भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को सीने में संक्रमण की शिकायत के बाद नई दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 98 वर्षीय आडवाणी को शुक्रवार, 16 अक्टूबर की शाम अस्पताल लाया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनकी हालत स्थिर है और डॉक्टर उनकी निगरानी कर रहे हैं।
पल्मोनरी विभाग में उपचार और निगरानी
आडवाणी को अस्पताल के पल्मोनरी विभाग में भर्ती किया गया है, जहां श्वसन संबंधी समस्या के मद्देनजर उनका उपचार और आवश्यक चिकित्सकीय जांच की जा रही है। अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है। उनके स्वास्थ्य को लेकर आगे की जानकारी अस्पताल की आधिकारिक अपडेट के आधार पर ही देखी जानी चाहिए।
इस साल मई में भी अस्पताल में भर्ती हुए थे
आडवाणी को इससे पहले मई 2026 में उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण इसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के बाद उन्हें कुछ दिनों में छुट्टी दे दी गई थी। दिसंबर 2024 में भी उन्हें चिकित्सकीय देखरेख और जांच के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
देश की राजनीति में लंबी भूमिका
लालकृष्ण आडवाणी भारतीय राजनीति और भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने कई बार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी निभाई। अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार में वे 1998 से 2004 तक केंद्रीय गृह मंत्री रहे और 2002 से 2004 तक देश के उपप्रधानमंत्री का पद संभाला।

1990 की राम रथ यात्रा के जरिए वे राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आए और भाजपा के विस्तार में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान के लिए उन्हें 2024 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।
स्वास्थ्य अपडेट पर नजर
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में आडवाणी की हालत स्थिर बताई गई है और वे चिकित्सकीय निगरानी में हैं। उनकी उम्र और पहले हुई अस्पताल में भर्ती की घटनाओं को देखते हुए उनके स्वास्थ्य से जुड़ी खबरों में आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करना महत्वपूर्ण है। अस्पताल की ओर से जारी होने वाली अगली सूचना से उनकी स्थिति के बारे में अधिक स्पष्टता मिल सकती है।
