शुक्रवार सुबह आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने छपरा स्थित कार्यालय में खंगाले कागजात और दस्तावेज, कार्रवाई के कारण पर आधिकारिक जानकारी नहीं
छपरा: सारण जिले में शुक्रवार को लघु जल संसाधन विभाग के लघु सिंचाई अंचल, छपरा के अधीक्षण अभियंता इंजीनियर राजेंद्र कुमार के कार्यालय में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की टीम के पहुंचने से विभाग में हलचल मच गई। टीम सुबह करीब 9 बजे कार्यालय पहुंची और लगभग डेढ़ घंटे तक विभिन्न बिंदुओं पर जांच-पड़ताल की। करीब 10:30 बजे टीम कार्यालय से वापस लौट गई।
छापेमारी के दौरान टीम ने कार्यालय में मौजूद कागजात और संबंधित दस्तावेजों की जांच की। हालांकि, कार्रवाई के बाद यह स्पष्ट नहीं हो सका कि आर्थिक अपराध इकाई की टीम किस मामले या शिकायत के सिलसिले में कार्यालय पहुंची थी। टीम की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई।
सुबह कार्यालय पहुंची EOU की टीम
जानकारी के अनुसार, आर्थिक अपराध इकाई की टीम शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे लघु सिंचाई अंचल, छपरा के अधीक्षण अभियंता के कार्यालय पहुंची। टीम के पहुंचते ही कार्यालय परिसर में कर्मचारियों और आसपास मौजूद लोगों के बीच कार्रवाई को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
करीब डेढ़ घंटे तक टीम ने कार्यालय के विभिन्न दस्तावेजों और उपलब्ध कागजात की जांच की। कार्रवाई पूरी होने के बाद टीम करीब 10:30 बजे कार्यालय से रवाना हो गई।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जांच के दौरान कोई आपत्तिजनक सामग्री या महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
छापेमारी के दौरान कार्यालय में मौजूद नहीं थे अधीक्षण अभियंता
बताया जा रहा है कि कार्रवाई के समय अधीक्षण अभियंता इंजीनियर राजेंद्र कुमार कार्यालय में मौजूद नहीं थे। विभागीय सूत्रों के अनुसार, उनकी पोस्टिंग करीब दो महीने पहले छपरा में हुई है। उनके पास पटना स्थित कार्यालय का अतिरिक्त प्रभार भी होने की बात सामने आई है।
हालांकि, छापेमारी के दौरान उनके छपरा कार्यालय में मौजूद नहीं रहने का कारण क्या था, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
कार्रवाई के कारण पर बनी रही स्थिति स्पष्ट नहीं
आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने जांच पूरी करने के बाद छापेमारी के कारण अथवा जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के बारे में स्थानीय कर्मियों या मीडिया को कोई जानकारी नहीं दी। विभागीय स्तर पर भी इस संबंध में कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।
यही वजह है कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि EOU की कार्रवाई किस मामले, शिकायत या जांच के आधार पर की गई। विभागीय अधिकारियों से जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी।
छापेमारी की खबर फैलने के बाद लघु जल संसाधन विभाग के कार्यालय में दिनभर इस कार्रवाई को लेकर चर्चा होती रही। फिलहाल टीम की ओर से आधिकारिक बयान आने के बाद ही कार्रवाई के कारण और जांच के दायरे को लेकर स्थिति साफ होने की उम्मीद है।