67 वर्षीय रिश्तेदार की हत्या के बाद सोना गायब, पुलिस की पूछताछ में खुला मामला; चार नाबालिग हिरासत में
अलाप्पुझा। केरल के अलाप्पुझा में एक बुजुर्ग की हत्या की जांच ने ऐसा मोड़ लिया है, जिसने पूरे मामले को बेहद गंभीर बना दिया। पुलिस के मुताबिक, 67 वर्षीय शिवनकुट्टी चेट्टियार की हत्या के मामले में चार नाबालिगों को हिरासत में लिया गया है। इनमें 13 वर्षीय लड़की भी शामिल है, जिस पर कथित तौर पर हत्या की योजना में भूमिका निभाने का आरोप है।
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जब घटनास्थल और परिवार से जुड़े लोगों की जांच शुरू की तो चोरी और हत्या के बीच संबंध सामने आया। घर से सोने के आभूषण गायब थे और बुजुर्ग का शव घर के अंदर मिला था।
पहले चोरी, फिर हत्या की जांच
शुरुआत में पुलिस को लगा कि यह चोरी के दौरान हुई हत्या का मामला हो सकता है। मृतक के शरीर पर संघर्ष के निशान मिले और उनके हाथ-पैर कपड़े से बंधे हुए थे।

जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को पता चला कि मृतक के घर से सोने के आभूषण गायब थे। इसके बाद पुलिस ने यह पता लगाने पर ध्यान केंद्रित किया कि घर में कौन-कौन लोग सोने की मौजूदगी के बारे में जानकारी रखते थे।
परिवार के करीब से ही सामने आया सुराग
पुलिस ने मृतक के करीबियों से पूछताछ शुरू की। इसी दौरान 13 वर्षीय रिश्तेदार से भी पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, उसके बयानों में विरोधाभास सामने आने के बाद जांचकर्ताओं ने उससे विस्तृत पूछताछ की।
इसके बाद कथित तौर पर उसके बॉयफ्रेंड और उसके दो दोस्तों की भूमिका सामने आई। तीनों लड़के भी नाबालिग बताए जा रहे हैं।
वेंटिलेटर के रास्ते घर में घुसने का दावा
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने घर में पीछे की ओर मौजूद एक छोटे रास्ते और वेंटिलेटर के पास से प्रवेश किया था। इसके बाद बुजुर्ग के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई और उनके हाथ-पैर बांध दिए गए।

पोस्टमार्टम के आधार पर पुलिस ने बताया कि बुजुर्ग की मौत दम घुटने से हुई। इसके बाद आरोपियों ने घर में रखे सोने की तलाश की।
हत्या का वीडियो कॉल कनेक्शन
मामले की सबसे हैरान करने वाली जानकारी वीडियो कॉल से जुड़ी है। पुलिस के मुताबिक, हत्या के दौरान या उसके तुरंत बाद आरोपी लड़के ने 13 वर्षीय लड़की को वीडियो कॉल किया और उसे घटना दिखाई।
पुलिस अब इस वीडियो कॉल और आरोपियों के फोन रिकॉर्ड की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि साजिश किस तरह तैयार की गई थी और वारदात से पहले आरोपियों के बीच कितनी बातचीत हुई।
सोने से लेकर iPhone और बाइक तक की कहानी
जांच में पुलिस को शक है कि हत्या के पीछे सोना और पैसे हासिल करना प्रमुख मकसद था। पुलिस के मुताबिक, चोरी के सोने को बेचकर महंगा मोबाइल फोन और बाइक खरीदने की योजना बनाई गई थी।

पुलिस ने चोरी किए गए सोने का हिस्सा बरामद करने की बात भी कही है। अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि बाकी सामान कहां गया और वारदात से पहले पूरी योजना कितने समय से बनाई जा रही थी।
क्या बदले की भावना भी थी?
पुलिस के मुताबिक, 13 वर्षीय लड़की ने बुजुर्ग पर अनुचित तरीके से छूने का आरोप भी लगाया था। इस दावे को जांच में अलग एंगल के तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने शुरुआती जांच के आधार पर सोने की चोरी को हत्या का प्रमुख मकसद बताया है। दूसरे संभावित कारणों की जांच अभी जारी है।
चारों नाबालिग हिरासत में
पुलिस ने विस्तृत पूछताछ के बाद चारों नाबालिगों को हिरासत में लिया है। अब जांचकर्ता वारदात की पूरी टाइमलाइन तैयार कर रहे हैं।

पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घर से चोरी किए गए आभूषणों को किस तरह बेचा गया और उससे मिले पैसे का क्या किया गया।
नाबालिग आरोपियों को लेकर कानूनी प्रक्रिया अहम
चूंकि मामले में सभी आरोपी नाबालिग हैं, इसलिए आगे की कार्रवाई किशोर न्याय कानून के तहत होगी। पुलिस ने गंभीरता को देखते हुए आरोपी लड़कों के मामले में कानून के मुताबिक आगे की संभावनाओं पर विचार करने की बात कही है।
अलाप्पुझा का यह मामला अब सिर्फ एक हत्या की जांच नहीं रह गया है। सोना चोरी, नाबालिगों की कथित साजिश और वीडियो कॉल पर हत्या देखने के आरोप ने इसे बेहद चर्चित क्राइम केस बना दिया है। पुलिस की आगे की जांच से ही यह साफ होगा कि पूरी साजिश कैसे तैयार हुई और इसमें किसकी कितनी भूमिका थी।
