Besleri Packaged Drinking Water के नाम पर बिक्री का मामला, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हाजीपुर में की छापेमारी; राज्यभर में 765 से अधिक खाद्य नमूने संग्रहित
बिहार में त्योहारों से पहले खाद्य सुरक्षा को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में वैशाली जिले के हाजीपुर में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर के मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। खाद्य सुरक्षा टीम ने M/s ABS Industries, Sahullahpur में छापेमारी कर 35,454 बोतल पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर जब्त की हैं। विभाग के अनुसार, इन बोतलों पर Besleri Packaged Drinking Water के नाम से एक अलग FSSAI लाइसेंस नंबर अंकित था, जिसे जांच में फर्जी बताया गया है। जब्त पानी के नमूने गुणवत्ता की जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब राज्य में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता, सुरक्षित भंडारण और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य सचिव-सह-खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि के निर्देश पर विभिन्न जिलों में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण और नमूना संग्रहण लगातार किया जा रहा है। हाल के दिनों में खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन से जुड़े मामलों में कानूनी कार्रवाई भी आगे बढ़ाई गई है।
फर्जी FSSAI नंबर की शिकायत पर पहुंची टीम
28 सितंबर को प्राप्त शिकायत के आधार पर खाद्य सुरक्षा टीम ने हाजीपुर स्थित M/s ABS Industries का निरीक्षण किया। विभाग के मुताबिक, प्रतिष्ठान के पास FSSAI का Central Licence मौजूद था, लेकिन Besleri Packaged Drinking Water के नाम से तैयार और बिक्री के लिए रखी गई बोतलों पर अलग FSSAI लाइसेंस नंबर अंकित मिला। विभाग ने इस नंबर को फर्जी बताया है।
जांच के दौरान प्रतिष्ठान में 500 मिलीलीटर, एक लीटर और दो लीटर क्षमता की बोतलों में पैक किया गया पानी बिक्री के लिए रखा मिला। बोतलों के लेबल पर निर्माता के रूप में M/s Sahil Enterprises का नाम दर्ज था। हालांकि, विभाग के अनुसार संबंधित ट्रेड के लिए प्रतिष्ठान की ओर से आवश्यक लाइसेंस उपलब्ध नहीं कराया गया। जांच के दौरान कुछ बोतलों पर बैच नंबर यानी B.No. भी अंकित नहीं पाया गया।
35,454 बोतलें जब्त
कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा टीम ने प्रतिष्ठान में रखी कुल 35,454 बोतलें जब्त कर लीं। इनमें 500 मिलीलीटर की 33,432 बोतलें, एक लीटर की 240 बोतलें और दो लीटर की 1,782 बोतलें शामिल हैं। विभाग ने जब्त पानी के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिए हैं। अब प्रयोगशाला रिपोर्ट से पानी की गुणवत्ता और निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन की स्थिति स्पष्ट होगी।
प्रतिष्ठान को Besleri Packaged Drinking Water के वितरण से संबंधित आवश्यक दस्तावेज तीन दिनों के भीतर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही मामले में Central Licensing Authority से भी पत्राचार की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
त्योहारों से पहले खाद्य सुरक्षा पर बढ़ी निगरानी
राज्य में आगामी त्योहारों को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की निगरानी और बढ़ाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभियान के तहत अब तक 765 से अधिक खाद्य नमूने विभिन्न जिलों से संग्रहित किए जा चुके हैं। इनमें दूध एवं दुग्ध उत्पाद, मिठाई, अनाज और दाल, मसाले व सॉस, बेवरेज, खाद्य तेल, स्ट्रीट फूड, बेकरी तथा अन्य खाद्य श्रेणियां शामिल हैं।
इससे पहले भी बिहार में खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के मामलों में विभाग ने कार्रवाई की है। 27 सितंबर को जारी जानकारी के अनुसार अलग-अलग जिलों से प्राप्त प्रयोगशाला रिपोर्टों के आधार पर 11 मामलों में अभियोजन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए थे। इन नमूनों में हल्दी, बेसन लड्डू, भिंडी, खाद्य तेल, बर्फी, धनिया, सौंफ और पनीर सहित कई खाद्य पदार्थ शामिल थे।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के कार्यकाल में खाद्य सुरक्षा पर फोकस
बिहार स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर निशांत कुमार को स्वास्थ्य मंत्री और कुमार रवि को स्वास्थ्य विभाग के सचिव के रूप में दर्ज किया गया है। खाद्य सुरक्षा से जुड़े इस अभियान में विभागीय स्तर पर लगातार निरीक्षण, नमूना संग्रहण और जांच की कार्रवाई की जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकताओं में आम लोगों तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर निगरानी भी महत्वपूर्ण है। खाद्य सुरक्षा अभियान इसी व्यापक जनस्वास्थ्य व्यवस्था का हिस्सा है। वैशाली में बड़ी मात्रा में पैकेज्ड वाटर की जब्ती और राज्यभर में 765 से अधिक खाद्य नमूनों का संग्रहण यह दर्शाता है कि विभाग खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच को नियमित प्रक्रिया के रूप में आगे बढ़ा रहा है।
हालांकि, वैशाली में जब्त किए गए पानी की वास्तविक गुणवत्ता के संबंध में अंतिम निष्कर्ष प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट आने के बाद ही निकाला जाएगा। फिलहाल विभाग की कार्रवाई लाइसेंस संबंधी अनियमितता, लेबलिंग और दस्तावेजों की उपलब्धता से जुड़ी जांच पर केंद्रित है।
नियमों का पालन नहीं करने वालों पर होगी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण और नमूना संग्रहण की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। विशेष रूप से त्योहारों के दौरान मिठाई, दूध एवं दुग्ध उत्पाद, पेय पदार्थ, पैकेज्ड वाटर, खाद्य तेल और अन्य खाद्य वस्तुओं की गुणवत्ता की जांच पर ध्यान दिया जाएगा।
विभाग का जोर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता, सुरक्षित भंडारण, उचित लेबलिंग और FSSAI के निर्धारित मानकों के अनुपालन पर है। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में खाद्य सुरक्षा कानून के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई से उपभोक्ताओं के लिए भी यह संदेश है कि पैकेज्ड खाद्य और पेय पदार्थ खरीदते समय लेबल, लाइसेंस विवरण, बैच नंबर, निर्माण एवं वैधता संबंधी जानकारी की जांच करना जरूरी है। वहीं, विभागीय स्तर पर जारी जांच और प्रयोगशाला परीक्षण की प्रक्रिया के जरिए खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन की निगरानी की जा रही है।