आरा, भोजपुर: सेवानिवृत्त कस्टम अधिकारी और क्षत्रिय कल्याण संगठन के अध्यक्ष रामकुमार सिंह की हत्या को लेकर बिहार की राजनीति में भी हलचल तेज है। राजद नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने सोमवार को वीडियो कॉल के जरिए पीड़ित परिवार से बातचीत की। उन्होंने परिवार का हाल जाना, घटना की जानकारी ली और दोषियों को सजा दिलाने की दिशा में न्याय मिलने का भरोसा दिया।
तेजस्वी यादव ने दिवंगत के बेटे से की बातचीत
पूर्व विधायक भाई दिनेश और राजद के प्रदेश महासचिव मनोज सिंह के माध्यम से तेजस्वी यादव ने दिवंगत रामकुमार सिंह के पुत्र राकेश सिंह से वीडियो कॉल पर बात की। बातचीत के दौरान उन्होंने परिवार की स्थिति और हत्याकांड से जुड़ी जानकारी ली। उन्होंने भरोसा दिलाया कि परिवार को न्याय मिलना चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
इस दौरान पूर्व विधायक भाई दिनेश, राजद प्रदेश महासचिव मनोज सिंह, कमलेश सिंह, राणा सिंह, हरेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, प्रिंस ठाकुर, अनिल यादव और चंदन प्रजापति समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
15 अक्टूबर की सुबह घर के पास हुई थी हत्या
रामकुमार सिंह की 15 अक्टूबर की सुबह आरा के नवादा थाना क्षेत्र स्थित कनकपुरी मोहल्ले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह सेवानिवृत्त कस्टम अधिकारी होने के साथ क्षत्रिय कल्याण संगठन के अध्यक्ष भी थे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वह सुबह की सैर पर निकलने की तैयारी में थे, तभी हमलावरों ने उन पर गोलियां चलाईं। घटना के बाद इलाके में आक्रोश और आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग उठी थी।

मुख्य आरोपित चंदन सिंह समेत दो गिरफ्तार
हत्याकांड की जांच के बीच सोमवार को पुलिस की कार्रवाई में अहम अपडेट सामने आया। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, भोजपुर पुलिस की टीम ने मुख्य आरोपित बताए जा रहे चंदन सिंह और अभिषेक यादव को पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित दमदम एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया। इससे पहले मामले में मनोज सिंह उर्फ लक्की को गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने की खबर आई थी। पुलिस गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ कर रही है और मामले में अन्य कड़ियों की जांच जारी है।
मृतक के पुत्र अमित कुमार उर्फ गोल्डी की ओर से 14 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराए जाने की खबर है। प्राथमिकी में नाम आने मात्र से किसी व्यक्ति का दोष सिद्ध नहीं होता; मामले में आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के जरिए होगी।
जमीन विवाद के आरोप की भी जांच
परिजनों ने हत्या के पीछे जमीन विवाद की आशंका जताई थी। कुछ रिपोर्टों में करीब 13 कट्ठा जमीन को लेकर विवाद और पहले धमकियां मिलने के परिवार के आरोपों का उल्लेख है। हालांकि, हत्या की वास्तविक वजह और कथित साजिश में किसकी क्या भूमिका रही, इसका अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएगा।
परिवार को न्याय दिलाने की मांग
रामकुमार सिंह की हत्या के बाद स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों की ओर से आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी तथा निष्पक्ष जांच की मांग उठी। तेजस्वी यादव की परिवार से बातचीत ऐसे समय हुई है, जब पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ पर सभी की नजर है। परिवार को न्याय दिलाने के लिए जरूरी होगा कि जांच तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़े तथा दोष साबित होने पर अदालत के जरिए उचित सजा सुनिश्चित हो।

फिलहाल: इस मामले में गिरफ्तारी के बाद जांच जारी है। हत्या के पीछे की वजह, कथित साजिश और अन्य नामजद लोगों की भूमिका को लेकर पुलिस की आधिकारिक जांच के निष्कर्षों का इंतजार है।
