घरेलू बिल्ली जितनी छोटी है ‘टिलकायो कैट’, DNA जांच में सामने आया अलग अस्तित्व; वैज्ञानिकों ने कहा- अभी भी दुनिया की जैव विविधता का बड़ा हिस्सा अनदेखा
दक्षिण अमेरिका के बोलीविया के घने जंगलों से वैज्ञानिकों ने जंगली बिल्लियों की दुनिया से जुड़ी एक अहम खोज की है। शोधकर्ताओं ने एक ऐसी छोटी और धब्बेदार जंगली बिल्ली की पहचान की है, जिसे अब तक दूसरी समान दिखने वाली बिल्लियों की ही प्रजाति माना जाता था।
विस्तृत DNA जांच के बाद वैज्ञानिकों ने पुष्टि की है कि यह वास्तव में एक अलग और नई प्रजाति है। इसे ‘Leopardus tilcayo’, यानी टिलकायो कैट नाम दिया गया है।
खास बात यह है कि फिलहाल इस नई प्रजाति के सिर्फ एक जीवित सदस्य की ही पुष्टि हुई है। यह 10 साल की एक बिल्ली है, जिसे बोलीविया के एक रेस्क्यू सेंटर में रखा गया है। इसे ‘टिग्रिनो’ नाम से बुलाया जाता है। हालांकि वैज्ञानिकों का मानना है कि जंगलों में इस प्रजाति के और भी सदस्य मौजूद हो सकते हैं।
एक नजर में आम बिल्ली जैसी, लेकिन व्यवहार ने पैदा किया शक
टिलकायो कैट आकार में लगभग घरेलू बिल्ली जितनी ही है। इसके शरीर पर धब्बे और धारियां हैं, जिसकी वजह से इसे दूसरी टाइगर कैट प्रजातियों से अलग पहचानना बेहद मुश्किल है। यही समानता इसकी पहचान में सबसे बड़ी बाधा बनी रही।
बोलीविया की Universidad Mayor de San Andres, La Paz से जुड़ी वैज्ञानिक पाओला नोगालेस-आसकारुंज जब एक रेस्क्यू सेंटर में स्वयंसेवक के तौर पर काम कर रही थीं, तब उनकी नजर ‘टिग्रिनो’ पर पड़ी। उन्हें यह बिल्ली बाकी जंगली बिल्लियों से कुछ अलग लगी।
इस बिल्ली को वर्षों पहले एक स्थानीय व्यक्ति जंगल से लेकर आया था। उस समय उसे लगा था कि यह एक सामान्य घरेलू बिल्ली का बच्चा है। लेकिन जैसे-जैसे वह बड़ी हुई, उसका व्यवहार घरेलू बिल्ली से अलग नजर आने लगा।
युंगास के जंगलों में पहले भी देखी गई थीं ऐसी बिल्लियां
वैज्ञानिकों के मुताबिक बोलीविया के युंगास क्षेत्र के घने जंगलों में पहले भी छोटी जंगली बिल्लियों को देखे जाने की जानकारी सामने आती रही थी। लेकिन इन घटनाओं का वैज्ञानिक स्तर पर पर्याप्त अध्ययन नहीं हो पाया था।
नई प्रजाति की पहचान के लिए शोधकर्ताओं ने अलग-अलग देशों के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर टाइगर कैट समूह की आनुवंशिक संरचना का अध्ययन किया। इसके लिए जीवित बिल्लियों के साथ-साथ संग्रहालयों में रखे पुराने नमूनों से भी DNA संबंधी जानकारी जुटाई गई।
शोध में सामने आया कि इन बिल्लियों की विविधता पहले के अनुमान से कहीं ज्यादा है।
तीन नहीं, पांच प्रजातियों का संकेत
शोधकर्ताओं की यह स्टडी Current Biology जर्नल में प्रकाशित हुई है। अध्ययन के परिणामों ने टाइगर कैट समूह को लेकर वैज्ञानिकों की पुरानी समझ को भी बदल दिया है।
अब तक इस समूह में तीन प्रजातियों की पहचान मानी जाती थी, लेकिन नए आनुवंशिक विश्लेषण से संकेत मिला है कि टाइगर कैट समूह में कम से कम पांच अलग प्रजातियां हो सकती हैं। इनमें बोलीविया से सामने आई नई Leopardus tilcayo भी शामिल है।
ब्राजील की Pontifical Catholic University of Rio Grande do Sul के संरक्षण आनुवंशिकी विशेषज्ञ एडुआर्डो आइजिरिक के मुताबिक इस प्रजाति के बारे में रिकॉर्ड और तस्वीरें बेहद कम थीं। संग्रहालयों में भी इसका पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं था। इसलिए यह प्रजाति लंबे समय तक वैज्ञानिक नजरों से बची रही।
संरक्षण के लिहाज से क्यों अहम है यह खोज?
