बांका: जिले के बेलहर प्रखंड के बहोरना गांव के पास खेसर-जिलानी पथ पर लोहागर नदी का डायवर्जन शनिवार रात फिर पानी के तेज दबाव में बह गया। इससे आसपास के दर्जनों गांवों का आवागमन एक बार फिर प्रभावित हो गया है। खास बात यह है कि विभाग ने दिन में ही डायवर्जन की मरम्मत कर आवागमन बहाल कराया था, लेकिन कुछ ही घंटों बाद बारिश के पानी ने पूरी व्यवस्था को फिर बिगाड़ दिया।
बताया जाता है कि तीन दिन पहले भी लोहागर नदी का डायवर्जन पानी के तेज बहाव में टूट गया था। इसके बाद ग्रामीण कार्य विभाग ने नदी का जलस्तर कम होने पर मरम्मत का काम शुरू कराया। शनिवार शाम तक काम पूरा कर लोगों के लिए रास्ता खोल दिया गया था। हालांकि, रात में हुई बारिश और नदी में बढ़े पानी के दबाव के कारण डायवर्जन दोबारा बह गया।
50 हजार से अधिक लोगों की बढ़ी परेशानी
डायवर्जन के दोबारा टूटने से 50 हजार से अधिक आबादी प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। बेलहर और शंभुगंज प्रखंड के दर्जनों गांवों के अलावा फुल्लीडुमर प्रखंड के कई गांवों के लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है।
डायवर्जन बंद होने के कारण ग्रामीणों को प्रखंड मुख्यालय पहुंचने के लिए अब करीब 8 से 10 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ सकती है। इससे रोजमर्रा के काम, बाजार, अस्पताल और सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने वाले लोगों को काफी परेशानी होगी।
भारी बारिश के बाद बुधवार को पहली बार टूटा था डायवर्जन
दरअसल, बुधवार को हुई भारी बारिश के बाद लोहागर नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया था। पानी के तेज बहाव के कारण डायवर्जन टूट गया था। इसके चलते बेलहर और शंभुगंज के कई गांवों के साथ फुल्लीडुमर के ग्रामीण इलाकों का संपर्क प्रभावित हुआ था।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, डायवर्जन टूटने की समस्या को लेकर खबर सामने आने के बाद विभाग ने नदी का जलस्तर कम होते ही मरम्मत का काम शुरू कराया था। लेकिन दोबारा बारिश होने के कारण एक बार फिर डायवर्जन बह गया।
एक साल पहले टूटा था नदी पर बना पुल
बताया जाता है कि करीब एक वर्ष पहले लोहागर नदी पर बना पुल ध्वस्त हो गया था। इसके बाद लोगों की आवाजाही जारी रखने के लिए लाखों रुपये खर्च कर डायवर्जन का निर्माण कराया गया था।
अब बार-बार डायवर्जन बहने से ग्रामीणों के सामने आवागमन की समस्या खड़ी हो गई है। ग्रामीणों की मांग है कि अस्थायी व्यवस्था के बजाय नदी पर स्थायी पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि हर बारिश में रास्ता बंद होने की स्थिति न बने।
विभाग ने जल्द मरम्मत का दिया भरोसा
डायवर्जन दोबारा बहने की जानकारी के बाद ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से इसे फिर से दुरुस्त करने की बात कही गई है। विभाग का कहना है कि स्थिति अनुकूल होते ही मरम्मत कर आवागमन बहाल कराने का प्रयास किया जाएगा।
फिलहाल ग्रामीणों को नदी के बढ़े जलस्तर और टूटे डायवर्जन के कारण अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।