Delhi MCD Action: दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद राजधानी में अवैध और खतरनाक निर्माणों के खिलाफ नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। सोमवार को एमसीडी ने गांधी नगर, मयूर विहार, सत्य निकेतन समेत कई इलाकों में ऐसी संपत्तियों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की, जिन्हें अवैध, असुरक्षित या भवन नियमों का उल्लंघन करने वाला पाया गया।
एमसीडी के मुताबिक 1 सितंबर से अब तक 213 अवैध निर्माणों पर तोड़फोड़ की जा चुकी है, जबकि 109 संपत्तियां सील की गई हैं।
सत्य निकेतन हादसे के बाद क्यों तेज हुई कार्रवाई?
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 6 सितंबर को एक इमारत गिरने से सात लोगों की मौत हुई थी। इस हादसे के बाद राजधानी में जर्जर इमारतों, अवैध निर्माण और खासकर पीजी के रूप में इस्तेमाल हो रही संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे। इसके बाद एमसीडी ने अपने सभी 12 जोनों में प्रवर्तन अभियान को और तेज किया है।
एमसीडी का कहना है कि जिन इमारतों में बिना मंजूरी निर्माण, खतरनाक स्ट्रक्चर या मास्टर प्लान और भवन उपविधियों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गांधी नगर में तीन मंजिला इमारत पर कार्रवाई
सोमवार की कार्रवाई में पूर्वी दिल्ली के शाहदरा क्षेत्र के धरमपुरा, गांधी नगर थाना इलाके में एक गैरकानूनी तरीके से बनी तीन मंजिला इमारत को गिराया गया।
इसके अलावा मयूर विहार फेज-2 और सत्य निकेतन सहित दक्षिणी जोन के कुछ हिस्सों में भी निगम की कार्रवाई जारी रही। यानी अभियान को किसी एक इलाके तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि दिल्ली के अलग-अलग जोनों में टीमें सक्रिय हैं।
1 सितंबर से 213 निर्माणों पर कार्रवाई
एमसीडी के आंकड़ों के अनुसार, 1 सितंबर 2026 से अब तक 213 अवैध निर्माणों में तोड़फोड़ की गई है। इसी अवधि में 109 संपत्तियों को सील भी किया गया है।
इससे पहले भी निगम ने लगातार कई दिनों तक अभियान चलाया था। 12 सितंबर को एमसीडी ने 33 अवैध निर्माण गिराने, पांच संपत्तियां सील करने और 29 कारण बताओ नोटिस जारी करने की जानकारी दी थी।
9 सितंबर को भी 12 जोनों में 34 अवैध या जर्जर निर्माणों पर ध्वस्तीकरण कार्रवाई की गई थी और 17 संपत्तियों को सील किया गया था।
झुकी इमारत को लेकर भी सख्ती
गांधी नगर में एक चार मंजिला इमारत के अचानक झुकने के मामले में निगम ने उसे खाली कराया था। एमसीडी ने संपत्ति मालिक को अपने स्तर से स्ट्रक्चर हटाने का निर्देश दिया था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया था कि अगर मालिक निर्धारित कार्रवाई नहीं करता है तो निगम नियमों के तहत खुद कार्रवाई करेगा।
पीजी भवन भी MCD के रडार पर
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में चल रहे पीजी भवनों के सर्वे पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हालिया एमसीडी कार्रवाई के दौरान करीब 2,251 पीजी भवनों की पहचान किए जाने की जानकारी सामने आई है, जहां लगभग 47 हजार लोग रह रहे हैं। निगम इन भवनों से जुड़े विवरणों को संकलित कर नियमों के मुताबिक आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
इससे पहले के चरण में एमसीडी ने 1,252 और फिर 1,355 पीजी भवनों का सर्वे करने की जानकारी दी थी, इसलिए अलग-अलग तारीखों के आंकड़ों को एक साथ जोड़ना सही नहीं होगा।
सिर्फ अवैध निर्माण नहीं, सुरक्षा भी बड़ा मुद्दा
दिल्ली में एमसीडी की मौजूदा कार्रवाई का फोकस केवल बिना मंजूरी बने हिस्सों को हटाने तक सीमित नहीं है। खतरनाक इमारतों, भवन उपविधियों के उल्लंघन और अनधिकृत निर्माण को भी कार्रवाई के दायरे में रखा गया है।
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने भी पीजी, हॉस्टल और सार्वजनिक उपयोग वाली इमारतों के लिए स्ट्रक्चरल ऑडिट और समय-समय पर सुरक्षा प्रमाणन को अनिवार्य बनाने की दिशा में कदम उठाने की बात कही है।
दिल्ली में आगे भी जारी रहेगा बुलडोजर एक्शन
एमसीडी ने संकेत दिया है कि सभी 12 जोनों में खतरनाक और अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में भी राजधानी के अलग-अलग इलाकों में ध्वस्तीकरण, सीलिंग और नोटिस की कार्रवाई देखने को मिल सकती है।