Punpun Pitru Paksha Mela 2026: पितरों के तर्पण और धार्मिक अनुष्ठान के लिए पुनपुन में पितृपक्ष मेला शुरू हो गया है। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। जिलाधिकारी कुंदन कुमार और वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर मौके पर मौजूद व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने घाट, आसपास के क्षेत्रों, यातायात, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
घाट पर सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता, SDRF और गोताखोर लगातार रहेंगे तैनात
पुनपुन नदी के आसपास श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने नदी क्षेत्र की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया है। गोताखोरों और SDRF की टीम को लगातार तैनात रहने का निर्देश दिया गया है। नदी में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए टीम को अलर्ट मोड में रहने को कहा गया है।
प्रशासन की कोशिश है कि घाट पर श्रद्धालुओं की आवाजाही के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। भीड़ बढ़ने की स्थिति में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल सक्रिय होकर व्यवस्था संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

DM-SSP ने मौके पर परखी तैयारी, अधिकारियों को अलर्ट रहने का निर्देश
जिलाधिकारी कुंदन कुमार और SSP कार्तिकेय के. शर्मा के निरीक्षण का मुख्य फोकस श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल उपलब्ध कराना रहा। अधिकारियों ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि मेला अवधि के दौरान ड्यूटी पर तैनात मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी लगातार सक्रिय रहें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भीड़ वाले इलाकों में अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी। किसी भी स्थिति में लापरवाही नहीं होनी चाहिए और श्रद्धालुओं की समस्या का तत्काल समाधान किया जाए।

सफाई से लेकर कूड़ा उठाव तक, मेला क्षेत्र पर रहेगी लगातार नजर
पितृपक्ष मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण साफ-सफाई को लेकर भी विशेष व्यवस्था की गई है। मेला क्षेत्र और घाट के आसपास नियमित सफाई कराने तथा कूड़ा लगातार उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
सफाई कर्मचारियों को जरूरत के अनुसार अलग-अलग स्थानों पर तैनात रखने और स्वच्छता व्यवस्था को लगातार बनाए रखने पर जोर दिया गया है। प्रशासन का उद्देश्य है कि धार्मिक आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं को गंदगी या अस्वच्छता से परेशानी न हो।
पेयजल, शौचालय और रोशनी की व्यवस्था पर भी फोकस
श्रद्धालुओं की बुनियादी जरूरतों को देखते हुए पेयजल, शौचालय और रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मेला क्षेत्र में बिजली की निर्बाध उपलब्धता बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है।
रात के समय घाट और आसपास के रास्तों पर पर्याप्त रोशनी रहे, ताकि श्रद्धालुओं को आने-जाने में परेशानी न हो। प्रशासन ने संबंधित विभागों को व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने को कहा है।
पार्किंग और ट्रैफिक मैनेजमेंट पर खास नजर, भीड़ बढ़ी तो बढ़ेगी निगरानी
पितृपक्ष मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के साथ वाहनों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पार्किंग और यातायात व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
प्रशासन ने भीड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। ट्रैफिक को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने और श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाए रखने के लिए पुलिस अधिकारियों को सक्रिय रहने को कहा गया है।
मेले के दौरान जाम की स्थिति उत्पन्न होने पर संबंधित अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचकर यातायात को नियंत्रित करेंगे। पार्किंग व्यवस्था को भी इस तरह संचालित करने पर जोर है, जिससे मुख्य मार्गों और श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित न हो।
पुलिस को साफ संदेश—सुरक्षा में किसी तरह की लापरवाही नहीं
SSP कार्तिकेय के. शर्मा ने पुलिस अधिकारियों और जवानों को मेला क्षेत्र में पूरी तरह सतर्क रहने का निर्देश दिया है। भीड़ के बीच सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखने और किसी भी संदिग्ध या आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है।
प्रशासन का फोकस सिर्फ भीड़ नियंत्रित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने पर भी है। घाट, पार्किंग क्षेत्र, प्रमुख रास्तों और भीड़ वाले स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बनाए रखने की तैयारी की गई है।
आस्था के साथ सुविधा और सुरक्षा का भरोसा
पितृपक्ष का समय धार्मिक आस्था और परंपरा से जुड़ा माना जाता है। इस दौरान श्रद्धालु अपने पितरों के लिए तर्पण और अन्य धार्मिक अनुष्ठान करने के लिए पुनपुन पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने एक साथ कई मोर्चों पर व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है—घाट की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक, साफ-सफाई, बिजली, पानी और स्वास्थ्य-संबंधी बुनियादी सुविधाएं।
जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मेला अवधि में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवाजाही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। प्रशासन का संदेश साफ है कि धार्मिक आयोजन के दौरान व्यवस्था में किसी तरह की कमी न रहे और श्रद्धालुओं को सुरक्षित तथा सहज माहौल मिले।
पुनपुन में पितृपक्ष मेला शुरू होने के साथ अब प्रशासन की निगाह खास तौर पर उन इलाकों पर है, जहां श्रद्धालुओं की संख्या ज्यादा रहती है। घाट से लेकर पार्किंग और ट्रैफिक प्वाइंट तक अधिकारियों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। SDRF और गोताखोरों की तैनाती से नदी क्षेत्र की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है, जबकि सफाई, पेयजल, शौचालय, बिजली और यातायात व्यवस्था पर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है।