लालगंज: वैशाली जिले के लालगंज थाना क्षेत्र में शुक्रवार की देर शाम सड़क किनारे रखी गिट्टी-बालू बाइक सवार के लिए जानलेवा साबित हुई। न्यू बाईपास में निर्माण सामग्री के पास पहुंचते ही बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। हादसे में बाइक सवार एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि उसके साथ मौजूद दूसरा व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने दोनों को इलाज के लिए लालगंज रेफरल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने एक व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया।
मृतक की पहचान करताहां थाना क्षेत्र के करताहां गांव स्थित रामागति पोखर के समीप रहने वाले सुरेंद्र कुमार साह के 45 वर्षीय पुत्र वीरेंद्र कुमार साह के रूप में हुई है। वीरेंद्र कुमार पेशे से मजदूर थे और मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। हादसे की खबर मिलते ही उनके परिवार में कोहराम मच गया।
न्यू बाईपास में गिट्टी-बालू के पास अनियंत्रित हुई बाइक
जानकारी के अनुसार, वीरेंद्र कुमार साह शुक्रवार को किसी आवश्यक काम से लालगंज गए थे। देर शाम वह बाइक से अपने घर करताहां लौट रहे थे। इसी दौरान न्यू बाईपास में सड़क के किनारे रखी गिट्टी-बालू के पास पहुंचते ही उनकी बाइक अचानक अनियंत्रित होकर गिर गई।
बाइक पर सवार दोनों लोग सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों ने हादसे की जानकारी परिजनों को दी, जिसके बाद परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और दोनों घायलों को आनन-फानन में लालगंज रेफरल अस्पताल ले गए।
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टर ने एक को मृत घोषित किया
रेफरल अस्पताल में चिकित्सकों ने दोनों घायलों की जांच की। जांच के बाद वीरेंद्र कुमार साह को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि दूसरे घायल का इलाज अस्पताल में जारी है।
वीरेंद्र की मौत की जानकारी मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। इसके बाद परिजन शव को लेकर अपने गांव करताहां चले गए। शव घर पहुंचते ही परिवार में मातम पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे वीरेंद्र
बताया गया है कि वीरेंद्र कुमार साह मजदूरी का काम करते थे। मजदूरी से होने वाली आमदनी के सहारे वह अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। वह अपने माता-पिता के इकलौते वारिस बताए गए हैं।
उनके वृद्ध पिता गांव में ही रहते हैं, जबकि वीरेंद्र की पत्नी अपने तीन बच्चों के साथ दिल्ली में रहती हैं और वहां एक निजी कंपनी में काम करती हैं। हादसे की सूचना उनकी पत्नी को दे दी गई है।
परिजनों के मुताबिक, पत्नी और बच्चों के घर पहुंचने तक शव को बर्फ से ढककर सुरक्षित रखा गया है। उनके पहुंचने के बाद ही अंतिम संस्कार किए जाने की बात कही गई है।
सड़क किनारे निर्माण सामग्री रखने पर उठे सवाल
हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने सड़क किनारे खुले में गिट्टी, बालू और ईंट रखने की समस्या को लेकर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव से लेकर शहर तक कई जगह सड़क के किनारे निर्माण सामग्री रख दी जाती है, जिससे सड़क पर चलने वाले लोगों को परेशानी होती है और दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
ग्रामीणों के अनुसार, सड़क के किनारे रखी निर्माण सामग्री की वजह से कई बार वाहनों को रास्ता बदलना पड़ता है। रात के समय ऐसी सामग्री दिखाई नहीं देने पर दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
घटना की जानकारी मिलने के बाद मृतक के घर पहुंचे पंचायत के पूर्व मुखिया सूरजदेव सिंह समेत ग्रामीणों उपेंद्र कुमार, कृष्णनंदन साह, मनोज कुमार, मुन्ना कुमार, कुंदन कुमार, वृजनन्दन साह और विवेक कुमार ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि सड़क किनारे गिट्टी, बालू और ईंट रखने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि निर्माण सामग्री को सड़क से हटाकर सुरक्षित स्थान पर रखा जाए तो इस तरह के हादसों के खतरे को कम किया जा सकता है।
वीरेंद्र कुमार साह की मौत ने एक बार फिर सड़क किनारे बेतरतीब तरीके से रखी निर्माण सामग्री और उससे पैदा होने वाले सड़क सुरक्षा के खतरे को सामने ला दिया है। परिवार के लिए यह हादसा अपूरणीय क्षति है, वहीं ग्रामीण अब प्रशासन से ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।