इमामगंज के सरदावा गांव में मंगलवार सुबह हुई घटना से मचा हड़कंप, सिर पर औजार से वार किए जाने की बात; परिजनों ने गोतिया पर जताया संदेह, पुलिस को आवेदन का इंतजार
गया/इमामगंज। बिहार के गया जिले में मंगलवार की सुबह एक वृद्ध की हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई। इमामगंज प्रखंड के सोहेल-सलैया थाना क्षेत्र के सरदावा गांव में 67 वर्षीय ब्रह्मदेव यादव का शव उनके घर के पीछे खून से लथपथ हालत में मिला। मृतक के परिजनों ने लंबे समय से चले आ रहे जमीन विवाद को हत्या की वजह बताते हुए अपने गोतिया पर संदेह जताया है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार, वृद्ध के सिर पर किसी औजार से जोरदार वार किया गया था, जिससे उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, हत्या के पीछे की वास्तविक वजह और इसमें शामिल लोगों की पहचान को लेकर पुलिस जांच कर रही है। फिलहाल जमीन विवाद को लेकर लगाया गया आरोप परिजनों का पक्ष है। पुलिस ने अभी इसे हत्या का अंतिम रूप से प्रमाणित कारण नहीं बताया है।
सुबह घर के पीछे पहुंचे परिजनों की नजर शव पर पड़ी
परिजनों के मुताबिक, मंगलवार सुबह परिवार के सदस्य रोज की तरह शौच के लिए घर के पीछे गए थे। इसी दौरान उनकी नजर ब्रह्मदेव यादव पर पड़ी। वह खून से लथपथ पड़े थे। यह दृश्य देखकर परिजन घबरा गए और शोर मचाने लगे। आवाज सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर जुट गए।

वृद्ध की हत्या की खबर फैलते ही गांव में हलचल मच गई। परिवार के लोग यह समझ नहीं पा रहे थे कि घर के पीछे आखिर उनके साथ क्या हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस को बुलाया गया, जिसके बाद घटनास्थल का निरीक्षण किया गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वृद्ध के सिर पर किसी औजार से हमला किया गया था। चोट इतनी गंभीर थी कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि, हमले में इस्तेमाल किए गए औजार की पहचान और घटना को अंजाम देने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों के संबंध में अभी कोई पुष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
बहू ने जमीन विवाद को बताया हत्या की वजह
मृतक की छोटी बहू नीतू देवी ने आरोप लगाया कि परिवार का अपने गोतिया के साथ लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। उनका संदेह है कि इसी विवाद के कारण ब्रह्मदेव यादव की हत्या की गई।
परिजनों ने प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। परिवार चाहता है कि घटना के पीछे की सच्चाई सामने आए और जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई हो।

जमीन से जुड़े विवाद कई बार परिवारों और रिश्तेदारों के बीच लंबे समय तक चलते रहते हैं। हालांकि, इस मामले में विवाद की प्रकृति, संबंधित जमीन की स्थिति या पहले किसी तरह की धमकी अथवा शिकायत की जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए हत्या की वजह को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी। पुलिस की जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जमीन विवाद का घटना से कोई सीधा संबंध था या नहीं।
मौके पर पहुंची पुलिस, पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
घटना की सूचना मिलते ही सोहेल-सलैया थानाध्यक्ष रविकांत कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मामले की छानबीन की और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल, गया भेज दिया।
थानाध्यक्ष के मुताबिक, वृद्ध के सिर पर किसी औजार से जोरदार हमला किया गया था। उन्होंने बताया कि परिजनों की ओर से अभी तक लिखित आवेदन नहीं दिया गया है। आवेदन मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर आगे की जांच शुरू की जाएगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के संबंध में चिकित्सकीय जानकारी मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही पुलिस परिजनों के बयान और घटनास्थल से मिलने वाले साक्ष्यों के आधार पर मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच करेगी। जांच में यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण होगा कि घटना के समय आसपास कौन मौजूद था और वृद्ध पर हमला किस परिस्थिति में हुआ।

कई सवालों के जवाब जांच के बाद ही मिलेंगे
ब्रह्मदेव यादव की हत्या के मामले में फिलहाल कुछ महत्वपूर्ण सवालों के जवाब सामने आने बाकी हैं। हमला कब और किसने किया? क्या हत्या के पीछे वास्तव में जमीन विवाद था? क्या घटना से पहले किसी तरह की धमकी या विवाद की शिकायत की गई थी? इन सवालों पर अभी आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
पुलिस के सामने सबसे पहले घटना की परिस्थितियों को स्पष्ट करने और आरोपों की जांच करने की चुनौती है। परिजनों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य जांच को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
फिलहाल सरदावा गांव में वृद्ध की हत्या के बाद परिवार शोक में है और परिजन दोषियों की पहचान तथा कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब मामले में पुलिस की जांच और आधिकारिक बयान से ही हत्या के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
