मीठापुर बस स्टैंड के पास स्थित गेस्ट हाउस में नौकरी का झांसा देकर युवतियों को बुलाने का आरोप; मार्च 2025 में भी हुई थी छापेमारी, मालिक की भूमिका की जांच
पटना में नौकरी और बेहतर कमाई का सपना दिखाकर युवतियों को बुलाने और फिर उन्हें कथित तौर पर देह व्यापार में धकेलने का गंभीर मामला सामने आया है। इस बार पुलिस की कार्रवाई मीठापुर बस स्टैंड के पास स्थित गणपति गेस्ट हाउस में हुई है। जक्कनपुर थाने की टीम ने रविवार रात यहां छापेमारी कर पांच युवतियों को बाहर निकाला। इनमें एक नाबालिग भी शामिल है। पुलिस ने देह व्यापार कराने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, गेस्ट हाउस का मालिक विजय कुमार छापेमारी की भनक लगते ही फरार हो गया।
इस मामले को गंभीर बनाने वाली बात सिर्फ गेस्ट हाउस में संदिग्ध गतिविधियों का सामने आना नहीं है। पुलिस की शुरुआती जांच में युवतियों को नौकरी और अच्छी कमाई का लालच देकर पटना बुलाने की बात सामने आई है। यदि जांच में यह आरोप साबित होता है, तो मामला केवल देह व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मानव तस्करी और महिलाओं के शोषण से जुड़े गंभीर अपराधों का रूप ले सकता है। खास बात यह भी है कि इसी गेस्ट हाउस में मार्च 2025 में भी पुलिस छापेमारी कर चुकी है।
तीन कमरों में मिलीं पांच युवतियां, एक नाबालिग भी
सदर डीएसपी-1 मनोज कुमार के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि मीठापुर बस स्टैंड के पास स्थित गणपति गेस्ट हाउस में देह व्यापार कराया जा रहा है। सूचना की जांच के बाद जक्कनपुर थानाध्यक्ष देवेंद्र शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने रविवार रात गेस्ट हाउस में छापेमारी की।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गेस्ट हाउस की दूसरी और तीसरी मंजिल पर बने तीन कमरों की तलाशी ली। वहां से पांच युवतियां और तीन युवक मिले। इनमें एक युवती नाबालिग थी। पुलिस ने पांचों युवतियों को वहां से निकालकर अपने संरक्षण में लिया। कमरों से आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई है।
पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। उनकी पहचान जमुई निवासी राजा कुमार, समस्तीपुर निवासी विनोद पंडित और मीठापुर सब्जी मंडी निवासी अमर कुमार के रूप में हुई है। तीनों पर युवतियों को कथित तौर पर देह व्यापार में धकेलने और इस गतिविधि में शामिल होने के आरोप हैं।
दूसरे जिलों से युवतियों को बुलाने का आरोप
पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गेस्ट हाउस से निकाली गई युवतियां बिहार के अलग-अलग जिलों की रहने वाली हैं। आरोप है कि उन्हें अच्छी नौकरी और बेहतर कमाई का भरोसा देकर पटना बुलाया जाता था। इसके बाद उन्हें देह व्यापार के धंधे में धकेल दिया जाता था।
इस तरह के मामलों में नौकरी का झांसा एक माध्यम बन सकता है, जिसके जरिए युवतियों को उनके परिचित माहौल और परिवार से दूर लाया जाता है। हालांकि, इस मामले में किसने किस युवती से संपर्क किया, नौकरी का प्रस्ताव किस माध्यम से दिया गया और उन्हें पटना लाने में किन लोगों की भूमिका थी—इन सवालों का जवाब पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगा।

एक नाबालिग की मौजूदगी के कारण मामला और संवेदनशील हो गया है। उसकी पहचान से जुड़ी कोई भी जानकारी सार्वजनिक करना कानून और पीड़िता की सुरक्षा के लिहाज से उचित नहीं होगा। पुलिस को यह भी पता लगाना होगा कि युवतियों को कितने समय से वहां रखा जा रहा था और उनके साथ किसी तरह का दबाव, धोखाधड़ी या शोषण हुआ या नहीं।
मार्च 2025 में भी इसी गेस्ट हाउस पर हुई थी छापेमारी
गणपति गेस्ट हाउस पर पुलिस की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई बताई जा रही है। इससे पहले मार्च 2025 में भी यहां छापेमारी हुई थी। उस दौरान पुलिस ने गेस्ट हाउस से युवक-युवतियों को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा था।
करीब डेढ़ साल बाद उसी ठिकाने पर फिर पुलिस की कार्रवाई होना कई सवाल खड़े करता है। पिछली छापेमारी के बाद गेस्ट हाउस के खिलाफ क्या कदम उठाए गए थे? क्या संचालक को कोई चेतावनी या निर्देश दिया गया था? क्या पुलिस की पिछली कार्रवाई के बाद भी यहां संदिग्ध गतिविधियां जारी रहीं? इन सवालों की पड़ताल अब जरूरी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गेस्ट हाउस में लंबे समय से देह व्यापार संचालित होने की आशंका है। होटल मालिक विजय कुमार की भूमिका की भी जांच की जा रही है। हालांकि, उसकी संलिप्तता अभी जांच का विषय है और उसे लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही निकाला जा सकता है।

विजिटर रजिस्टर में 12 अक्टूबर तक की ही एंट्री
छापेमारी के बाद गेस्ट हाउस के रिकॉर्ड की जांच भी की गई। इस दौरान पुलिस को विजिटर रजिस्टर में 12 अक्टूबर तक की ही प्रविष्टियां मिलीं। इसके बाद की एंट्री नहीं मिलने को पुलिस ने गंभीरता से लिया है।
गेस्ट हाउस में ठहरने वाले लोगों का रिकॉर्ड किसी भी जांच में अहम हो सकता है। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि वहां कौन-कौन आया, कितने समय तक ठहरा और किन कमरों का इस्तेमाल हुआ। ऐसे में रजिस्टर में आगे की प्रविष्टियां नहीं मिलना जांच का एक महत्वपूर्ण बिंदु बन गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रिकॉर्ड अधूरा क्यों है और क्या इससे किसी तरह की जानकारी छिपाने की कोशिश हुई।
मालिक की तलाश, गेस्ट हाउस सील करने की तैयारी
पुलिस के मुताबिक, छापेमारी के दौरान गेस्ट हाउस मालिक विजय कुमार मौके से फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। गेस्ट हाउस को सील करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
फिलहाल गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ और बरामद सामग्री के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ेगी। पुलिस के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि युवतियों को पटना तक लाने और कथित देह व्यापार में धकेलने के पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था या नहीं। साथ ही, यह भी जांचना होगा कि गेस्ट हाउस में पहले हुई कार्रवाई के बाद भी ऐसी गतिविधियां कैसे जारी रह सकीं।

गणपति गेस्ट हाउस में दूसरी बार हुई छापेमारी ने पटना में गेस्ट हाउसों की निगरानी और वहां ठहरने वालों के रिकॉर्ड की जांच को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। अब जांच का अहम हिस्सा यह होगा कि इस पूरे मामले में गिरफ्तार तीन आरोपितों के अलावा और कौन-कौन शामिल था और युवतियों को कथित शोषण से बचाने के लिए आगे क्या कार्रवाई की जाती है।
