछे से ढक रखा था।
अरविंद के अनुसार, उमा भूषण अपने भतीजे अंकित कुमार के साथ ग्लैमर बाइक से जा रहे थे। तभी दोनों हमलावरों ने उन पर गोली चला दी।
परिवार की ओर से यह भी दावा किया गया है कि अस्पताल ले जाते समय उमा भूषण ने पुराने विवाद को लेकर शशि मोदी की ओर इशारा किया था। हालांकि, इस दावे की जांच पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया के तहत होना बाकी है।
पुलिस जांच में तीन प्रमुख विवादों का एंगल
मामले की जांच में अब तक जिन विवादों का जिक्र सामने आया है, उनमें मंदिर समिति, मंडल अध्यक्ष पद और स्थानीय जमीन/तालाब से जुड़े विवाद शामिल हैं। पुलिस इन सभी पहलुओं को खंगाल रही है।
हालिया पुलिस कार्रवाई में शशि मोदी की पत्नी दीपिका कुमारी की गिरफ्तारी भी हुई है। पुलिस ने कहा था कि तकनीकी और वैज्ञानिक जांच के आधार पर उनकी भूमिका सामने आने के बाद कार्रवाई की गई।
अब शशि मोदी से पूछताछ पर टिकी नजर
शशि मोदी के आत्मसमर्पण के बाद अब जांच की दिशा में नया मोड़ आ गया है। पुलिस उससे कृष्णा मोदी, कथित शूटर और हत्या की कथित साजिश से जुड़े सवालों के जवाब तलाश सकती है।
फिलहाल हत्याकांड में लगाए गए आरोपों को अदालत में साबित होना बाकी है। पुलिस की जांच और आगे की न्यायिक कार्रवाई से ही यह स्पष्ट होगा कि हत्या की साजिश में किसकी क्या भूमिका थी और वारदात को अंजाम देने वाले वास्तविक हमलावर कौन थे।