शुक्रवार दोपहर के आंकड़ों में 69 में से 18 गेट खुले, ऊपरी हिस्से में 355 फीट और निचले हिस्से में 335.20 फीट रहा जलस्तर; किसानों की फसलों को नुकसान की चिंता बरकरार
बारुण (औरंगाबाद)। सोन नदी के जलस्तर में कमी का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। इंद्रपुरी बराज के 69 गेट में से 18 गेट खुले हैं। बराज से प्राप्त दोपहर 12 बजे के आंकड़ों के अनुसार ऊपरी हिस्से में जलस्तर 355 फीट, जबकि निचले हिस्से में 335.20 फीट दर्ज किया गया।
बराज से ऊपरी हिस्से में 79,101 क्यूसेक तथा निचले हिस्से में 69,265 क्यूसेक पानी का प्रवाह दर्ज किया गया। जलप्रवाह का रुझान फॉलिंग यानी घटता हुआ बताया गया है।
इंद्रपुरी बराज से नहरों में भी जारी रहा पानी का प्रवाह
शुक्रवार दोपहर के आंकड़ों के अनुसार विभिन्न नहरों में भी पानी का प्रवाह दर्ज किया गया। आंकड़े इस प्रकार हैं—
| जल प्रवाह का स्थान | पानी का प्रवाह |
|---|---|
| बराज के ऊपरी हिस्से में | 79,101 क्यूसेक |
| बराज के निचले हिस्से में | 69,265 क्यूसेक |
| पश्चिमी लिंक नहर | 5,511 क्यूसेक |
| पश्चिमी समानंतर लिंक नहर | 807 क्यूसेक |
| पूर्वी लिंक नहर/पटना कैनाल | 3,518 क्यूसेक |
बराज के 69 में से 18 गेट खुले होने के साथ जलप्रवाह में कमी का रुझान बना हुआ है।
तटीय क्षेत्रों में कम होने लगा पानी का दबाव
सोन नदी के जलस्तर में कमी आने से नदी के तटीय क्षेत्रों में पानी का दबाव कम होने लगा है। इससे नदी किनारे रहने वाले लोगों और किसानों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, हाल में बढ़े जलस्तर का असर अभी भी कई इलाकों में दिखाई दे रहा है। नदी के किनारे स्थित कई क्षेत्रों में फसलों को नुकसान पहुंचा है।
खेतों में जमा पानी और कटाव से किसानों की परेशानी
जलस्तर बढ़ने के दौरान खेतों में पानी जमा होने और तेज बहाव के कारण हुए कटाव ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जलस्तर अब घट रहा है, लेकिन खेतों में जमा पानी और फसलों को हुए नुकसान का असर किसानों पर बना हुआ है।
किसानों के लिए फिलहाल राहत की बात यह है कि सोन नदी का जलस्तर लगातार कम होने का रुझान दिखा रहा है। इसके बावजूद तटीय क्षेत्र के किसानों को अभी सतर्क रहने की जरूरत है।