सारण: जिले के दरियापुर प्रखंड के घोरहू कोठिया में शनिवार की रात मही नदी का तटबंध अचानक टूट गया। करीब 20 फीट हिस्से में तटबंध टूटने के बाद नदी का पानी तेजी से आसपास के ग्रामीण इलाकों और खेतों की ओर फैलने लगा। अचानक गांवों की तरफ बढ़ते बाढ़ के पानी से ग्रामीणों में अफरातफरी की स्थिति बन गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, तटबंध में पहले से ही पानी के रिसाव की समस्या सामने आ रही थी। ग्रामीणों का कहना है कि रिसाव को लेकर चिंता बनी हुई थी और प्रशासन को भी इसकी जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद शनिवार रात पानी के दबाव के बीच तटबंध का एक बड़ा हिस्सा टूट गया।
रिसाव के बाद भी नहीं टला खतरा
तटबंध में रिसाव की सूचना के बाद इलाके में पहले से ही खतरे की आशंका बनी हुई थी। पानी का दबाव बढ़ने के साथ स्थिति बिगड़ती गई और रात में करीब 20 फीट तटबंध टूट गया।
तटबंध टूटते ही पानी का बहाव आसपास के खेतों और गांवों की ओर बढ़ गया। देखते ही देखते दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी पहुंचने लगा, जिससे ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई। लोगों को अपने घरों और सामान की सुरक्षा की चिंता सताने लगी।
सूचना मिलते ही प्रशासन ने संभाला मोर्चा
तटबंध टूटने की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारी और बाढ़ नियंत्रण विभाग की टीम मौके पर पहुंची। सोनपुर एसडीएम, दरियापुर बीडीओ, सीओ और बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया।
अधिकारियों की मौजूदगी में टूटे तटबंध को नियंत्रित करने और पानी के बहाव को कम करने के लिए जरूरी कार्रवाई शुरू की गई। प्रशासन की टीम प्रभावित इलाकों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
गांवों में बढ़ी बाढ़ की चिंता
रात के समय अचानक पानी गांवों की ओर पहुंचने से लोगों में डर का माहौल है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि नदी का दबाव और बढ़ा तो आसपास के दूसरे इलाकों में भी बाढ़ की स्थिति गंभीर हो सकती है।
प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। फिलहाल प्राथमिकता टूटे तटबंध के हिस्से को नियंत्रित करने और बाढ़ के पानी के फैलाव को रोकने की है।