पुलिसवाले के बेटे से लॉरेंस बिश्नोई के करीबी तक का सफर, 2017 में स्टूडेंट वीजा पर कनाडा गया; अब अमेरिका ने संगठित अपराध, हत्या, जबरन वसूली और ड्रग्स से जुड़े आरोपों में FBI की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में डाला
नई दिल्ली/वॉशिंगटन। कभी पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब से निकलकर कनाडा पहुंचा सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ अब अमेरिका की सबसे चर्चित भगोड़ों की सूची में शामिल हो गया है। FBI ने बराड़ को अपनी Ten Most Wanted Fugitives लिस्ट में डालते हुए उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी के लिए 10 लाख डॉलर यानी करीब 8.3 करोड़ रुपए तक के इनाम का ऐलान किया है।
FBI के मुताबिक, बराड़ इस सूची में शामिल होने वाला 543वां व्यक्ति है। अमेरिकी एजेंसी का आरोप है कि वह लॉरेंस बिश्नोई ऑर्गनाइज्ड क्राइम ग्रुप का उत्तरी अमेरिका में कथित प्रमुख है और उसके नेटवर्क का संबंध हत्या, गोलीबारी, अपहरण, जबरन वसूली, ड्रग्स और हथियारों की तस्करी जैसी आपराधिक गतिविधियों से रहा है।
लेकिन आखिर गोल्डी बराड़ है कौन? और एक छोटे शहर से निकलकर उसका नाम भारत से अमेरिका और कनाडा तक फैले कथित क्राइम नेटवर्क में कैसे पहुंचा?
कौन है गोल्डी बराड़?
गोल्डी बराड़ का असली नाम सतिंदरजीत सिंह है। वह पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब का रहने वाला है और उसका जन्म 1994 में हुआ था। इंटरपोल के Red Corner Notice से जुड़ी रिपोर्टों में उसकी जन्मतिथि 11 मार्च 1994 दर्ज बताई गई है। उसके पिता पंजाब पुलिस में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर रह चुके हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, बराड़ ने ग्रेजुएशन तक पढ़ाई की थी। उसके शुरुआती जीवन के बारे में उपलब्ध रिपोर्टों में बताया गया है कि कॉलेज के दौर में उसका संपर्क पंजाब की छात्र राजनीति और अपराध की दुनिया से जुड़े लोगों से हुआ।
यहीं से उसकी जिंदगी का रास्ता धीरे-धीरे बदलता गया।
लॉरेंस बिश्नोई से कैसे जुड़ा?
गोल्डी बराड़ का नाम सबसे ज्यादा लॉरेंस बिश्नोई के साथ जुड़ा। रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों की पहचान कॉलेज और छात्र राजनीति के दौर में हुई थी। बाद में यह संबंध कथित आपराधिक नेटवर्क में बदल गया।
बिश्नोई के जेल जाने के बाद भी उसका नेटवर्क भारत से बाहर सक्रिय रहने के आरोप लगते रहे और बराड़ को इस नेटवर्क का विदेश में महत्वपूर्ण चेहरा माना जाने लगा। अमेरिकी जांच एजेंसियां भी अब उसे बिश्नोई ऑर्गनाइज्ड क्राइम ग्रुप के उत्तरी अमेरिका में कथित लीडर के तौर पर देख रही हैं।
2017 में स्टूडेंट वीजा पर कनाडा पहुंचा
गोल्डी बराड़ 2017 में स्टूडेंट वीजा पर कनाडा गया। बाद की जांच और मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि कनाडा पहुंचने के बाद उसने वहीं से बिश्नोई नेटवर्क के लिए काम करना शुरू किया।
अगस्त 2026 में प्रकाशित एक जांच रिपोर्ट के मुताबिक, कनाडा पहुंचने के बाद बराड़ ने उत्तरी अमेरिका में संगठन का नेटवर्क बढ़ाने में भूमिका निभाई। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि उसने कनाडा के छात्र वीजा सिस्टम का इस्तेमाल वहां पहुंचने के लिए किया था।
