कोलकाता/बांकुड़ा: पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में CJP कार्यकर्ता अब्दुल हफीज के पिता शेख मोहम्मद माफिक की मौत का मामला अब राजनीतिक विवाद में बदलता जा रहा है। परिवार का आरोप है कि घर पर हुए हमले में माफिक गंभीर रूप से घायल हुए थे और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना को लेकर CJP ने राज्य सरकार से कार्रवाई की मांग करते हुए 10 दिन का अल्टीमेटम दिया है।
CJP नेता आशुतोष रांका अपने सहयोगियों के साथ बांकुड़ा के इंदास स्थित करिशुंडा गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने सरकार के सामने चार प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी बांकुड़ा जिला प्रशासन कार्यालय का शांतिपूर्ण घेराव करेगी।
आखिर क्या है पूरा मामला?
CJP के मुताबिक, अब्दुल हफीज पार्टी के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान से जुड़े थे। इसी अभियान के तहत उन्होंने 13 अगस्त को करिशुंडा वेस्ट पारा प्राथमिक विद्यालय का दौरा किया था। पार्टी का दावा है कि उन्होंने स्कूल की बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी कमियों का वीडियो बनाया था।
आरोप है कि उसी शाम कुछ लोग उनके घर पहुंचे। CJP के मुताबिक, अब्दुल हफीज से स्कूल से जुड़े वीडियो को लेकर माफी मांगने वाला वीडियो रिकॉर्ड करने को कहा गया। जब उन्होंने ऐसा करने से इनकार किया तो उनके और उनके पिता पर कथित तौर पर हमला किया गया।
इस हमले में शेख मोहम्मद माफिक गंभीर रूप से घायल हुए। उन्हें पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया और बाद में हालत बिगड़ने पर बर्द्धमान मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया। रिपोर्टों के अनुसार शनिवार रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
CJP नेता आशुतोष रांका ने परिवार से की मुलाकात
घटना के बाद CJP की ओर से आशुतोष रांका बांकुड़ा पहुंचे। उन्होंने परिवार से बातचीत की और अब्दुल हफीज से पूरे मामले की जानकारी ली।

मुलाकात के बाद रांका ने राज्य सरकार से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई, पीड़ित परिवार की सुरक्षा और पुलिस की भूमिका की जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को मांगें पूरी करने के लिए 10 दिन का समय दिया गया है।
CJP का कहना है कि यदि इस अवधि में कार्रवाई नहीं हुई तो बांकुड़ा DM कार्यालय का शांतिपूर्ण घेराव किया जाएगा और इसके बाद आंदोलन को राज्य स्तर तक ले जाया जा सकता है।
CJP की सरकार से 4 बड़ी मांगें क्या हैं?
CJP ने इस मामले में पश्चिम बंगाल सरकार के सामने चार प्रमुख मांगें रखी हैं।

1. सभी आरोपियों के खिलाफ FIR
पार्टी ने मामले में शामिल सभी अज्ञात आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज करने और उनकी पहचान कर कार्रवाई की मांग की है।
2. पुलिस की भूमिका की निष्पक्ष जांच
CJP ने स्थानीय पुलिस पर सवाल उठाते हुए पुलिसकर्मियों के कथित आचरण और मिलीभगत की अदालत की निगरानी में जांच कराने की मांग की है।
3. परिवार को सुरक्षा
पार्टी ने पीड़ित परिवार को चौबीसों घंटे राज्य सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। CJP का कहना है कि घटना के बाद परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।
4. मुआवजे की जगह पिता के नाम पर स्कूल
इस मामले की सबसे अलग मांग यह है कि परिवार आर्थिक मुआवजा नहीं चाहता। CJP के मुताबिक परिवार की मांग है कि मृतक शेख मोहम्मद माफिक के नाम पर एक विश्वस्तरीय स्कूल बनाया जाए।
‘स्कूल ठीक करो’ अभियान से जुड़ा है मामला
CJP का कहना है कि अब्दुल हफीज ने जिस स्कूल का दौरा किया था, वह उनके पुराने स्कूलों में से एक था। पार्टी के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान का उद्देश्य सरकारी स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं और समस्याओं को सामने लाना बताया गया है।
इसी अभियान के दौरान स्कूल की स्थिति का वीडियो बनाए जाने के बाद विवाद पैदा होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, घटना की पूरी परिस्थितियों और हमले के पीछे की वास्तविक वजह की पुष्टि जांच से ही होगी।
बीजेपी ने आरोपों से किया इनकार
इस मामले में CJP की ओर से बीजेपी से जुड़े लोगों पर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, बीजेपी की ओर से इन आरोपों को खारिज किया गया है।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि घटना का बीजेपी से कोई संबंध नहीं है और जो भी लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस ने मामले में कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया है।
इसलिए फिलहाल राजनीतिक आरोपों और जांच के निष्कर्षों को अलग-अलग देखना जरूरी है।
ममता बनर्जी से भी परिवार की बातचीत
घटना के बीच पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का भी नाम सामने आया है। लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, टीएमसी नेताओं ने परिवार से मुलाकात की और परिवार की ममता बनर्जी से फोन पर बातचीत भी कराई।
रिपोर्ट के अनुसार, ममता बनर्जी ने परिवार से चार्जशीट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जरूरी दस्तावेज लेकर उनसे मिलने को कहा तथा सहयोग का भरोसा दिया।
इससे मामला अब सिर्फ स्थानीय घटना तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि राज्य की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है।
10 दिन बाद क्या होगा?
CJP की ओर से दिए गए अल्टीमेटम के बाद अब राज्य सरकार और प्रशासन के अगले कदम पर नजर रहेगी। पार्टी ने साफ कहा है कि अगर 10 दिनों के भीतर उसकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह बांकुड़ा DM कार्यालय का घेराव करेगी और आंदोलन को आगे बढ़ाएगी।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन के सामने मामले की निष्पक्ष जांच कर घटना की वास्तविक परिस्थितियों को सामने लाने की चुनौती है। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि हमले के पीछे क्या कारण था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।