जमुई के सिमुलतल्ला क्षेत्र में 34 जवानों के साथ चला कई घंटे का अभियान, खोजी श्वान और डीएसएमडी की मदद से हुई तलाशी
जमुई: जिले के सिमुलतल्ला थाना क्षेत्र के घने जंगल और दुर्गम पहाड़ी इलाके में 16वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने सघन सर्च ऑपरेशन चलाकर तीन अवैध हथियार बरामद किए हैं। सुरक्षा बलों को ये हथियार हल्दिया झरना के पास बड़े-बड़े पत्थरों के बीच बने सुरंगनुमा स्थान से मिले। बरामद हथियारों में एक देसी राइफल और दो कट्टा शामिल हैं।
एसएसबी के मुताबिक, इलाके में पूर्व में नक्सली गतिविधियों से जुड़ी सामग्री छिपाए जाने की सूचना मिलने के बाद यह अभियान चलाया गया। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर क्षेत्र में सर्च और डी-माइनिंग ऑपरेशन शुरू किया गया।
गुप्त सूचना के बाद जंगल में उतरी संयुक्त टीम
एसएसबी के अनुसार, 10 सितंबर को आसूचना शाखा को सूचना मिली थी कि बथनावरण, कासासकरी घोटारी और नूनतारा के आसपास स्थित हल्दिया झरना के जंगल में पूर्व में नक्सलियों द्वारा हथियार, गोला-बारूद या अन्य आपत्तिजनक सामग्री छिपाई गई हो सकती है।
इस इनपुट की जानकारी द्वितीय कमान अधिकारी सह कार्यवाहक कमांडेंट बांके बिहारी को दी गई। इसके बाद उनके निर्देश पर 11 सितंबर की मध्य रात्रि के बाद क्षेत्र प्रभुत्व सह डी-माइनिंग अभियान शुरू किया गया।
अभियान में कार्यवाहक कमांडेंट के नेतृत्व में बी समवाय सिमुलतल्ला के 34 जवान, प्रशिक्षित खोजी श्वान जूली और फेंटा, डीएसएमडी तथा स्थानीय पुलिस के जवान शामिल हुए।
छह से सात घंटे तक जंगल में चली तलाशी
संयुक्त टीम ने हल्दिया झरना के आसपास के घने जंगल और पहाड़ी इलाके में करीब छह से सात घंटे तक सघन तलाशी अभियान चलाया। दुर्गम क्षेत्र होने के कारण टीम ने सावधानीपूर्वक संदिग्ध स्थानों की जांच की। इस दौरान प्रशिक्षित खोजी श्वानों और डीएसएमडी की मदद से जमीन तथा पत्थरों के बीच छिपे संभावित ठिकानों को खंगाला गया।
तलाशी के दौरान झरना से करीब 200 मीटर पश्चिम, बड़े पत्थरों के बीच बने एक सुरंगनुमा स्थान पर टीम को हथियार छिपाए होने का सुराग मिला। जांच के बाद वहां से एक देसी राइफल और दो कट्टा बरामद किए गए।
पुलिस को सौंपे जाएंगे बरामद हथियार
एसएसबी ने बरामद हथियारों को जब्त कर लिया है। आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए इन्हें सिमुलतल्ला थाना पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, विश्वसनीय आसूचना के आधार पर समय रहते की गई कार्रवाई के कारण यह सफलता मिली। सुरक्षा बलों का कहना है कि दुर्गम पहाड़ी और जंगल वाले इलाकों में छिपाई गई आपत्तिजनक सामग्री की तलाश और नक्सली गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे।