जमुई के गिद्धौर निवासी 72 वर्षीय कपिलदेव रावत ने हिमाचल की वादियों में भरी रोमांचक उड़ान, बोले- मन में उत्साह हो तो उम्र नहीं बनती बाधा
जमुई: उम्र बढ़ने के साथ आमतौर पर लोग अपनी पसंद और रोमांच से जुड़ी गतिविधियों को सीमित कर देते हैं, लेकिन गिद्धौर प्रखंड के पतसंडा पंचायत निवासी 72 वर्षीय कपिलदेव रावत ने इस सोच को पीछे छोड़ते हुए एक यादगार अनुभव हासिल किया। उन्होंने हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत वादियों में पैराग्लाइडिंग कर आसमान की ऊंचाइयों में उड़ान भरी।
कपिलदेव रावत के लिए यह सिर्फ एक रोमांचक गतिविधि नहीं थी, बल्कि अपने जीवन में कुछ नया करने का ऐसा मौका था, जिसे वह लंबे समय तक याद रखेंगे। खास बात यह रही कि इस अनुभव के पीछे उनके बच्चों का प्रोत्साहन और हौसला सबसे बड़ी वजह बना।
बच्चों के साथ हिमाचल घूमने पहुंचे थे कपिलदेव
कपिलदेव रावत ने बताया कि उनके बच्चे उन्हें हिमाचल प्रदेश घुमाने लेकर गए थे। यात्रा के दौरान जब पैराग्लाइडिंग का मौका आया तो बच्चों ने उन्हें भी इसमें हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया।
शुरुआत में 72 वर्षीय कपिलदेव ने पैराग्लाइडिंग को लेकर थोड़ी झिझक दिखाई। इस उम्र में आसमान में उड़ान भरना उनके लिए सामान्य अनुभव नहीं था। लेकिन बच्चों ने उनका हौसला बढ़ाया और उन्हें भरोसा दिलाया। लगातार प्रोत्साहन मिलने के बाद उन्होंने भी इस रोमांचक अनुभव को आजमाने का फैसला किया।
इसके बाद कपिलदेव रावत ने पैराग्लाइडिंग की और हिमाचल की वादियों के ऊपर से उड़ान भरने का आनंद लिया।
24 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ान का दावा
कपिलदेव रावत के मुताबिक उन्होंने करीब 24 हजार फीट की ऊंचाई पर पैराग्लाइडिंग का अनुभव लिया। उनके लिए यह पल बेहद रोमांचक और यादगार रहा।
अपने अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि इस उम्र में ऐसा कुछ कर पाना उनके लिए विशेष अनुभव है। उन्होंने अपने बच्चों को इसका श्रेय देते हुए कहा कि बच्चों के संस्कार, प्रोत्साहन और सहयोग ने उन्हें नई चीज आजमाने का हौसला दिया।
कपिलदेव का मानना है कि अगर परिवार का साथ और मन में उत्साह हो तो उम्र किसी नए अनुभव के रास्ते में दीवार नहीं बनती।
युवाओं के लिए भी बना प्रेरणा का संदेश
72 वर्ष की उम्र में पैराग्लाइडिंग करने की खबर सामने आने के बाद कपिलदेव रावत के साहस और उत्साह की चर्चा गिद्धौर और जमुई क्षेत्र में हो रही है। उनकी यह पहल खासकर युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक मानी जा रही है।
कपिलदेव रावत का संदेश साफ है कि जिंदगी में कुछ नया करने की इच्छा उम्र देखकर खत्म नहीं होनी चाहिए। परिस्थितियां और क्षमता हर व्यक्ति की अलग हो सकती है, लेकिन उत्साह और परिवार का सहयोग जीवन में नए अनुभवों के दरवाजे खोल सकता है।
उनकी यह रोमांचक उड़ान केवल आसमान में भरी गई एक पैराग्लाइडिंग फ्लाइट नहीं, बल्कि उम्र को लेकर बनी धारणाओं को चुनौती देने वाली प्रेरक कहानी बन गई है।