भागलपुर: गंगा के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ के कारण सबौर प्रखंड के कुरपट इलाके के पास 11 हजार वोल्ट के तार समेत बिजली का पोल बह गया। पोल बहने से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई। बाढ़ का पानी लगातार बढ़ने के कारण आसपास के दूसरे बिजली पोलों पर भी खतरा बना हुआ है। इसे देखते हुए बिजली विभाग ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।
अलीगंज सब डिवीजन के सहायक अभियंता रितेश कुमार के अनुसार, कुरपट के पास बह चुके पोल की जगह नया पोल खड़ा कर दिया गया है। विभाग ने करीब 24 घंटे के भीतर बिजली आपूर्ति बहाल करा दी। इससे प्रभावित क्षेत्र में बिजली व्यवस्था दोबारा सामान्य हो सकी।
पांच नावों से बिजली के पोल और तारों की निगरानी
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बिजली विभाग ने प्रभावित इलाकों में पांच नावों की व्यवस्था की है। इन नावों के जरिए विभागीय कर्मी लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गश्त कर रहे हैं और बिजली के पोल तथा तारों की स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाढ़ के पानी के बीच किसी पोल के गिरने या तार टूटने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। कर्मियों को किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने आने पर इसकी सूचना देने और मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
पोल गिरने या तार टूटने पर तत्काल होगी कार्रवाई
बिजली विभाग के अनुसार, बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में कहीं बिजली का पोल गिरने, तार टूटने या विद्युत व्यवस्था को नुकसान पहुंचने की जानकारी मिलती है तो टीम को तुरंत मौके पर भेजा जाएगा। क्षतिग्रस्त व्यवस्था को दुरुस्त कर जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल रखने का प्रयास किया जाएगा।
बाढ़ के दौरान बिजली के पोल और तारों से होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए भी विभाग विशेष सतर्कता बरत रहा है। पानी से घिरे इलाकों में बिजली के ढांचे की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि किसी अप्रिय घटना से पहले जरूरी कदम उठाए जा सकें।
फिलहाल कुरपट के पास बह चुके बिजली पोल की जगह नया पोल खड़ा कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है, जबकि बाढ़ प्रभावित सबौर इलाके में पांच नावों के जरिए विद्युत व्यवस्था की निगरानी जारी है।