तीन साल की FIR का जुटाया जा रहा डेटा, चोरी-छिनतई और विवाद वाली जगहों पर बढ़ाई जाएगी निगरानी
गया, 11 सितंबर 2026। पितृपक्ष मेला 2026 को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए गया जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारी तेज कर दी है। प्रशासन अब पिछले तीन वर्षों में पितृपक्ष मेले के दौरान हुई आपराधिक घटनाओं की प्राथमिकी (FIR) और उससे जुड़े रिकॉर्ड को खंगाल रहा है।
इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि मेले के दौरान किस तरह की घटनाएं हुईं, उनमें कौन लोग शामिल थे और पुलिस की ओर से अब तक क्या कार्रवाई की गई।
जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने बताया कि पितृपक्ष मेले को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पिछले तीन वर्षों में विष्णुपद थाना सहित अन्य संबंधित थानों में दर्ज प्राथमिकी की जानकारी और डाटा जुटाया जा रहा है।
चोरी और छिनतई की घटनाओं पर विशेष फोकस
प्रशासन की समीक्षा में खास तौर पर उन घटनाओं को शामिल किया जा रहा है, जो पितृपक्ष मेले के दौरान श्रद्धालुओं को प्रभावित करती रही हैं। इनमें पिंडदानियों की बसों में चोरी, मोबाइल छिनतई, विष्णुपद मंदिर परिसर में चोरी और छिनतई जैसी घटनाएं शामिल हैं।
इसके अलावा गया के स्थानीय पुरोहितों के बीच विवाद से जुड़ी घटनाओं का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। प्रशासन यह जानने की कोशिश कर रहा है कि पिछले वर्षों में किन परिस्थितियों में ऐसी घटनाएं हुईं और उनमें शामिल लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई।
तीन साल के रिकॉर्ड से तैयार होगा सुरक्षा प्लान
पुलिस प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि पिछले तीन वर्षों के मामलों की समीक्षा कर घटनाओं में शामिल रहे लोगों की पहचान और उनके बारे में उपलब्ध जानकारी जुटाई जाए।
प्रशासन यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि संदिग्ध लोग कहां से आते थे और मेले के दौरान किस तरह की गतिविधियों में शामिल रहते थे। ऐसे लोगों को चिन्हित कर मेला शुरू होने से पहले ही उन पर नजर रखने की तैयारी है।
जरूरत पड़ने पर संदिग्ध लोगों की तस्वीरें सार्वजनिक कर श्रद्धालुओं और आम लोगों को भी सतर्क किया जा सकता है। हालांकि, ऐसी किसी कार्रवाई में पुलिस की जांच और कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाना जरूरी होगा।
घटनास्थल वाले इलाकों में बढ़ेगी निगरानी
डीएम ने निर्देश दिया है कि पिछले वर्षों में जहां-जहां आपराधिक घटनाएं हुई हैं, उन स्थानों को संवेदनशील मानकर विशेष निगरानी रखी जाए।
खासकर विष्णुपद मंदिर परिसर, पिंडदान स्थलों, श्रद्धालुओं की आवाजाही वाले रास्तों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
पितृपक्ष मेला 2026 को लेकर गया प्रशासन पहले से ही सुरक्षा और निगरानी के लिए अस्थायी CCTV कैमरा, ड्रोन कैमरा और अन्य तकनीकी उपकरणों की व्यवस्था कर रहा है। जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर भी मेला क्षेत्र में सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था के लिए CCTV और ड्रोन कैमरों की व्यवस्था संबंधी नोटिस जारी किया गया है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता
पितृपक्ष के दौरान बड़ी संख्या में देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु गयाजी पहुंचते हैं। ऐसे में भीड़ के बीच चोरी, मोबाइल छिनतई और अन्य आपराधिक घटनाओं को रोकना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती रहती है।
इसी को देखते हुए प्रशासन इस बार पुराने मामलों के रिकॉर्ड को आधार बनाकर संवेदनशील स्थानों और संदिग्ध गतिविधियों की पहले से पहचान करने की कोशिश कर रहा है।
गयाजी के आधिकारिक पिंडदान पोर्टल पर भी मेला व्यवस्था के तहत पुलिस कैंप, मेडिकल सुविधाएं, ट्रैफिक व्यवस्था और हेल्पलाइन जैसी व्यवस्थाओं की जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
प्रशासन का लक्ष्य है कि पितृपक्ष मेला के दौरान श्रद्धालु बिना किसी डर और परेशानी के पिंडदान की धार्मिक प्रक्रिया पूरी कर सकें। पुराने आपराधिक मामलों की समीक्षा और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की कार्रवाई इसी सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है।