पटना: लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पार्टी के एक मंत्री पर लगे गंभीर आरोपों को लेकर स्पष्ट रुख सामने रखा है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जांच में यदि मंत्री या कोई अन्य व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
चिराग पासवान ने कहा कि किसी व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगना सामान्य मामला नहीं है। ऐसे मामलों में आरोपों की सच्चाई सामने लाने के लिए तथ्यों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल आरोप लगने के आधार पर किसी को दोषी नहीं माना जा सकता, लेकिन आरोप गंभीर हैं तो उनकी जांच से पीछे भी नहीं हटना चाहिए।
पार्टी स्तर पर भी मांगा गया जवाब
चिराग पासवान के अनुसार, इस मामले को लेकर पार्टी स्तर पर संबंधित मंत्री से जवाब मांगा गया है। वहीं, संबंधित विधायक ने भी पार्टी फोरम पर अपनी बात रखी है। बताया गया कि विधायक की ओर से मानहानि का मुकदमा भी दायर किया गया है।
चिराग ने कहा कि पूरे मामले में सभी पक्षों की बात और उपलब्ध तथ्यों को सामने रखकर जांच की जानी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
दोषी मिले तो सख्त कार्रवाई की बात
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जांच के बाद यदि उनकी पार्टी का मंत्री या कोई अन्य व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि दोष साबित होने की स्थिति में सिर्फ मंत्री पद से हटाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि कानून के तहत कड़ी सजा दिलाने की दिशा में भी कार्रवाई होनी चाहिए।
चिराग पासवान ने कहा कि ऐसे मामलों में कानून अपना काम करे और तथ्यों के आधार पर फैसला लिया जाए। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच के बाद ही यह तय हो सकता है कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और जिम्मेदारी किसकी बनती है।
आरोप और जांच के बीच निष्पक्षता पर जोर
चिराग पासवान ने एक तरफ आरोपों की गंभीरता को स्वीकार किया, वहीं दूसरी ओर बिना जांच किसी को दोषी मानने से बचने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में आरोप लगना और दोष साबित होना अलग-अलग बातें हैं।
अब इस मामले में जांच के परिणाम पर नजर रहेगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है, जबकि आरोप गलत पाए जाने की स्थिति में स्थिति अलग होगी।