यानी भारत में मौजूद कथित नेटवर्क और विदेश में मौजूद सहयोगियों के बीच बराड़ एक महत्वपूर्ण कड़ी बनता गया।
पहला बड़ा नाम: गुरलाल सिंह पहलवान हत्याकांड
भारत में बराड़ का नाम कई आपराधिक मामलों से जुड़ा है। इनमें फरीदकोट के जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष गुरलाल सिंह पहलवान की हत्या का मामला भी शामिल है।
रिपोर्टों के मुताबिक, बराड़ पर इस हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप लगा और इसके बाद उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी हुआ। हालांकि इन मामलों में आरोप और अदालत में दोषसिद्धि अलग-अलग कानूनी प्रक्रियाएं हैं।
यहीं से उसका नाम पंजाब के गैंगवार और संगठित अपराध की खबरों में तेजी से सामने आने लगा।
फिर आया सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड
29 मई 2022 को पंजाबी गायक और कांग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला की पंजाब के मानसा जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई।
इस हत्याकांड के बाद गोल्डी बराड़ का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया। उस पर हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप लगे और एक कथित सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए हत्या की जिम्मेदारी लेने की बात भी सामने आई।
भारतीय जांच एजेंसियों ने उसे इस केस में प्रमुख आरोपियों में शामिल किया। बाद में इंटरपोल ने उसके खिलाफ Red Corner Notice जारी किया।
भारत से कनाडा और फिर अमेरिका तक पहुंचा नेटवर्क
मूसेवाला हत्याकांड के बाद बराड़ का नाम सिर्फ पंजाब तक सीमित नहीं रहा। उस पर भारत में हत्या, हत्या की साजिश, रंगदारी, हथियारों और ड्रग्स से जुड़े कई मामलों में वांछित होने की जानकारी सामने आती रही।
इसके बाद कनाडा में भी उसका नाम वांछित अपराधियों की सूची में आया। अब अमेरिका की जांच में भी उसका नाम एक ऐसे कथित नेटवर्क के साथ जोड़ा गया है, जिसके तार कई देशों तक फैले बताए गए हैं।
FBI के मुताबिक, बराड़ के संबंध अमेरिका, कनाडा, भारत और मैक्सिको तक बताए गए हैं। एजेंसी का कहना है कि वह कैलिफोर्निया और कनाडा के अलग-अलग हिस्सों में रह सकता है।
अमेरिका में अब किन आरोपों का सामना कर रहा है?
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, बराड़ के खिलाफ 1 जुलाई 2026 को कैलिफोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की अमेरिकी जिला अदालत से गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था।
उस पर मुख्य रूप से ये आरोप लगाए गए हैं—
- RICO conspiracy यानी संगठित आपराधिक गतिविधियों से जुड़े नेटवर्क की साजिश
- जबरन वसूली के जरिए कारोबार में हस्तक्षेप करने की साजिश
- कारोबार में जबरन वसूली के जरिए हस्तक्षेप का प्रयास
- नियंत्रित मादक पदार्थों के वितरण की साजिश
- ड्रग्स को बेचने के इरादे से रखने की साजिश
FBI के अनुसार, जांच में बराड़ को लॉरेंस बिश्नोई ऑर्गनाइज्ड क्राइम ग्रुप का उत्तरी अमेरिका में कथित नेता माना गया है।
नॉर्थ अमेरिका में किस तरह का नेटवर्क?