वैज्ञानिकों के लिए यह खोज सिर्फ एक नई प्रजाति के नाम जुड़ने तक सीमित नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी जीव को बचाने के लिए सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि वह वास्तव में कौन-सी प्रजाति है और उसका प्राकृतिक आवास कहां है।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की Wildlife Conservation Research Unit से जुड़ी शोधकर्ता डॉ. कैरोलिन सार्टर ने बताया कि घरेलू बिल्ली के आकार के इन जीवों को देखकर ऐसा लग सकता है कि इनके बारे में अब तक पूरी जानकारी मिल चुकी होगी, लेकिन यह खोज बताती है कि दुनिया के कम अध्ययन किए गए इलाकों में अभी भी जैव विविधता का बड़ा हिस्सा सामने आना बाकी है।
टाइगर कैट्स पर मंडरा रहा है खतरा
टाइगर कैट्स मध्य और दक्षिण अमेरिका में पाई जाने वाली छोटी, धब्बेदार जंगली बिल्लियों का समूह है। इनका क्षेत्र कोस्टा रिका से लेकर बोलीविया और अर्जेंटीना तक फैला हुआ है।
इन बिल्लियों को पहचानना इसलिए भी कठिन है क्योंकि कई प्रजातियां दिखने में लगभग एक जैसी हैं। विशेषज्ञों के लिए भी केवल शरीर के बाहरी पैटर्न के आधार पर इन्हें अलग करना हमेशा आसान नहीं होता।
वनों की कटाई, प्राकृतिक आवास का लगातार कम होना और अवैध शिकार जैसी समस्याएं इन छोटे जंगली जीवों के लिए बड़ा खतरा हैं। टाइगर कैट समूह की कई प्रजातियों को विलुप्ति के जोखिम का सामना करना पड़ रहा है। नई टिलकायो कैट हालांकि पुराने संरक्षण आकलनों में शामिल नहीं थी, क्योंकि उस समय इसे अलग प्रजाति के रूप में पहचाना ही नहीं गया था।
बड़ी बिल्लियों से लेकर घरेलू बिल्ली तक, एक ही परिवार
जंगली बिल्लियां और हमारी घरेलू बिल्लियां जैविक रूप से Felidae परिवार का हिस्सा हैं। इसी परिवार में छोटी घरेलू बिल्ली से लेकर शेर, बाघ और तेंदुए जैसी बड़ी बिल्लियां भी शामिल हैं।
अब तक बिल्ली परिवार में आधिकारिक तौर पर 41 जीवित प्रजातियां मान्य थीं। टाइगर कैट समूह में नई आनुवंशिक जानकारी और नई प्रजाति की पहचान के बाद वैज्ञानिकों के अनुमान के अनुसार यह संख्या 44 या उससे अधिक हो सकती है।
स्कॉटलैंड के National Museums Scotland के स्तनधारी विशेषज्ञ एंड्रयू किचनर, जो इस शोध में शामिल नहीं थे, ने इन दक्षिण अमेरिकी धब्बेदार बिल्लियों को वर्गीकरण की दृष्टि से बेहद जटिल समूह बताया। उनके अनुसार इनका रूप इतना समान है और संग्रहालयों में इनके नमूने इतने कम हैं कि आधुनिक आनुवंशिक शोध के जरिए ही वैज्ञानिक अब इनके बीच के अंतर को बेहतर तरीके से समझ पा रहे हैं।
सिर्फ एक बिल्ली से शुरू हुई नई प्रजाति की कहानी
एक रेस्क्यू सेंटर में मौजूद 10 साल की ‘टिग्रिनो’ से शुरू हुई यह जांच अब जंगली बिल्लियों की पूरी प्रजातिगत समझ को बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि बोलीविया के जंगलों में आगे किए जाने वाले सर्वे और DNA अध्ययन से इस नई प्रजाति के और सदस्यों का पता चल सकता है। फिलहाल टिलकायो कैट का एक ही जीवित सदस्य वैज्ञानिक रूप से पुष्ट है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि जंगल में इसकी पूरी आबादी इससे कहीं बड़ी हो सकती है।
यह खोज एक बार फिर यह दिखाती है कि नई प्रजातियों की तलाश के लिए हमेशा समुद्र की गहराइयों, दूर-दराज के द्वीपों या किसी अनजान ज्वालामुखी तक जाने की जरूरत नहीं है। दुनिया के घने जंगलों में हमारे आसपास मौजूद छोटे जीवों के बारे में भी विज्ञान के पास अभी कई सवालों के जवाब बाकी हैं।