20-20 हजार रुपये का अर्थदंड, दंपति पर हमला मामले में 12 हजार रुपये जुर्माना
बेगूसराय। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऋशिकांत की अदालत ने हत्या और जानलेवा हमले से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में दोषियों को सजा सुनाई है। हत्या के एक मामले में अदालत ने दो दोषियों को उम्रकैद और 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं, दंपति पर जानलेवा हमला करने के मामले में दोषी पाए गए आरोपी को 10 साल की सश्रम कारावास और 12 हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी गई।
हत्या के मामले में दो दोषियों को उम्रकैद
पहले मामले में नीमाचांदपुरा थाना क्षेत्र के नीमा गांव निवासी सुभाष महतो उर्फ सुबल महतो और भोला महतो उर्फ भोला कुमार को ग्रामीण महतेष कुमार की हत्या का दोषी पाया गया था। अदालत ने अभियोजन साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर दोनों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
लोक अभियोजक संतोष कुमार के अनुसार, महेश कुमार की हत्या 25 मार्च 2024 की रात कर दी गई थी। घटना के संबंध में मृतक की पत्नी ज्योति कुमारी ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल सात गवाहों की गवाही अदालत में कराई गई। गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपितों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 323 के तहत दोषी माना।
अदालत ने दोनों दोषियों को उम्रकैद के साथ 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भरने का आदेश दिया। इसके अलावा पीड़िता को नियमानुसार मुआवजा राशि देने का भी निर्देश दिया गया है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर दोनों दोषियों को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
दंपति पर जानलेवा हमले में 10 साल की सजा
दूसरे मामले में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दंपति पर जानलेवा हमला करने के दोषी सौरभ कुमार को 10 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। सौरभ कुमार, नाथो यादव का पुत्र और बलिया थाना क्षेत्र के पोखरिया गांव का निवासी है।
लोक अभियोजक संतोष कुमार ने बताया कि सौरभ कुमार पर साहेबपुरकमाल थाना क्षेत्र के चौकी सादपुर गांव निवासी कृष्ण कुमार सुमन और उनकी पत्नी मीना देवी पर जानलेवा हमला करने का आरोप था।
यह घटना 28 दिसंबर 2022 की रात हुई थी। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल छह गवाहों की गवाही कराई गई।
अदालत ने गवाहों के बयान और मामले से जुड़े दस्तावेजी साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 307, 326, 324, 506, 323 और 341 के तहत दोषी माना।
अदालत ने अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाते हुए कुल 10 साल की सश्रम कारावास और 12 हजार रुपये अर्थदंड का आदेश दिया। साथ ही, डीएलएसए को पीड़ित पक्ष को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
दोनों मामलों में अदालत ने सुनाया फैसला
बेगूसराय की अदालत के इन दोनों फैसलों में हत्या और गंभीर हमले के मामलों में दोषियों को सजा दी गई है। हत्या के मामले में दो दोषियों को उम्रकैद के साथ जुर्माना लगाया गया, जबकि दंपति पर जानलेवा हमले के मामले में आरोपी को 10 साल की सजा सुनाई गई।