FBI का कहना है कि बिश्नोई ग्रुप से जुड़ी कथित गतिविधियों में टारगेट किलिंग, गोलीबारी, हत्या, अपहरण, रंगदारी, हमले और ड्रग्स व हथियारों की तस्करी शामिल रही है।
अमेरिकी जांच में जून 2023 में कनाडा में हुई सिख नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का भी उल्लेख आया है। अमेरिकी अभियोग में बराड़ को इस मामले से जुड़े कथित नेटवर्क का हिस्सा बताया गया है। इन आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत की प्रक्रिया में होना है।
Operation Hardball के बाद बढ़ा अमेरिकी दबाव
गोल्डी बराड़ के खिलाफ यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब अमेरिका ने Operation Hardball के जरिए भारत से जुड़े ट्रांसनेशनल ऑर्गनाइज्ड क्राइम नेटवर्क पर बड़ा शिकंजा कसा है।
अमेरिकी न्याय विभाग ने 7 जुलाई 2026 को बताया था कि इस अभियान के तहत तीन अलग-अलग अभियोगों में 37 लोगों को आरोपी बनाया गया। अमेरिकी अधिकारियों ने इन नेटवर्क पर हत्या, गोलीबारी, रंगदारी, आगजनी और बड़े पैमाने पर ड्रग्स की तस्करी जैसे अपराधों में शामिल होने का आरोप लगाया।
इसी व्यापक जांच के बीच गोल्डी बराड़ को FBI की सबसे महत्वपूर्ण भगोड़ा सूची में डालना उसके खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई को एक नया स्तर देता है।
FBI की ‘Ten Most Wanted’ लिस्ट में 543वां नाम
FBI ने Ten Most Wanted Fugitives लिस्ट की शुरुआत 1950 में की थी। इसका मकसद गंभीर मामलों में वांछित भगोड़ों के बारे में लोगों से जानकारी हासिल करना और उनकी गिरफ्तारी में मदद लेना है।
गोल्डी बराड़ इस सूची में शामिल होने वाला 543वां व्यक्ति है।
FBI ने उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी के लिए 10 लाख डॉलर तक के इनाम की घोषणा की है।
कनाडा की पुलिस भी FBI के साथ
Royal Canadian Mounted Police यानी RCMP ने भी गोल्डी बराड़ के खिलाफ कार्रवाई में FBI के साथ सहयोग जारी रखने की बात कही है।
RCMP की डिप्टी कमिश्नर लिसा मोरलैंड ने कहा कि बराड़ और उसके नेटवर्क पर हत्या, गोलीबारी, धमकी, रंगदारी, आगजनी और ड्रग तस्करी जैसी गतिविधियों से जुड़े आरोप हैं। उनके मुताबिक, FBI की Ten Most Wanted सूची में उसका नाम शामिल होना उसे पकड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के सहयोग को और मजबूत करता है।
अब FBI की नजर सिर्फ गोल्डी पर नहीं, पूरे नेटवर्क पर
गोल्डी बराड़ की कहानी पंजाब के एक छोटे शहर से शुरू होकर छात्र राजनीति, गैंग नेटवर्क, कनाडा और फिर अमेरिकी जांच तक पहुंचती है। उसके खिलाफ भारत में चल रहे मामलों से लेकर अब अमेरिका में लगाए गए RICO और ड्रग्स से जुड़े आरोपों तक, अलग-अलग देशों की एजेंसियां उसके कथित नेटवर्क की कड़ियों की जांच कर रही हैं।
अब FBI की Ten Most Wanted सूची में नाम आने के बाद उसकी तलाश के लिए आम लोगों से भी मदद मांगी गई है।
यानी जिस नाम की शुरुआत पंजाब के गैंगवार से हुई थी, वह अब अमेरिका की सबसे चर्चित भगोड़ा सूची में पहुंच चुका है—और उसके सिर पर 1 मिलियन डॉलर का इनाम है।
FBI की अपील
FBI ने लोगों से गोल्डी बराड़ के ठिकाने या उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने की अपील की है। एजेंसी ने कहा है कि कोई भी व्यक्ति उससे खुद संपर्क या सामना करने की कोशिश न करे, बल्कि जानकारी सीधे कानून प्रवर्तन एजेंसियों तक पहुंचाए।